छत्तीसगढ़ में अब सिर्फ ऑन-कॉल रहेंगे विशेषज्ञ डॉक्टर, आपातकालीन सेवाओं की कमान संभालेंगे एमबीबीएस चिकित्सा अधिकारी

Umeshwari Baghel | Apr 30, 2026, 21:12 IST
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स्वास्थ्य संचालनालय छत्तीसगढ़ ने विशेषज्ञ डॉक्टरों को कैजुअल्टी और पोस्टमार्टम कार्यों से मुक्त रखने का निर्देश दिया है। संचालनालय ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं में MBBS डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाए।

NEWS IN SHORT

  • छत्तीसगढ़ में विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए नया आदेश
  • संचालनालय ने किया कैजुअल्टी ड्यूटी से मुक्त करने का निर्देश
  • विशेषज्ञ डॉक्टरों ने की ड्यूटी लगाने पर शिकायत
  • एमबीबीएस डॉक्टरों को प्राथमिकता देने का आदेश
  • नियमों के उल्लंघन पर अधिकारियों को सख्ती से पालन करने का आदेश

NEWS IN DETAIL

Raipur। स्वास्थ्य सेवाओं के संचालनालय छत्तीसगढ़ ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और सिविल सर्जनों को एक अहम निर्देश जारी किया है। संचालनालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों (MD/MS) की ड्यूटी को अनावश्यक रूप से कैजुअल्टी और पोस्टमार्टम कार्यों में नहीं लगाया जाए।



एमबीबीएस डॉक्टरों के लिए प्राथमिकता दी जाएगी

संचालनालय ने इस आदेश में उल्लेख किया है कि शासन के पूर्व आदेशों के तहत आपातकालीन सेवाओं में प्राथमिक ड्यूटी MBBS चिकित्सा अधिकारियों की लगानी चाहिए।



यह आदेश राज्य के चिकित्सा संस्थानों में कार्यरत विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए है ताकि उनकी विशेषज्ञ सेवाओं का अधिकतम उपयोग हो सके।



विशेषज्ञ डॉक्टरों की तरफ से की गई थी शिकायत

हाल ही में, अनुबंधित विशेषज्ञ डॉक्टरों ने 7 अप्रैल 2026 को एक आवेदन भेजकर शिकायत की थी कि उन्हें जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल कॉलेजों में कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर के रूप में ड्यूटी पर



लगाया जा रहा है। इन डॉक्टरों का कहना था कि वे पहले से ही अपने संबंधित विभागों में 24x7 ऑन-कॉल सेवाएं दे रहे हैं, फिर भी उन्हें कैजुअल्टी के सामान्य कार्यों में लगाया जा रहा है।



मरीजों को मिल रही असमय विशेषज्ञ सेवाएं

विशेषज्ञ डॉक्टरों ने इस बात पर भी चिंता जताई कि उनकी सेवाओं का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा, जिसके कारण मरीजों को समय पर विशेषज्ञ उपचार नहीं मिल पा रहा है।



इसके अलावा, विभागीय कार्यों से दूर रहने के कारण उनके क्लिनिकल कौशल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जो अंततः स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।



2019 के शासन आदेश की याद दिलाई गई

संचालनालय ने अपने आदेश में 19 दिसंबर 2019 के शासन आदेश का हवाला दिया, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया था कि विशेषज्ञ चिकित्सकों को केवल ऑन-कॉल ड्यूटी पर लगाया जाएगा। वहीं, चिकित्सा अधिकारी आपातकालीन चिकित्सा कक्ष में उपस्थित रहेंगे।



नियमों का पालन नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी

स्वास्थ्य संचालनालय ने यह भी बताया कि 23 दिसंबर 2019 को सभी जिलों को नियम पालन के निर्देश पहले ही जारी किए गए थे, लेकिन कई जगहों पर



इसके बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों की ड्यूटी कैजुअल्टी में लगाई जा रही है। अब, संचालनालय ने सभी अधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन करने और शीघ्र रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है।



निष्कर्ष

यह निर्देश छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बनाए रखने और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाओं का उचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।



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