करोड़ों की कारों को किराए पर लेकर बेच देता था शातिर... 23 कार जब्त
Chhattisgarh Fraud Case : धोखाधड़ी की इस कहानी को सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे। शातिर एक व्यक्ति महंगी कारों को मंथली किराए में लेने के बहाने गिरवी चढ़ा देता था। ऐसा करके ठग ने 2 करोड़ से ज्यादा कीमत की 23 कारों को किराए के बहाने गिरवी पर चढ़ा दिया। इनमें से कुछ कारों को ठग ने बेच डाला। कार के मालिक जब उससे हर महीने के किराए का पैसा मांगते थे तो वह टालमटोल करने लगता था। पुलिस ने आरोपी के पास से 2 करोड़ से ज्यादा कीमत की 23 कारों को जब्त किया है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।
भूपेश बघेल पर बढ़ा संकट, आबकारी मंत्री रहे लखमा के घर ED का छापा
25 हजार महीने किराया का दिया झांसा
रायपुर SSP लाल उम्मेद सिंह के मुताबिक, त्रिलोक साहू ने 30 दिसंबर को पुलिस को शिकायत में बताया कि व्हाट ट्रांसपोर्टिंग का काम करता है। उसने दो महीने पहले अपने स्वीफ्ट डिजायर कार को जगमोहन सिंह मसराम को मंथली रेंट पर किराए पर दिया था। जगमोहन ने उसे 25 हजार महीने किराया देने की बात कही। त्रिलोक ने जब उसे किराया मांगा तो टालमटोल करने लगा।
कांग्रेस के लिए अच्छी खबर, घर वापसी के लिए नेताओं की लंबी लाइन
दर्जन भर लोगों की कार बेची
त्रिलोक को जगमोहन पर शक हुआ तो उसने पता लगाने की कोशिश की। तब उसे जानकारी मिली कि उसकी कार को जगमोहन ने किसी दूसरे को बेच दिया है। इसके अलावा उसने तेज प्रताप देवांगन, छत्रपाल साहू जैसे अन्य लोगों को भी कई महीनो से कार का किराया नहीं दिया है। साथ ही जगमोहन सिंह मशराम ने जयसिंग, राकेश नायक, दुर्गा प्रसाद, राकेश साहू, देवेन्द्र कुमार वर्मा, अक्षय नोनिया, रघुवीर साहू व अन्य लोगो से भी वाहन किराये मे लेकर, किराया न देकर उनसे लगातार धोखाधड़ी करता रहा।
कांग्रेस के पुराने दिन फिर आएंगे वापस, बस ये मान जाएं तो...
23 गाड़ियां जब्त
इस मामले में सिविल लाइन पुलिस को शिकायत मिलते ही 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ किया गया। तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने बेची हुई और गिरवी रखे 23 गाड़ियां जब्त की है। इन गाड़ियों की कीमत 2 करोड रुपए है। आरोपी मूल रूप से भाटापारा बलौदाबाजार का रहने वाला है। वर्तमान में वह बोरिया खुर्द में निवास कर रहा था।
FAQ
- आरोपी ने महंगी कारों को गिरवी रखने और बेचने का क्या तरीका अपनाया था?
आरोपी जगमोहन सिंह मसराम महंगी कारों को मंथली किराए पर लेने के बहाने हासिल करता था। इसके बाद वह उन कारों को गिरवी रख देता था या बेच देता था। कार के मालिकों को उसने हर महीने 25,000 रुपये किराए का झांसा दिया था। - पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कितनी गाड़ियां जब्त की हैं, और उनकी कुल कीमत कितनी है?
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 23 गाड़ियां जब्त की हैं। इन गाड़ियों की कुल कीमत 2 करोड़ रुपये से अधिक है। - आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाला पहला व्यक्ति कौन था, और उसे धोखाधड़ी का पता कैसे चला?
त्रिलोक साहू ने सबसे पहले आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उसे शक तब हुआ जब आरोपी ने किराया देने में टालमटोल किया। बाद में त्रिलोक ने पता लगाया कि उसकी कार को आरोपी ने किसी और को बेच दिया है।
छत्तीसगढ़ में श्रीगणपति महायज्ञ, सुख-समृद्धि और उन्नति का बनेगा योग