सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मर चुके इंजीनियर का तबादला आदेश, किरकिरी के बाद किया सुधार
Sanjay Dhiman | Sept 19, 2025, 18:22 IST
Photograph: (the sootr)
छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने हाल ही में एक गलत ट्रांसफर आदेश जारी किया। आदेश में एक सब इंजीनियर, जिनकी दो महीने पहले ही मौत हो चुकी थी, का भी तबादला कर दिया गया।
छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग का एक आदेश बीते कुछ दिनों से चर्चाओं के केंद्र में बना हुआ है। विभाग द्वारा एक ऐसे सब इंजीनियर का तबादला कर दिया गया, जिसकी मौत हुए दो महीने से अधिक का समय बीत चुका है।
ट्रांसफर लिस्ट में नाम आने के बाद जहां मृत सब इंजीनियर का परिवार सकते में है, वहीं विभाग की कार्यप्रणाली पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं। गलती का अहसास होने पर विभाग के अधिकारियों ने भूल सुधार करते हुए अब नई तबादला सूची जारी की है, जिसमें सब इंजीनियर का नाम हटाया गया है।
17 सितंबर 2025 को छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन और विकास विभाग द्वारा जारी किए गए अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादला आदेश में कुल 267 कर्मचारियों और अधिकारियों का नाम था। इस सूची में सहायक अधीक्षक से लेकर कार्यपालन अभियंता और प्रभारी कार्यपालन अभियंता तक के नाम थे। लेकिन इस सूची में सबसे बड़ी गलती यह हुई कि एक मृतक इंजीनियर का नाम भी इस सूची में था।
यह खबरें भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों की सैलरी पर मंडराया खतरा, 30 सितंबर से पहले करना होगा यह काम, जानें क्या है मामला
छत्तीसगढ़ कोल इंडिया कर्मचारियों को बड़ी राहत, अब परिवार के लोग नहीं होंगे परेशान, जानें पूरी Detail..
![whatsapp-image-2025-09-19-at-43900-pm_1758280269-115911]()
जिन्हें विभाग ने ट्रांसफर किया था, उनका नाम था योगानंद सोम, जो दो महीने पहले ही इस दुनिया से अलविदा हो चुके थे। उनके नाम का उल्लेख सूची में 18वें क्रमांक पर था और आदेश के अनुसार उनका तबादला दल्लीराजहरा नगर पालिका से नगर पंचायत तुमगांव कर दिया गया था। हालांकि, यह गलती अधिकारियों द्वारा सही समय पर पकड़ ली गई और नया आदेश जारी किया गया।
जैसे ही विभाग को इस गलती का एहसास हुआ, तुरंत ही 18 सितंबर 2025 का नया आदेश जारी किया गया, जिसमें लिखा गया कि "सरल क्रमांक 18 में अंकित नाम को विलोपित किया जाता है।" इसके बाद विभाग ने तुरंत इस चूक को सुधार लिया, लेकिन इस घटना ने सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का कारण बना दिया।
नई सूची के जारी होते ही सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से फैल गई। लोग विभाग की कार्यप्रणाली और उसकी सतर्कता पर सवाल उठाने लगे। यह घटना यह दर्शाती है कि प्रशासन के कामकाज में इतनी बड़ी चूक कैसे हो सकती है। साथ ही, यह भी सवाल उठता है कि जब एक अधिकारी की मौत हो चुकी हो, तो उनका नाम ट्रांसफर सूची में कैसे शामिल हो सकता है।
यह खबरें भी पढ़ें...
सचिन पायलट की रैली में पैसे देकर भीड़ बुलाने का आरोप!,छत्तीसगढ़ भाजपा ने पोस्ट किया वीडियो
छत्तीसगढ़ कांग्रेस विधायक का ऑडियो वायरल, रेत खनन के लिए दस लाख डील की बातचीत, विधायक ने कहा बदनाम करने की साजिश
विभाग ने अपनी गलती मानते हुए नया आदेश जारी किया और इस चूक के लिए खेद व्यक्त किया। विभाग ने कहा कि यह केवल एक "टंकन त्रुटि" थी और इसके लिए विभाग पूरी तरह से जिम्मेदार है। नया आदेश जारी करते हुए यह साफ कर दिया गया कि मृतक इंजीनियर का नाम सूची से हटा दिया गया है।
ट्रांसफर लिस्ट में नाम आने के बाद जहां मृत सब इंजीनियर का परिवार सकते में है, वहीं विभाग की कार्यप्रणाली पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं। गलती का अहसास होने पर विभाग के अधिकारियों ने भूल सुधार करते हुए अब नई तबादला सूची जारी की है, जिसमें सब इंजीनियर का नाम हटाया गया है।
तबादला आदेश में गलती
यह खबरें भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों की सैलरी पर मंडराया खतरा, 30 सितंबर से पहले करना होगा यह काम, जानें क्या है मामला
छत्तीसगढ़ कोल इंडिया कर्मचारियों को बड़ी राहत, अब परिवार के लोग नहीं होंगे परेशान, जानें पूरी Detail..
whatsapp-image-2025-09-19-at-43900-pm_1758280269-115911
इस दिवंगत उप अभियंता का नाम सूची में
गलती का सुधार
मृत अधिकारी के तबादले के मामले को ऐसे समझेंगड़बड़ी का खुलासा: छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन विभाग ने 18 सितंबर को जारी ट्रांसफर सूची में एक मृतक इंजीनियर का नाम शामिल कर दिया था।मृतक इंजीनियर: उप अभियंता योगानंद सोम का नाम ट्रांसफर सूची में था, जबकि उनकी मृत्यु दो महीने पहले हो चुकी थी। तबादला आदेश: मृतक इंजीनियर का तबादला दल्लीराजहरा नगर पालिका से नगर पंचायत तुमगांव किया गया था। गलती का सुधार: गलती का एहसास होते ही विभाग ने नया आदेश जारी किया और मृतक का नाम सूची से हटा दिया। सोशल मीडिया पर चर्चा: यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। |
सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
यह खबरें भी पढ़ें...
सचिन पायलट की रैली में पैसे देकर भीड़ बुलाने का आरोप!,छत्तीसगढ़ भाजपा ने पोस्ट किया वीडियो
छत्तीसगढ़ कांग्रेस विधायक का ऑडियो वायरल, रेत खनन के लिए दस लाख डील की बातचीत, विधायक ने कहा बदनाम करने की साजिश
विभाग ने क्या कहा?
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari