धमतरी नगर निगम की कंगाली में कट रही रातें; 22 करोड़ के कर्ज में डूबा निगम, टैंकरों के पहिए भी थमे

Umeshwari Baghel | Apr 15, 2026, 19:25 IST
dhamtari-municipal-corporation-financial-crisis-petrol-diesel-debt-news
धमतरी नगर निगम की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। निगम पर पेट्रोल पंपों का 50 लाख रुपये से ज्यादा का कर्ज है, जिसके चलते पेट्रोल-डीजल की सप्लाई बंद हो गई है। इससे सफाई और जल आपूर्ति जैसी बुनियादी सेवाओं पर असर पड़ रहा है।

NEWS IN SHORT

  • धमतरी नगर निगम की आर्थिक हालत पर संकट के बादल छाए हैं
  • पेट्रोल-डीजल की कमी से सफाई और जल आपूर्ति प्रभावित हो रही हैं
  • सिंचाई और बिजली विभाग से बढ़ता कर्ज निगम के लिए बना मुसीबत
  • निगम की सफाई व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं पर पड़ रहा असर
  • महापौर का बयान: पेट्रोल-डीजल का उपयोग केवल आवश्यकता अनुसार

NEWS IN DETAIL

Dhamtari : Chhattisgarh News :धमतरी नगर निगम की आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि इसके लिए बुनियादी सुविधाएं भी संकट में आ गई हैं। निगम पर पेट्रोल पंपों का लगभग 50 लाख रुपये का कर्ज चढ़ गया है



जिसके कारण निगम को पेट्रोल और डीजल की सप्लाई में भी दिक्कत हो रही है। निगम की आर्थिक स्थिति पर असर इतना पड़ा है कि तीन पेट्रोल पंपों ने अब उधारी चुकता नहीं होने पर (Petrol-diesel)पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति रोक दी है।



पेट्रोल-डीजल की कमी, निगम के कामकाज पर असर

निगम की गाड़ियों में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति में कटौती की जा रही है, जिसका सीधा असर सफाई वाहनों पर पड़ रहा है। पहले सफाई वाहनों को पूरी मात्रा में पेट्रोल-डीजल मिलता था



(पेट्रोल डीजल बैन)लेकिन अब उन्हें आधे पेट्रोल-डीजल के साथ चलाया जा रहा है। लेकिन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की गाड़ियों में किसी तरह की कटौती नहीं की जा रही है।



सिंचाई विभाग और बिजली विभाग में कर्ज बढ़ा

(जल संकट)नगर निगम पर सिंचाई विभाग का 13 करोड़ रुपये का जलकर बकाया है, जिसे कई बार नोटिस भेजने के बावजूद चुकता नहीं किया गया हैं।



वहीं, बिजली विभाग का भी लगभग 9 करोड़ रुपये का कर्ज बढ़ता जा रहा है, जिसका भुगतान पहले समायोजन के तहत किया गया था, लेकिन उसके बाद से कोई भी भुगतान नहीं हुआ।



सफाई व्यवस्था पर असर

सफाई व्यवस्था पर भी पेट्रोल-डीजल की कमी का असर देखा जा रहा है। पहले जेसीबी से बड़े नालों की सफाई के लिए 40 लीटर डीजल दिया जाता था



अब यह मात्रा घटाकर केवल 15-20 लीटर कर दी गई है। इस कमी के कारण नालों में मलबा जमा हो रहा है और सफाई में देरी हो रही है।



पेयजल आपूर्ति पर संकट

गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले वार्डों में जल आपूर्ति के लिए पानी टैंकरों का सहारा लिया जाता है, लेकिन पेट्रोल-डीजल की कमी के चलते इन टैंकरों की संख्या भी घट गई है। निगम ने कुछ टैंकर और खरीदने की योजना बनाई थी, लेकिन फिलहाल इसे भी रोक दिया गया है।



आपातकालीन सेवाएं प्रभावित

निगम के सैकड़ों वाहन विभिन्न कार्यों के लिए काम करते हैं। पेट्रोल-डीजल की कमी और बढ़ते बिजली के कर्ज के कारण आपातकालीन सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। सफाई, जल आपूर्ति, और अन्य जरूरी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, अगर यह स्थिति इसी तरह जारी रही।



सिंचाई विभाग का बयान

सिंचाई विभाग के ईई भूपेन्द्र मगेन्द्र ने कहा कि नगर निगम को अनुबंध के तहत रोजाना पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन सिंचाई विभाग का 13 करोड़ रुपये का कर्ज अभी तक चुकता नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि निगम को भुगतान नहीं करने पर अनुबंध समाप्त हो सकता है।



महापौर का बयान

धमतरी नगर निगम के महापौर रामू रोहरा ने कहा कि निगम द्वारा वाहनों में पेट्रोल-डीजल का उपयोग आवश्यकतानुसार ही किया जा रहा है।



उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी पेट्रोल पंप संचालकों का पेमेंट नहीं रोका जाएगा और सभी का समय पर भुगतान किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मेनपावर बढ़ाया गया है।



यह खबरें भी पढ़े...

रायपुर नगर निगम के खोखले वादे ; 10 करोड़ डकार कर भी सिस्टम नदारद, अब जनता की गाढ़ी कमाई पर नजर



भ्रष्टाचार मामला : कोर्ट ने नगर निगम अपर आयुक्त रिश्वत केस में दिए दोबारा जांच के आदेश



सिंगरौली नगर निगम बैकफुट पर, विधायक को आवंटित भूखंड लिया वापस



कचरा प्रोसेसिंग के लिए नया नियम ; ज्यादा कचरे पर देना होगा नगर निगम कर



Tags:
  • Chhattisgarh News
  • Petrol-diesel
  • जल संकट
  • पेट्रोल डीजल बैन
  • धमतरी नगर निगम