महाराष्ट्र में नक्सली पोस्टर फेंककर फैलाई दहशत, छत्तीसगढ़ का NMDC कर्मी गिरफ्तार
समझें क्या है पूरा मामला...
- गढ़चिरौली नक्सली बैनर-पोस्टर मामले में NMDC कर्मचारी गिरफ्तार।
- अहमदाबाद से गिरफ्तारी के बाद किरंदुल स्थित घर पर छापा।
- घर से दस्तावेज, मोबाइल और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए।
- दहशत फैलाकर माइनिंग कंपनियों से कथित वसूली का आरोप।
- UAPA समेत गंभीर धाराओं में केस, नेटवर्क की जांच जारी।
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में नक्सलियों के नाम से बैनर-पोस्टर फिंकवाने के मामले की जांच अब दंतेवाड़ा तक पहुंच गई है। गढ़चिरौली पुलिस ने किरंदुल निवासी NMDC (National Mineral Development Corporation) कर्मचारी ईश्वर राव को 27 जुलाई को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया। जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरोपी नक्सल प्रभावित इलाकों में दहशत बनाए रखकर माइनिंग कंपनियों से मोटी रकम वसूलता था।
रिमांड पर लेने के बाद पुलिस की स्पेशल टीम 30 जुलाई को उसे लेकर दंतेवाड़ा पहुंची। स्थानीय पुलिस के साथ किरंदुल स्थित उसके मकान पर दबिश देकर कई दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए।
यह मामला गढ़चिरौली के पिपली बुर्गी थाना क्षेत्र का है, जहां माओवादियों के नाम से बैनर-पोस्टर फेंके गए थे।
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
जांच के दौरान पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। उनसे पूछताछ में ईश्वर राव का नाम सामने आने का पुलिस का दावा है।
अहमदाबाद से हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने ईश्वर राव को 27 जुलाई को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई।
30 जुलाई को स्पेशल टीम उसे लेकर दंतेवाड़ा पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से किरंदुल स्थित उसके घर पर छापा मारा। वहां से कई अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए।
मोबाइल और बैंक खातों की हो रही जांच
पुलिस अब आरोपी के मोबाइल, कॉल डिटेल, डिजिटल रिकॉर्ड और बैंक खातों की जांच कर रही है। इसके साथ ही उसके नेटवर्क से जुड़े NMDC के अन्य कर्मचारियों, ठेकेदारों और स्थानीय साझेदारों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
पुलिस के मुताबिक सबूत मिलने पर आगे और कार्रवाई की जाएगी।
दहशत बनाकर होती थी वसूली, आरोप
जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरोपी बैलाडीला और गढ़चिरौली के खनन क्षेत्रों में ठेकेदारी और लाइजनिंग से जुड़ा था। आरोप है कि वह नक्सल प्रभावित इलाकों में कंपनियों का काम निर्बाध चलवाने के नाम पर मोटी रकम वसूलता था।
बस्तर में नक्सल प्रभाव घटने से जब कंपनियों में दहशत कम हुई, तो उसकी पूछपरख और कमाई प्रभावित होने लगी। इसी वजह से माओवादियों के नाम पर बैनर-पोस्टर फिंकवाकर डर का माहौल दोबारा खड़ा करने की साजिश रची गई, ऐसा जांच एजेंसियों का मानना है।
पुरानी नक्सली वारदातें भी शक के दायरे में
इस गिरफ्तारी के बाद बैलाडीला क्षेत्र और NMDC परिसर में हुई पुरानी नक्सली वारदातें भी संदेह के दायरे में आ गई हैं। हालांकि इन घटनाओं से आरोपी का संबंध जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
किरंदुल में दिनभर होती रही चर्चा
NMDC कर्मचारी की गिरफ्तारी और उसके मकान पर छापे से किरंदुल तथा बैलाडीला माइनिंग बेल्ट में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के बीच दिनभर इस कार्रवाई की चर्चा होती रही।
पुलिस के मुताबिक जांच अभी जारी है और आरोपी से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
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