रायपुर गौठान में मवेशियों की मौत, जांच में सामने आई अव्यवस्था, निगम ने ठोका जुर्माना
फुंडहर गौठान में क्षमता से ज्यादा मवेशियों को रखने और पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण कई गायों की मौत का मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गोसेवा आयोग की टीम ने गौठान पहुंचकर निरीक्षण किया। हाल की ऑनलाइन रिपोर्टों में भी फुंडहर गौठान में गोवंश की मौत और बदहाल व्यवस्था की शिकायतें सामने आई हैं।
क्षमता से ज्यादा मवेशी भेजने पर रोक
रिपोर्ट के अनुसार फुंडहर गौठान में उसकी क्षमता से ज्यादा गोवंश भेजे जाने के बाद यह स्थिति बनी। महापौर मीनल चौबे ने नगर निगम आयुक्त को तत्काल मौके का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही गौठान की वास्तविक क्षमता और वहां मौजूद मवेशियों की संख्या की जांच करने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान गोवंश की संख्या, स्वास्थ्य, चारा-पानी और साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं को देखा गया। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि क्षमता से अधिक मवेशियों को गौठान में न रखा जाए।
जांच टीम ने क्या पाया?
गोसेवा आयोग के निर्देश पर टीम ने फुंडहर गौठान का निरीक्षण किया। टीम ने खास तौर पर इन बिंदुओं की जांच की-
- गौठान में कितने मवेशी हैं।
- गौठान की वास्तविक क्षमता कितनी है।
- मवेशियों को पर्याप्त चारा और पानी मिल रहा है या नहीं।
- बीमार और घायल मवेशियों के इलाज की व्यवस्था कैसी है।
- गौठान में साफ-सफाई की स्थिति क्या है।
- मृत मवेशियों के शवों को हटाने की व्यवस्था ठीक है या नहीं।
- गौठान संचालक और नगर निगम अधिकारियों के बीच तालमेल कैसा है।
- जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर संबंधित अधिकारियों के सामने रखने की बात कही है।
अधिकारियों और संचालक के बीच तालमेल की कमी
मामले में एक बड़ी बात यह सामने आई कि नगर निगम के अधिकारियों और गौठान संचालक के बीच बेहतर समन्वय नहीं था। इसी कारण मवेशियों की संख्या, उनकी देखभाल और व्यवस्था को लेकर समस्या बढ़ती गई।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नगर निगम आयुक्त ने व्यवस्था सुधारने और फुंडहर गौठान में क्षमता के अनुसार ही मवेशियों को रखने के निर्देश दिए हैं। सड़क से हटाए जाने वाले मवेशियों के व्यवस्थित रखरखाव और कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है।
4 डेयरियों पर भी कार्रवाई
इसी मामले से जुड़े एक अन्य हिस्से में समता कॉलोनी में संचालित चार डेयरियों पर कार्रवाई की गई। आरोप था कि डेयरी संचालकों ने मवेशियों को खुले में छोड़ दिया था।
नगर निगम ने नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए चार डेयरी संचालकों पर कुल 14 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। रिपोर्ट के मुताबिक डेयरी संचालकों को मवेशियों को खुले में न छोड़ने और गंदगी नहीं फैलाने की सख्त हिदायत भी दी गई।
रायपुर में 400 से ज्यादा डेयरियां
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रायपुर नगर निगम के 70 वार्डों के रिहायशी इलाकों में 400 से ज्यादा छोटी-बड़ी डेयरियां चल रही हैं। इनमें से कई जगहों पर मवेशियों को सड़कों पर छोड़ दिया जाता है। इससे सड़कों पर आवारा मवेशियों की संख्या बढ़ती है और यातायात के साथ-साथ सफाई व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
रायपुर नगर निगम ने आवारा मवेशियों की समस्या को दूर करने के लिए गोकुल नगर बसाने और मवेशियों के लिए अलग व्यवस्था करने की योजना बनाई थी, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार यह योजना अभी पूरी तरह लागू नहीं हो पाई है।
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