40 हजार बच्चों की मौत: हाईकोर्ट ने लगाई सरकार को फटकार, जानें क्या है मामला
Aparajita Priyadarshini | Jun 13, 2024, 16:59 IST
ाीा
सरकारी अस्पतालों में संसाधनों की कमी से नवजात शिशुओं की मौत के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने निर्देशित किया है कि सभी अस्पतालों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
सरकारी अस्पतालों में संसाधन न होने से बच्चों की मौत के कई मामले सामने आए थे। इस प्रकरण को देखते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डीबी में सुनवाई चल रही थी। एक समाचार पत्र में इनक्यूबेटर में एक साथ 5 बच्चे रखे जाने की फोटो आने पर कोर्ट ने सरकार को यह बताने को कहा था कि, तस्वीर कहां से ली गई।
मामले में दुर्ग कलेक्टर की ओर से जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी कि, संबंधित फोटो जो मीडिया में आई है वह सरकारी अस्पताल की नहीं है। साथ ही जिस निजी अस्पताल की है उससे पूरी जानकारी ली जा रही है। पिछली बार कोर्ट ने दुर्ग जिला कलेक्टर को मामले की जांच कर शपथपत्र प्रस्तुत करने निर्देश दिया था।
ये भी पढ़ें...
NEET-UG 2024 के 1,563 छात्रों के स्कोर-कार्ड रद्द, 23 जून को दोबारा होंगे एग्जाम
हाईकोर्ट ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन और वैटिलेटर के अभाव में 5 साल में 40 हजार बच्चों की मौत की खबर पर संज्ञान लेकर सुनवाई शुरू की थी। हाईकोर्ट की डीबी ने सुनवाई के दौरान कहा था कि, शासन की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि, सरकारी अस्पतालों में बेड और वैटिलेटर की कमी है।
बुधवार को हुई सुनवाई में शासन की ओर से महाधिवक्ता ने बताया कि, अस्पतालों में व्यवस्था बनाने की पहल शुरू की गई है। चीफ जस्टिस ने प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव को निर्देशित करते हुए यह कहा कि, जितने भी सरकारी अस्पताल हैं वहां आवश्यक सुविधाएं और संसाधन मुहैया कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। इस आशय के निर्देश के साथ ही हाईकोर्ट ने यह जनहित याचिका निराकृत कर दी है। बिलालपुर हाईकोर्ट
मामले में दुर्ग कलेक्टर की ओर से जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी कि, संबंधित फोटो जो मीडिया में आई है वह सरकारी अस्पताल की नहीं है। साथ ही जिस निजी अस्पताल की है उससे पूरी जानकारी ली जा रही है। पिछली बार कोर्ट ने दुर्ग जिला कलेक्टर को मामले की जांच कर शपथपत्र प्रस्तुत करने निर्देश दिया था।
ये भी पढ़ें...
NEET-UG 2024 के 1,563 छात्रों के स्कोर-कार्ड रद्द, 23 जून को दोबारा होंगे एग्जाम
चीफ जस्टिस ने प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव को दिया निर्देश
हाईकोर्ट ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन और वैटिलेटर के अभाव में 5 साल में 40 हजार बच्चों की मौत की खबर पर संज्ञान लेकर सुनवाई शुरू की थी। हाईकोर्ट की डीबी ने सुनवाई के दौरान कहा था कि, शासन की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि, सरकारी अस्पतालों में बेड और वैटिलेटर की कमी है।
बुधवार को हुई सुनवाई में शासन की ओर से महाधिवक्ता ने बताया कि, अस्पतालों में व्यवस्था बनाने की पहल शुरू की गई है। चीफ जस्टिस ने प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव को निर्देशित करते हुए यह कहा कि, जितने भी सरकारी अस्पताल हैं वहां आवश्यक सुविधाएं और संसाधन मुहैया कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। इस आशय के निर्देश के साथ ही हाईकोर्ट ने यह जनहित याचिका निराकृत कर दी है। बिलालपुर हाईकोर्ट
thesootr links
मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिकसबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA