सरकार का दावा, खाद की कोई कमीं नहीं, खाद की किल्लत पर प्रशासन की सफाई

Harrison Masih | Jul 14, 2025, 20:28 IST
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खरीफ फसल की बुवाई के समय किसानों के बीच डीएपी (DAP) खाद की कमी को लेकर चिंता बढ़ रही थी, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार ने साफ किया है कि राज्य में खाद की कोई कमी नहीं है।

खरीफ फसल की बुवाई के समय किसानों के बीच डीएपी (DAP) खाद की कमी को लेकर चिंता बढ़ रही थी, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार ने साफ किया है कि राज्य में खाद की कोई कमी नहीं है। सरकार ने बताया कि डीएपी के साथ-साथ दूसरे खाद जैसे एनपीके, एसएसपी और नैनो डीएपी की भी भरपूर व्यवस्था की गई है, ताकि किसानों को किसी तरह की दिक्कत न हो।



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क्या कहा सरकार ने?

सरकार ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय कारणों की वजह से डीएपी की सप्लाई थोड़ी कम हुई है, लेकिन उसका समाधान पहले से तैयार कर लिया गया है। डीएपी की जगह दूसरे उर्वरक जैसे नैनो डीएपी, एनपीके और एसएसपी का उपयोग किया जा सकता है।



कितनी मात्रा में खाद भंडारित है?

डीएपी:


अभी तक 1.63 लाख मीट्रिक टन डीएपी खाद भंडारित किया जा चुका है। जुलाई में और 48 हजार मीट्रिक टन डीएपी की सप्लाई राज्य को मिलेगी।



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नैनो डीएपी:


राज्य में अभी 1.79 लाख बॉटल नैनो डीएपी स्टॉक में रखी गई हैं। यह डीएपी का एक हल्का और असरदार विकल्प है, जिसे फसल पर छिड़का जाता है।



एनपीके:


यह भी एक उर्वरक है जो फसल की अच्छी बढ़त में मदद करता है। सरकार ने 25,266 मीट्रिक टन अधिक एनपीके स्टॉक कर लिया है।



एसएसपी (Single Super Phosphate):


इसका उपयोग खासकर दलहनी और तिलहनी फसलों में होता है। इसमें 71,363 मीट्रिक टन अधिक भंडारण किया गया है।



पोटाश:


पोटाश का भी 60 हजार मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 77 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा स्टॉक किया गया है।



यूरिया का भी पर्याप्त स्टॉक

धान की खेती में यूरिया का इस्तेमाल तीन बार किया जाता है, बोआई के समय, कंसा निकलते वक्त और फसल के बढ़ते समय। राज्य में अब तक 6 लाख मीट्रिक टन यूरिया का भंडारण हो चुका है और आगे और यूरिया आना बाकी है।



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डीएपी की जगह कैसे काम करेगा दूसरा खाद?

सरकार ने बताया कि एनपीके और एसएसपी मिलाकर 72 हजार मीट्रिक टन डीएपी की कमी की भरपाई हो जाएगी। इन खादों को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों और कृषि अधिकारियों की सलाह पर डीएपी की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है।



राज्य में खाद की कोई कमी नहीं
सरकार ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में सभी प्रकार के रासायनिक उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है।

डीएपी की आपूर्ति में कमी, लेकिन विकल्प तैयार
वैश्विक कारणों से डीएपी की सप्लाई थोड़ी कम हुई है, लेकिन नैनो डीएपी, एनपीके और एसएसपी जैसे खादों की व्यवस्था कर दी गई है।

भारी मात्रा में खाद का भंडारण
1.63 लाख मीट्रिक टन डीएपी

1.79 लाख बोतल नैनो डीएपी

25 हजार मीट्रिक टन अतिरिक्त एनपीके

71 हजार मीट्रिक टन अतिरिक्त एसएसपी

6 लाख मीट्रिक टन यूरिया

विकल्पों से होगी डीएपी की भरपाई
एनपीके और एसएसपी से 72 हजार मीट्रिक टन डीएपी की कमी की पूर्ति की जाएगी, जिससे खेती प्रभावित नहीं होगी।

मुख्यमंत्री की अपील – किसान न घबराएं
सीएम विष्णु देव साय ने कहा कि सभी खाद सोसायटियों और दुकानों में उपलब्ध हैं, किसान विकल्पों का इस्तेमाल कर बेहतर उत्पादन ले सकते हैं।



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किसानों से मुख्यमंत्री की अपील

अब तक का कुल खाद भंडारण



राज्य में इस खरीफ सीजन के लिए अब तक 13.18 लाख मीट्रिक टन खाद का भंडारण हो चुका है, जो पिछले साल की तुलना में ज्यादा है।



छत्तीसगढ़ में डीएपी खाद की थोड़ी कमी है, लेकिन उसका विकल्प सरकार ने पहले ही तैयार कर लिया है। नैनो डीएपी, एनपीके, एसएसपी जैसे खाद पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं। किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है, सरकार ने हर स्तर पर तैयारी कर ली है।



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