कमाई 6 करोड़, खर्च 11 करोड़! बीज निगम का पूर्व मैनेजर गिरफ्तार

Harrison Masih | Jul 18, 2026, 18:39 IST
बीज निगम का पूर्व मैनेजर गिरफ्तार 2026
EOW ने राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के सेवानिवृत्त बीज प्रबंधक को आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरफ्तार किया है। जांच में उनकी वैध आय करीब 6 करोड़ रुपए पाई गई, जबकि खर्च और निवेश 11 करोड़ रुपए से अधिक मिले

छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के सेवानिवृत्त बीज प्रबंधक राजेंद्र सिंह क्षत्रीय को आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।



EOW का दावा है कि सरकारी सेवा के दौरान राजेंद्र सिंह क्षत्रीय ने अपनी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति और निवेश किए। जांच में उनकी आय, खर्च और संपत्तियों के बीच बड़ा अंतर सामने आया है।



6 करोड़ की आय, 11.28 करोड़ से ज्यादा खर्च

EOW के अनुसार, जांच में पता चला कि राजेंद्र सिंह क्षत्रीय की जांच अवधि के दौरान कुल वैध आय करीब 6 करोड़ रूपए थी। वहीं इसी अवधि में उन्होंने 11.28 करोड़ रूपए से अधिक का खर्च और निवेश किया।



जांच एजेंसी का कहना है कि इस तरह उन्होंने अपनी वैध आय से करीब 5.28 करोड़ रूपए अधिक संपत्ति अर्जित की, जो उनकी कुल वैध आय का लगभग 88 प्रतिशत है।



2020 में दर्ज हुआ था मामला

EOW के मुताबिक, राजेंद्र सिंह क्षत्रीय के खिलाफ वर्ष 2020 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद उनकी आय, संपत्ति, बैंक खातों, निवेश और खर्चों की विस्तृत जांच शुरू की गई।



लंबी जांच के बाद पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया।



बीज निगम में कई वर्षों तक रहे पदस्थ

राजेंद्र सिंह क्षत्रीय ने छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम में लंबे समय तक सेवाएं दीं। वह सरगुजा जिले के अजिरमा प्रक्रिया केंद्र में उत्पादन सहायक के रूप में कार्यरत रहे। बाद में पदोन्नति के बाद वे बीज प्रबंधक बने और इसी पद से सेवानिवृत्त हुए।



जांच में कई संपत्तियां सामने आईं

EOW की जांच में आरोपी के नाम पर कई मूल्यवान संपत्तियां मिलने का दावा किया गया है। इनमें शामिल हैं महंगी आवासीय संपत्तियां, कृषि भूमि, वाहन अन्य चल एवं अचल संपत्तियां।



जांच एजेंसी का कहना है कि इन संपत्तियों का मूल्य उनकी घोषित आय से कहीं अधिक है।



रिश्तेदारों के नाम पर निवेश की भी जांच

EOW का दावा है कि आरोपी ने कुछ निवेश अपने रिश्तेदारों के नाम पर भी किए हैं। अब एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन निवेशों के लिए धन कहां से आया और क्या इनमें अवैध आय का इस्तेमाल किया गया।



इसके अलावा संबंधित बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की खरीद से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।



विशेष अदालत ने भेजा जेल

गिरफ्तारी के बाद EOW ने राजेंद्र सिंह क्षत्रीय को विशेष न्यायालय में पेश किया। अदालत ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। मामले की जांच अभी जारी है और एजेंसी आगे भी संपत्तियों तथा वित्तीय लेन-देन की पड़ताल करेगी।



जांच अभी जारी

EOW का कहना है कि मामले में अभी जांच पूरी नहीं हुई है। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि आरोपी की संपत्तियों और निवेश में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका रही है या नहीं। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।



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