पढ़ाई अधूरी छोड़ चुके शिक्षक फिर कर सकेंगे डीपीई कोर्स, इग्नू ने दिया मौका
Raipur। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने डिप्लोमा इन प्राइमरी एजुकेशन (डीपीई) पूरा नहीं कर पाए पारा शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। विश्वविद्यालय ने ऐसे शिक्षकों को दोबारा यह पाठ्यक्रम पूरा करने का अवसर देने का फैसला किया है। लंबे समय से शिक्षक डीपीई प्रोग्राम पूरा करने के लिए अतिरिक्त मौका देने की मांग कर रहे थे। उनकी मांगों को देखते हुए इग्नू ने यह निर्णय लिया है।
इग्नू की ओर से डीपीई प्रोग्राम का संचालन साल 2005 से 2019 तक किया गया था। इसके बाद इस पाठ्यक्रम को बंद कर दिया गया। इस दौरान कई पारा शिक्षक अलग-अलग कारणों से निर्धारित समय सीमा में अपना डिप्लोमा पूरा नहीं कर सके थे। कुछ शिक्षकों की पढ़ाई बीच में छूट गई थी तो कुछ शिक्षक परीक्षा या अन्य औपचारिकताएं पूरी नहीं कर पाए थे।
विश्वविद्यालय के अनुसार ऐसे शिक्षकों की संख्या काफी अधिक थी, जिन्होंने डीपीई पूरा करने के लिए दोबारा मौका देने का अनुरोध किया था। शिक्षकों की लगातार मांग और उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए इग्नू ने एक बार फिर अवसर देने का फैसला लिया है।
2005 से 2019 तक चला था डीपीई प्रोग्राम
डिप्लोमा इन प्राइमरी एजुकेशन प्रोग्राम का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर पढ़ाने वाले शिक्षकों को आवश्यक प्रशिक्षण देना था। इस पाठ्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को शिक्षा से जुड़ी नई तकनीक, बच्चों को पढ़ाने के तरीके और प्राथमिक शिक्षा की समझ विकसित करने का प्रशिक्षण दिया जाता था।
कई पारा शिक्षक नौकरी और अन्य जिम्मेदारियों के कारण तय अवधि में पाठ्यक्रम पूरा नहीं कर पाए थे। अब ऐसे शिक्षकों को अपनी अधूरी पढ़ाई पूरी करने का मौका मिलेगा।
इग्नू जल्द जारी करेगा आगे की प्रक्रिया
इग्नू ने अभी डीपीई प्रोग्राम पूरा करने के लिए आवेदन प्रक्रिया और अंतिम तारीख की विस्तृत जानकारी जारी नहीं की है। विश्वविद्यालय जल्द ही इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करेगा। इसमें आवेदन प्रक्रिया, फीस और परीक्षा से जुड़ी जानकारी शामिल हो सकती है।
शिक्षकों को सलाह दी गई है कि वे इग्नू की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाली सूचनाओं पर नजर रखें। नए निर्देश जारी होने के बाद ही शिक्षक इस अवसर का लाभ उठा सकेंगे।
दिसंबर टर्म एंड परीक्षा के लिए आवेदन शुरू
इधर इग्नू ने दिसंबर 2026 की टर्म एंड परीक्षा के लिए ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। विद्यार्थी बिना लेट फीस के 30 सितंबर तक परीक्षा फॉर्म जमा कर सकते हैं। वहीं देरी होने पर 15 अक्टूबर तक लेट फीस के साथ आवेदन किया जा सकेगा।
छात्रों को इग्नू के समर्थ पोर्टल पर लॉगिन करके परीक्षा फॉर्म भरना होगा। आवेदन करते समय परीक्षा केंद्र और संबंधित कोर्स का चयन सावधानी से करने के निर्देश दिए गए हैं।
परीक्षा आवेदन में सावधानी बरतने की सलाह
इग्नू ने विद्यार्थियों को कहा है कि फॉर्म जमा करने से पहले सभी जानकारियों की जांच कर लें। गलत जानकारी भरने पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों को निर्धारित प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होगा।
डीपीई पूरा करने का नया अवसर मिलने से उन पारा शिक्षकों को फायदा होगा, जिनका डिप्लोमा किसी कारण से अधूरा रह गया था। अब वे अपनी योग्यता पूरी करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
FAQ
- इग्नू ने डीपीई प्रोग्राम को लेकर क्या फैसला लिया है?
इग्नू ने अधूरा रह गया डिप्लोमा इन प्राइमरी एजुकेशन (डीपीई) पूरा करने के लिए शिक्षकों को एक और मौका देने का फैसला लिया है। - डीपीई प्रोग्राम किन शिक्षकों के लिए दोबारा शुरू किया गया है?
यह अवसर उन पारा शिक्षकों के लिए है जो किसी कारण से तय समय में डीपीई प्रोग्राम पूरा नहीं कर पाए थे। - डीपीई कोर्स पूरा करने के लिए आवेदन कब से होंगे?
इग्नू ने अभी आवेदन प्रक्रिया और समय-सीमा जारी नहीं की है। इसकी जानकारी विश्वविद्यालय जल्द जारी करेगा।
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