स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रपति भवन में दिखेगी धमतरी की लोकसंस्कृति

Umeshwari Baghel | Aug 12, 2026, 15:49 IST
राष्ट्रपति भवन में धमतरी का मान
धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के सरईटोला गांव के कलाकार 15 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में गुट्टा मांदर नृत्य की प्रस्तुति देंगे। जय गढ़िया बाबा आदिवासी लोक मांदरी दल छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, आदिवासी परंपरा और कला की झलक राष्ट्रीय मंच पर दिखाएगा।

समझें क्या है पूरा मामला

  • राष्ट्रपति भवन में गूंजेगी धमतरी की मांदर की थाप
  • सरईटोला के कलाकार दिखाएंगे छत्तीसगढ़ की लोककला
  • गांव से राष्ट्रपति भवन तक पहुंची मांदर की धुन
  • 15 अगस्त पर राष्ट्रीय मंच पर दिखेगी आदिवासी संस्कृति
  • धमतरी के कलाकार बढ़ाएंगे छत्तीसगढ़ का गौरव

छत्तीसगढ़ की लोककला और आदिवासी संस्कृति अब देश के सबसे प्रतिष्ठित मंचों में अपनी पहचान दर्ज कराने जा रही है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 15 अगस्त को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के ग्राम सरईटोला (गुडरापार) के कलाकार पारंपरिक गुट्टा मांदर नृत्य की प्रस्तुति देंगे।



ग्रामीण अंचल से निकलकर राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने वाली यह उपलब्धि पूरे धमतरी जिले और छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का पल है। कलाकार अपनी प्रस्तुति के जरिए प्रदेश की समृद्ध लोकपरंपरा, आदिवासी जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत की झलक देशभर के सामने रखेंगे।



जय गढ़िया बाबा लोक मांदरी दल करेगा प्रतिनिधित्व

सरईटोला का जय गढ़िया बाबा आदिवासी लोक मांदरी नृत्य दल राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेगा। दल के कलाकार अपनी पारंपरिक शैली, मांदर की थाप और सामूहिक नृत्य के माध्यम से प्रदेश की संस्कृति को प्रस्तुत करेंगे।



गुट्टा मांदर नृत्य छत्तीसगढ़ की पहचान से जुड़ी एक पुरानी लोककला है। इसमें मांदर की तेज और लयबद्ध थाप के साथ कलाकार पारंपरिक गीतों पर नृत्य करते हैं। यह नृत्य आदिवासी समाज के उत्सवों, मेलों और सामाजिक आयोजनों का अहम हिस्सा रहा है।



पारंपरिक वेशभूषा और लोकवाद्य होंगे आकर्षण

इस प्रस्तुति की खास बात कलाकारों की पारंपरिक वेशभूषा और लोकवाद्य भी होंगे। रंग-बिरंगे परिधान, आभूषण और पारंपरिक साज-सज्जा नृत्य को और आकर्षक बनाते हैं।



कलाकारों का कहना है कि यह सिर्फ एक नृत्य प्रस्तुति नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के गांवों की संस्कृति, परंपराओं और सामुदायिक जीवन को देश के सामने रखने का अवसर है।



नागपुर सांस्कृतिक भवन ने किया चयन

दल के सचिव रूपराय नेताम ने बताया कि नागपुर सांस्कृतिक भवन ने कलाकारों की प्रस्तुति और पारंपरिक कला की विशेषता को देखते हुए उनका चयन राष्ट्रपति भवन के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के लिए किया है।



उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक संस्थान में छत्तीसगढ़ की लोककला प्रस्तुत करना कलाकारों के लिए बेहद सम्मान की बात है। इसके लिए कलाकार लंबे समय से तैयारी कर रहे हैं।



ग्रामीण कलाकारों की मेहनत को मिला राष्ट्रीय सम्मान

(छत्तीसगढ़ आदिवासी संस्कृति )राष्ट्रपति भवन में प्रस्तुति देने के लिए सरईटोला के रतन लाल निषाद, सुरेंद्र सोरी, हेमंत सोरी, सुलोचना सोरी और मधु नेताम सहित कलाकार दिल्ली रवाना होंगे।



इन कलाकारों की यह यात्रा बताती है कि गांवों में मौजूद लोककलाएं आज भी अपनी पहचान बनाए हुए हैं। मांदर की गूंज अब सिर्फ स्थानीय आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय मंचों तक पहुंच रही है।



15 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में जब धमतरी की धरती से निकली मांदर की थाप गूंजेगी, तो यह छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा के लिए यादगार पल होगा।



FAQ

  1. धमतरी के कलाकार राष्ट्रपति भवन में कौन सा नृत्य प्रस्तुत करेंगे?
    धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के सरईटोला गांव के कलाकार राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक गुट्टा मांदर नृत्य की प्रस्तुति देंगे।
  2. राष्ट्रपति भवन में प्रस्तुति देने वाले कलाकार किस दल से जुड़े हैं?
    कलाकार जय गढ़िया बाबा आदिवासी लोक मांदरी नृत्य दल से जुड़े हैं, जो छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को देश के सामने प्रस्तुत करेगा।
  3. गुट्टा मांदर नृत्य की खासियत क्या है?
    गुट्टा मांदर नृत्य छत्तीसगढ़ की आदिवासी लोककला का हिस्सा है। इसमें मांदर की थाप, पारंपरिक गीत, वेशभूषा और सामूहिक नृत्य के जरिए लोकजीवन की झलक दिखाई जाती है।

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