मंत्री नाराज! फिर भी रद्द हुआ अफसर का तबादला आदेश, पुराने कनेक्शन से सभी हैरान
छत्तीसगढ़ के सहकारिता विभाग में एक अलग ही व्यवस्था चल रही है। यहां मंत्री की मंजूरी के बगैर ही अधिकारी आते और जाते हैं। ऐसा ही एक मामला अपेक्स बैंक के एमडी कमल नारायण कांडे को लेकर हुआ है। जिसमें लंबी शिकायत और भ्रष्टाचार के आरोप के बाद कांडे पद से हटाए गए। लेकिन असंतुष्टों की पार्टी शुरू भी नहीं हुई थी कि वापसी का आदेश जारी हो गया। बताया जा रहा है कि नए आदेश से विभागीय मंत्री केदार कश्यप भी खुश नहीं हैं।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल सहकारिता विभाग में एक अधिकारी हैं कमल नारायण कांडे.. उनका मूल प्रभार अपर आयुक्त और अपर पंजीयक सहकारिता है। लेकिन वे पिछले 6 सालों से प्रतिनियुक्ति पर अपेक्स बैंक के एमडी की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसके अलावा वे सहकारिता मंत्री के ओएसडी भी थे। लेकिन नई सरकार में उनके पुराने कामों का हिसाब हुआ तो उसमें 61 करोड़ के भ्रष्टाचार की बात सामने आई। जिससे उनके काम-काज के तरीके पर सवाल उठने लगे।
चेयरमैन की शिकायत पर एक्शन
मामले में अपेक्स बैंक के चेयरमैन केदार गुप्ता ने विभागीय मंत्री केदार कश्यप से शिकायत की। जांच के बाद उन पर कार्रवाई करते हुए कमल नारायण कांडे को न केवल अपेक्स बैंक के एमडी पद से हटाया गया बल्कि सहकारिता मंत्री के ओएसडी पद से भी उनकी विदाई हो गई। विभाग ने शाम आदेश जारी कर उनकी प्रतिनियुक्ति की सेवा समाप्त कर दी। जिसके बाद उन्हें अपर आयुक्त और अपर पंजीयक सहकारिता पद पर भेज दिया गया।
महज दो घंटे बाद आदेश पलटा
कमल नारायण कांडे का आदेश जारी करने के बाद उनसे असंतुष्ट अधिकारियों को पार्टी शुरु भी नहंी हुई थी कि कांडे के संबंध में दूसरा आदेश जारी हो गया। जिसमें दो घंटे पहले जारी आदेश को पलट दिया गया। नए आदेश के मुताबिक कांडे की प्रतिनियुक्ति की सेवा को आगे बढ़ा दिया गया। जिसके बाद विदाई पार्टी का मजा किरकिरा हो गया।
नहीं रहेंगे मंत्री के ओएसडी
बताया जा रहा है कि नया आदेश जारी कर कांडे को दोबारा अपेक्स बैंक एमडी तो बना दिया गया लेकिन इससे मंत्री खुश नही हैं। इसीलिए मंत्री ने ओएसडी पद पर वापस लेने के लिए साफ इंकार कर दिया है। नए आदेश के मुताबिक कांडे अब मंत्री के ओएसडी नहीं रहेंगे।
राजनांदगांव कनेक्शन आया काम?
दरअसल कमलनारायण कांडे मूलतः राजनांदगांव के रहने वाले हैं। उन्होंने वहां लंबे समय तक सेवाएं भी दी हैं। बताया जा है कि उनका यही कनेक्शन काम आया और मंत्री की नाराजगी के बावजूद अपेक्स बैंक एमडी के रुप में उनकी वापसी हुई। कमल नारायण कांडे पर लगे आरोप और ट्रांसफर को लेकर हमने उनसे बात करने की कोशिश की। 5 बार फोन करने के बाद भी उन्होंने जवाब नहीं दिया।
दो महीने में ही रिटायर होने वाले हैं
उनकी वापसी के पीछे एक और फैक्टर को बताया जा रहा है, बताया जा रहा है कि कांडे का सेवाकाल महज दो महीने का ही बचा हुआ है। ऐसे मे उन्होंने मानवता का हवाला देते हुए अपना पक्ष रखा, जिसके बाद उनकी वापसी हुई।
61 करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोप
कमल नारायण कांडे पिछले 6 सालों से प्रतिनियुक्ति पर हैं, विभाग में करोडों का भ्रष्टचार हुआ। बैंक एमडी रहते 61 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। ऐसे मे उनकी प्रतिनियुक्ति सेवा को समाप्त करने वाले आदेश हैरान करने वाला है। जबकि चेयरमैन केदार गुप्ता ने खुद मामले को उजागर करते हुए मंत्री से शिकायत की थी।
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