छत्तीसगढ़ औद्योगिक सुरक्षा बल का गठन ; CSIF की तर्ज पर होगी सुरक्षा, जवानों को मिलेगा अतिरिक्त भत्ता
NEWS IN SHORT
- सीआईएसएफ की तर्ज पर नए सुरक्षा बल का गठन।
- प्रतिनियुक्त जवानों को 12 प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता मिलेगा।
- संपूर्ण सुरक्षा खर्च का वहन संबंधित उद्योग करेंगे।
- न्यूनतम 59 जवानों की टुकड़ी उद्योगों में तैनात होगी।
- बल में यूनियन बनाने पर सख्त पाबंदी लागू रहेगी।
NEWS IN DEATIL
छत्तीसगढ़ के औद्योगिक परिदृश्य को सुरक्षित और सुदृढ़ बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्र के केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की तर्ज पर अब राज्य में “छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (CSIF)” के गठन को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। सरकार ने 'छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल नियम, 2026' को राजपत्र में अधिसूचित कर दिया है। जिससे अब प्रदेश के सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के उद्योगों को पेशेवर और अत्याधुनिक सुरक्षा मिल सकेगी।
पुलिस जवानों को मिलेगा स्पेशल इंसेंटिव
इस बल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें छत्तीसगढ़ पुलिस और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) के अनुभवी जवानों को प्रतिनियुक्ति पर तैनात किया जाएगा। इन जवानों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने उनके मूल वेतन पर 12% अतिरिक्त प्रतिनियुक्ति भत्ता देने का प्रावधान किया है। बल की कमान सीधे पुलिस महानिदेशक (DGP) के हाथों में होगी।
फिटनेस के लिए सख्त आयु सीमा और सेवा शर्तें
बल की कार्यक्षमता और फुर्ती बनाए रखने के लिए नियमों में आयु सीमा को बेहद स्पष्ट रखा गया है:
आरक्षक: अधिकतम 40 वर्ष
प्रधान आरक्षक: अधिकतम 45 वर्ष
सहायक उप निरीक्षक: अधिकतम 50 वर्ष
निरीक्षक: अधिकतम 52 वर्ष
चयन के लिए जवानों का कम से कम 7 वर्ष की सेवा पूरी करना अनिवार्य है। प्रतिनियुक्ति की अवधि सामान्यतः 5 वर्ष होगी, जिसे विशेष परिस्थितियों में 6 वर्ष तक बढ़ाया जा सकेगा।
उद्योगों पर होगा वित्तीय भार
नए नियमों के मुताबिक, इस सुरक्षा बल का खर्च राज्य सरकार नहीं, बल्कि संबंधित उद्योग वहन करेंगे। सुरक्षा की मांग करने वाले उद्योगों को 1 लाख रुपए का अग्रिम शुल्क सुरक्षा आंकलन के लिए जमा करना होगा। इतना ही नहीं किसी भी उद्योग में अधिकारियों सहित न्यूनतम 59 जवानों की टुकड़ी तैनात की जाएगी।
उद्योग प्रबंधन को जवानों के वेतन, वर्दी, हथियार, वाहन और प्रशिक्षण के खर्च के अलावा कुल व्यय का 10 प्रतिशत 'प्रशासनिक प्रभार' के रूप में सरकार को देना होगा। साथ ही, दो महीने के वेतन-भत्तों का एडवांस भुगतान अनिवार्य किया गया है।
सुविधाएं और अनुशासन: यूनियन पर पाबंदी
जवानों के सुविधा के लिए उद्योगों को मुफ्त आवास, चिकित्सा, परेड ग्राउंड और शस्त्रागार उपलब्ध कराना होगा। यदि आवास की सुविधा नहीं है, तो मकान किराया भत्ता देना अनिवार्य होगा।
अनुशासन बनाए रखने के लिए बल में यूनियन बनाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पारदर्शिता के लिए एक अनूठा नियम लागू किया गया है—ड्यूटी के दौरान कोई भी जवान या अधिकारी 2500 रुपए से अधिक नकद नहीं रख सकेगा।
दो शाखाओं में विभक्त होगा बल
1. कार्यपालक शाखा: यह मैदानी सुरक्षा संभालेगी, जिसमें DGP से लेकर आरक्षक तक के पद शामिल होंगे।
2. अनुसचिवीय शाखा: यह कार्यालयीन और प्रशासनिक कार्यों का संचालन करेगी।
सुरक्षा प्रदान करने के अलावा, यह बल उद्योगों को सुरक्षा ऑडिट,अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिए सशुल्क तकनीकी परामर्श भी प्रदान करेगा। इस कदम से न केवल निवेश के लिए सुरक्षित माहौल बनेगा, बल्कि राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ औद्योगिक सुरक्षा बल (CSIF) का गठन राज्य के औद्योगिक विकास के लिए एक मील का पत्थर है। यह बल न केवल निजी और सार्वजनिक उद्योगों को पेशेवर सुरक्षा और आपदा प्रबंधन सहायता प्रदान करेगा, बल्कि पुलिस कर्मियों को बेहतर भत्ते देकर प्रोत्साहित भी करेगा। इससे राज्य में निवेश के लिए सुरक्षित वातावरण निर्मित होगा।
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