वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: बाघ-तेंदुए की खाल के साथ शिकारी गिरोह का भंडाफोड़
NEWS IN SHORT
- दंतेवाड़ा में शिकार गिरोह का भंडाफोड़, आरोपियों पर सख्त कार्रवाई
- बाघ और तेंदुए की खाल के साथ गिरोह पकड़ा, वन विभाग की बड़ी सफलता
- अवैध शिकारियों पर वन विभाग का शिकंजा, कई खालें बरामद
- वन्यजीव अपराध नियंत्रण में दंतेवाड़ा की संयुक्त टीम की कार्रवाई सफल
- वन्यजीव संरक्षण सख्ती: शिकार गिरोह के सभी आरोपी जेल भेजे गए
NEWS IN DETAIL
Dantewada: जिले में वन्यजीव अपराध के खिलाफ वन विभाग ने कड़ी कार्रवाई की, जिसके तहत बाघ और तेंदुए की खाल के साथ सक्रिय एक संगठित शिकार गिरोह का भंडाफोड़ किया। मुख्य वन संरक्षक आलोक कुमार तिवारी के निर्देशन और वनमंडलाधिकारी रंगनाधा रामाकृष्णा वाय के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई विभिन्न स्थानों पर की गई।
बालूद मार्ग पर हुई पहली गिरफ्तारी
दिनांक 17 मार्च 2026 को बालूद मार्ग पर दो आरोपियों को बाघ की खाल के साथ पकड़ा गया। पूछताछ में अन्य गिरोह सदस्यों की पहचान हुई, जिसके बाद अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और बाघ एवं तेंदुए की खालें बरामद की गईं।
संयुक्त टीम ने रातभर घेराबंदी की
16 मार्च 2026 की मध्य रात्रि में मुखबिर की सूचना पर वनमंडल दंतेवाड़ा, वनमंडल बीजापुर, इंद्रावती टाइगर रिजर्व, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल एवं वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो की संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा। मुख्य आरोपी लक्ष्मण तेलाम (51 वर्ष) सहित देवीराम ओयाम (58 वर्ष), रमेश कुड़ियाम (24 वर्ष), फरसोन पोयामी (27 वर्ष), सेमला रमेश (24 वर्ष), सुखराम पोडियाम (21 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया।
केशापुर में की गई अतिरिक्त छापेमारी
आरोपियों की निशानदेही पर ग्राम केशापुर में छापेमारी कर एक और तेंदुए की खाल बरामद की गई। इस दौरान मासो ओयाम (50 वर्ष) और अर्जुन भोगामी (42 वर्ष) को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया और जेल भेजा गया।
कानूनी कार्रवाई और संदेश
सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। वनमंडलाधिकारी रंगनाधा रामाकृष्णा वाय ने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि वन विभाग पूरी तत्परता और सख्ती के साथ आगे भी ऐसे अपराधों का सामना करेगा।
वन्यजीव संरक्षण को मजबूत बनाने का प्रयास
मुख्य वन संरक्षक आलोक कुमार तिवारी ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास वन्यजीव संरक्षण के प्रति विभाग की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि गिरोह के खिलाफ और भी जांच की जाएगी, ताकि अन्य सक्रिय गिरोहों को भी बेनकाब किया जा सके।
स्थानीय लोगों और टीम का सहयोग
जांच के दौरान सूचना तंत्र और स्थानीय लोगों की मदद से कई छुपे हुए अपराधियों तक पहुँच बनाई गई। इस कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दिया है कि दंतेवाड़ा जिला वन्यजीव संरक्षण और अवैध शिकार के खिलाफ शून्य सहिष्णुता नीति अपनाए हुए है।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ केदंतेवाड़ा में वन विभाग ने बाघ और तेंदुए की खाल के साथ सक्रिय शिकार गिरोह का भंडाफोड़ किया। 6 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर खालें जब्त की गईं। सभी आरोपियों पर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई हुई। वन विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया कि वन्यजीव अपराध में संलिप्त किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
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