कांस्टेबल ने कहा- 'HIV संक्रमित हूं, नहीं दे सकता भरण पोषण', हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

Pravesh Shukla | Jul 28, 2025, 17:36 IST
constable-maintenance-petition-rejected the sootr
कांस्टेबल ने पत्नी और बेटी की ओर से दायर भरण-पोषण के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि परिवार न्यायालय का आदेश पूरी तरह वैध है। उसमें हस्तक्षेप की कोई जरूरत नहीं है।

बिलासपुर। कांस्टेबल ने पत्नी और बेटी की ओर से दायर भरण-पोषण के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि परिवार न्यायालय का आदेश पूरी तरह वैध है। उसमें हस्तक्षेप की कोई जरूरत नहीं है।



पढ़ें: एक्सिस बैंक में करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले कर्मचारी के खिलाफ FIR दर्ज,ASI का भाई है आरोपी



जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते

पढ़ें: अरपा-भैंसाझाड़ नहर परियोजना में भ्रष्टाचार करने वाले अफसरों पर सरकार की मेहरबानी, दोषी 11 में से सिर्फ तीन पर ही कार्यवाही



सभी पक्षों को सुनने के कोर्ट ने कहा कि कांस्टेबल पिता होने की अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकता,उसे अपनी बेटी को भरण-पोषण देना होगा। जानकारी के मुताबिक याचिकाकर्ता वर्तमान में कोंडागांव जिला पुलिस बल में कांस्टेबल के पद पर पदस्थ है।





पत्नी ने लगाई थी याचिका

फैमिली कोर्ट ने खारिज की थी याचिका

इस याचिका पर फैमिली कोर्ट अंबिकापुर ने 9 जून 2025 को फैसला सुनाते हुए पत्नी की भरण-पोषण की मांग को खारिज कर दिया था। लेकिन 6 साल की बेटी के पक्ष में 5 हजार रुपए प्रतिमाह भरण-पोषण देने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि नाबालिग बच्ची की परवरिश और शिक्षा के लिए यह सहायता जरूरी है।

पढ़ें; 125 नंबरों की जांच... फिर भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं तोमर ब्रदर्स



फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती

कांस्टेबल ने फैमिली कोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका लगाई। याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि बच्ची उनकी बेटी नहीं है। वो HIV संक्रमित है और उनके इलाज में भारी भरकम खर्च आता है। इससे उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए भरण-पोषण की राशि देना उनके लिए संभव नहीं है।



पढ़ें; छत्तीसगढ़ में शिक्षित बेरोजगार के लिए अवसर, बालोद में संगवारी गुरुजी भर्ती शुरू



'बेटी का भरण-पोषण पिता की जिम्मेदारी'

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सिंगल बेच ने याचिकाकर्ता के सभी तर्कों को सुनने के बाद फैसला सुनाते हुए कहा कि 'फैमिली कोर्ट ने दोनों पक्षों के साक्ष्यों और बयानों को ध्यान में रखकर फैसला सुनाया है। आदेश में कोई कानूनी त्रुटि या तथ्यात्मक गलती नहीं है।




thesootr links



द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧





याचिका खारिज, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला, छत्तीसगढ़ न्यूज, सीजी न्यूज, petition rejected, High Court, Bilaspur, CG News, cg news hindi, Chhattisgarh News



Tags:
  • Chhattisgarh News
  • छत्तीसगढ़ न्यूज
  • CG News
  • सीजी न्यूज
  • High Court
  • हाईकोर्ट
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
  • Bilaspur
  • petition rejected
  • याचिका खारिज
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला
  • cg news hindi