महाकुंभ में उप महाधिवक्ता और अतिरिक्त महाधिवक्ता से साथ ठगी, लगा चूना

Marut raj | Jan 16, 2025, 10:56 IST
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प्रयागराज महाकुंभ में उप महाधिवक्ता और अतिरिक्त महाधिवक्ता से साथ ऑनलाइन ठगी होने का मामला सामने आ रहा है। इनके साथ रूम बुकिंग के दौरान ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया है।

प्रयागराज महाकुंभ में उप महाधिवक्ता और अतिरिक्त महाधिवक्ता से साथ ऑनलाइन ठगी होने का मामला सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के एडिशनल एडवोकेट जनरल और डिप्टी एडवोकेट जनरल के साथ रूम बुकिंग के दौरान ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया है। प्रयागराज महाकुंभ में एडिशनल एजी सुनील काले और डिप्टी एजी विनय पांडे ऑनलाइन ठगी के शिकार हुए हैं। डिप्टी एजी के पीए ने ठगी की सूचना चकरभाठा थाने में दी है। फिलहाल इस मामले में चकरभाठा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।



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वकील फर्जी ADM बना, हार्ट अटैक से हुआ था खुलासा

प्रयागराज महाकुंभ में पिछले दिनों छत्तीसगढ़ के कोरबा में रहने वाले वकील का ADM बनकर रौब जमाने का मामला भी सामने आया था। कोरबा के रहने वाले विक्रम कुमार जायसवाल ने खुद को कोरबा जिले का एडीएम बताया था। यह जानकारी उन्होंने हॉस्पिटल में दी थी। दरअसल, रविवार को प्रयागराज माघ मेले में विक्रम परिवार सहित मेला घूमने निकले थे।



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इसी दौरान उनको अचानक दिल का दौरा पड़ा। देखते ही देखते थोड़ी देर में वह बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल मेले के सेक्टर दो स्थित केंद्रीय अस्पताल ले जाया गया। वहां हार्ट अटैक की पुष्टि होने के बाद छावनी सामान्य अस्पताल के ICU में भर्ती किया गया। अस्पताल में उन्होंने खुद को कोरबा का एडीएम बताया। कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत का कहना था कि उनके जिले में इस नाम का कोई एडीएम कार्यरत नहीं है।



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FAQ

  1. प्रयागराज महाकुंभ में किसे ठगी का शिकार होना पड़ा ?
    प्रयागराज महाकुंभ में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के एडिशनल एडवोकेट जनरल (एजी) सुनील काले और डिप्टी एजी विनय पांडे ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए हैं।
  2. ठगी की वारदात किस तरह की थी ?
    ठगी की वारदात रूम बुकिंग के दौरान हुई। इसमें एडिशनल एजी और डिप्टी एजी के साथ ठगी की गई, जिससे वे ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए।
  3. ठगी की सूचना किसने और कहां दी ?
    डिप्टी एजी के पीए ने ठगी की सूचना चकरभाठा थाने में दी है, और इस मामले की जांच पुलिस द्वारा शुरू कर दी गई है।


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