PM मोदी और ऑपरेशन सिंदूर पर कांग्रेस के पूर्व विधायक की अभद्र टिप्पणी, बिलासपुर में FIR दर्ज
पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान जाने के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। इस सैन्य कार्रवाई को देशभर में व्यापक समर्थन और सराहना मिल रही है, क्योंकि यह भारत की आतंकवाद के खिलाफ कठोर नीति और सैन्य ताकत का प्रतीक माना जा रहा है।
हालांकि, इस गौरवपूर्ण क्षण में छत्तीसगढ़ के एक पूर्व विधायक अरुण तिवारी की आपत्तिजनक टिप्पणी ने विवाद पैदा कर दिया है। बिलासपुर जिले के सीपत विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व विधायक अरुण तिवारी ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अभद्र पोस्ट साझा की। इसके बाद पूर्व विधायक के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।
पोस्ट में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल
अरुण तिवारी ने फेसबुक पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की। उनकी इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर तुरंत हंगामा मचा दिया और यह तेजी से वायरल हो गई। पोस्ट में कथित तौर पर भारतीय सेना और सरकार की इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को कमतर आंकने की कोशिश की गई, जिससे कई लोगों की भावनाएं आहत हुईं। छात्र राजनीति और समाजसेवा से जुड़े बिलासपुर के पन्ना नगर निवासी रंजीत यादव ने इस पोस्ट को देखकर सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई।
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ऑपरेशन सिंदूर देश की सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक
रंजीत यादव ने अपनी शिकायत में कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय सेना और ऑपरेशन सिंदूर के प्रति गहरा सम्मान रखते हैं। उन्होंने बताया कि तिवारी की पोस्ट में की गई आपत्तिजनक टिप्पणी ने न केवल उनकी, बल्कि कई अन्य लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। रंजीत ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर देश की सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक है। इस तरह की टिप्पणी निंदनीय है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।” उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूर्व विधायक अरुण तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 (अश्लील कृत्य या गीत) और धारा 352 (लोक शांति भंग करने की मंशा से उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया।
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पुलिस शुरू की मामले की जांच
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, तिवारी की फेसबुक पोस्ट और संबंधित डिजिटल साक्ष्यों को एकत्र किया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस पोस्ट के पीछे कोई अन्य मंशा थी या यह किसी सुनियोजित प्रयास का हिस्सा है। इस बीच, सोशल मीडिया पर तिवारी की टिप्पणी को लेकर लोगों में गुस्सा देखा जा रहा है और कई यूजर्स ने उनकी पोस्ट को देश की सेना और नेतृत्व के अपमान के रूप में देखा है।
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पोस्ट की राजनीतिक हलकों में भी चर्चा
यह घटना छत्तीसगढ़ में राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गई है। कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की आजादी से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि अन्य का मानना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य कार्रवाई जैसे संवेदनशील मुद्दों पर इस तरह की टिप्पणी अस्वीकार्य है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में तिवारी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता ने जहां देश में गर्व की भावना पैदा की है, वहीं इस तरह के विवादों ने एक बार फिर सोशल मीडिया के दुरुपयोग और जिम्मेदार अभिव्यक्ति की जरूरत पर बहस छेड़ दी है।
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