धर्मांतरण रोकने उतरी जगन्नाथ सेना, 4 महिलाओं की कराई हिंदू धर्म में वापसी
छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के बढ़ते विवाद के बीच ‘जगन्नाथ सेना’ मतांतरण रोकने को मैदान में उतर आई है। जगन्नाथ सेना ने 4 महिलाओं हिंदू धर्म में वापसी करवाकर अपने अभियान की शुरुआत की है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक पुरंदर मिश्रा ने जगन्नाथ सेना के बैनर तले चार महिलाओं का पैर धोकर, शॉल और श्रीफल भेंटकर उनकी हिंदू धर्म में वापसी कराई।
इस अवसर पर विधायक ने बताया कि जगन्नाथ सेना हर रविवार को सुबह 9 से 11 बजे तक धर्म विरोधी गतिविधियों को रोकने के लिए काम करेगी।
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पदयात्रा के साथ जन जागरण
विधायक पुरंदर मिश्रा ने रायपुर के कुंदरापारा से मधुपिल्लै चौक तक एक पदयात्रा निकाली, जिसका उद्देश्य मतांतरण के खिलाफ जन जागरूकता फैलाना था। मिश्रा ने कहा कि उड़िया बस्तियों में मतांतरण की बढ़ती घटनाओं की सूचना मिलने के बाद जगन्नाथ सेना का गठन किया गया। उन्होंने बताया कि यह संगठन न केवल शासन-प्रशासन को ऐसी गतिविधियों की जानकारी देगा, बल्कि मिशनरी गतिविधियों को रोकने के लिए भी सक्रिय रूप से काम करेगा।
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भूपेश बघेल पर निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा सीबीआई जांच की शक्तियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख करने पर मिश्रा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, जो जैसा करेगा, वैसा भरेगा। अपराध करने वाला दंड का भागी होगा। यह बयान हाल के घोटालों में बघेल के नाम आने और उनकी अग्रिम जमानत याचिका के संदर्भ में आया।
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जगन्नाथ सेना का भविष्य
पुरंदर मिश्रा ने कहा कि जगन्नाथ सेना मतांतरण के खिलाफ एक सशक्त आंदोलन के रूप में उभरेगी। यह संगठन ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचकर धर्मांतरण की घटनाओं पर नजर रखेगा और स्थानीय स्तर पर जागरूकता फैलाएगा। इस पहल ने छत्तीसगढ़ की सियासत में नया रंग भर दिया है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि यह संगठन कितना प्रभावी साबित होता है।
FAQ
- जगन्नाथ सेना का गठन क्यों किया गया और इसकी पहली कार्रवाई क्या रही?
जगन्नाथ सेना का गठन छत्तीसगढ़ में बढ़ते धर्मांतरण को रोकने के उद्देश्य से किया गया। इसकी पहली कार्रवाई में संगठन ने चार महिलाओं की हिंदू धर्म में 'घर वापसी' करवाई, जिसमें विधायक पुरंदर मिश्रा ने उनका पैर धोकर, शॉल और श्रीफल देकर स्वागत किया। - जगन्नाथ सेना किस तरह से धर्मांतरण के खिलाफ काम करेगी?
जगन्नाथ सेना हर रविवार सुबह 9 से 11 बजे तक धर्म विरोधी गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाएगी। यह संगठन शासन-प्रशासन को धर्मांतरण की घटनाओं की जानकारी देगा, पदयात्राओं और जनजागरण के जरिए समाज में जागरूकता फैलाएगा, और मिशनरी गतिविधियों को रोकने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगा। - कांग्रेस के सवाल पर विधायक पुरंदर मिश्रा ने क्या प्रतिक्रिया दी?
जब कांग्रेस ने सवाल उठाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बजरंग दल जैसे संगठनों के होते हुए जगन्नाथ सेना की क्या जरूरत है, तो विधायक पुरंदर मिश्रा ने तंज में कहा कि जैसे खाने में चटनी का स्वाद होता है, वैसे ही जगन्नाथ सेना भी धर्मांतरण विरोधी प्रयासों में "चटनी" की तरह एक ज़रूरी भूमिका निभाएगी।
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