बनेगा सबसे बड़ा बायोलॉजिकल पार्क, बब्बर शेर, अफ्रीकी जिराफ सहित 420 प्रजातियों के दिखेंगे वन्यजीव

केंद्र सरकार ने राजस्थान के अलवर में एनसीआर के सबसे बड़े बायोलॉजिकल पार्क की मंजूरी दी है। इसमें बब्बर शेर, दक्षिण अफ्रीकी जिराफ और 420 अन्य प्रजातियां होंगी।

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Purshottam Kumar Joshi
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Photograph: (the sootr)

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News In Short

  1. केंद्र सरकार ने अलवर में एनसीआर के सबसे बड़े बायोलॉजिकल पार्क बनाने की मंजूरी दी।

  2. पार्क में बब्बर शेर और दक्षिण अफ्रीकी जिराफ जैसे पशु होंगे।

  3. पार्क में 420 प्रकार के अन्य पशु-पक्षी भी लाए जाएंगे।

  4. वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने पौधरोपण अभियान के तहत 730 औषधीय पौधे लगाए।

  5. संजय शर्मा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उन्होंने पर्यावरण के लिए कोई कदम नहीं उठाए।

News In Detail

केंद्र सरकार ने राजस्थान के अलवर में एनसीआर के सबसे बड़े बायोलॉजिकल पार्क के निर्माण की मंजूरी दी है। इस पार्क में बब्बर शेर, दक्षिण अफ्रीकी जिराफ और 420 अन्य प्रकार के पशु-पक्षी होंगे। अब अलवर को एक नया पर्यटन स्थल बनाएंगे। वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने कटी घाटी में पौधरोपण अभियान के दौरान इस पार्क के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाया कि वे पर्यावरण बचाने के बजाय प्रदर्शन करते हैं और कुछ नहीं करते।

अलवर में बायोलॉजिकल पार्क का निर्माण

राजस्थान के अलवर जिले में स्थित सरिस्का टाइगर रिजर्व के पास अब एनसीआर का सबसे बड़ा बायोलॉजिकल पार्क बनेगा, जहां बब्बर शेर की दहाड़ सुनाई देगी और दक्षिण अफ्रीकी जिराफ भी देखने को मिलेंगे। केंद्र सरकार ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है और जल्द ही टेंडर जारी किए जाएंगे। वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने कटी घाटी स्थित नगर वन में इसकी घोषणा की। यह पार्क पर्यटकों को एक नया आकर्षण प्रदान करेगा और क्षेत्र की जैव विविधता को भी बढ़ाएगा।

नए बायोलॉजिकल पार्क में जानवरों की विविधता

संजय शर्मा ने बताया कि इस बायोलॉजिकल पार्क में बब्बर शेर और जिराफ के अलावा 420 प्रकार के अन्य पशु-पक्षी भी लाए जाएंगे। इससे न केवल अलवर को नई पहचान मिलेगी, बल्कि पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा। पार्क के निर्माण से क्षेत्र में जैव विविधता का संरक्षण होगा और यह प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा में भी सहायक होगा।

पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण अभियान

इस कार्यक्रम के दौरान "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के दो साल पूरे होने पर पौधरोपण भी किया गया। अलवर जिले में 730 औषधीय पौधे लगाए गए और अर्जुन वृक्ष उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। वन राज्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत पहले दो वर्षों में 18 करोड़ से अधिक पौधे जनसहयोग से लगाए गए हैं।

कांग्रेस पर निशाना और पर्यावरण मुद्दे

वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने कांग्रेस के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वे अरावली बचाने की बात करते हैं, लेकिन उन्होंने अब तक एक भी पौधा नहीं लगाया। मंत्री शर्मा ने नगर वन में कांग्रेस द्वारा प्रदर्शन के दौरान कई पौधों को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने इस दौरान यह भी कहा कि उनकी सरकार ने जल संकट को हल करने के लिए कई एनिकट बनाए हैं और अन्य विकास कार्यों को तेजी से पूरा कर रही है।

प्रेम रत्नाकर बांध पर कोर्ट के आदेश

वन राज्यमंत्री ने प्रेम रत्नाकर बांध में हो रहे अवैध निर्माण के मुद्दे पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में कोर्ट के आदेश के आधार पर पट्टे दिए जाएंगे। टहला में जमीनों की बंदरबांट को लेकर जांच की जाएगी और जो भी अवैध कब्जे होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य बिंदू;

  • अलवर बायोलॉजिकल पार्क : केंद्र सरकार ने अलवर में एनसीआर के सबसे बड़े बायोलॉजिकल पार्क के निर्माण की मंजूरी दे दी है, और जल्द ही इसके लिए टेंडर जारी होंगे।
  • इस बायोलॉजिकल पार्क में बब्बर शेर, दक्षिण अफ्रीकी जिराफ और 420 अन्य प्रकार के पशु-पक्षी होंगे।
  • राज्य सरकार ने पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है और पहले दो वर्षों में 18 करोड़ पौधे लगाए गए हैं।

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राजस्थान अलवर सरिस्का एक पेड़ मां के नाम वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा अलवर बायोलॉजिकल पार्क
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