छत्तीसगढ़ में तीन बेटियों की मौत : रक्षाबंधन से पहले परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
समझें क्या है पूरा मामला
- रात का खाना खाने के बाद बिगड़ी तबीयत
- एक-एक कर तीनों बेटियों ने तोड़ा दम
- रक्षाबंधन से पहले परिवार में मातम
- फूड पॉइजनिंग की आशंका, जांच जारी
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के एक परिवार पर रक्षाबंधन से ठीक पहले दुखो का पहाड़ टूट पड़ा, जिसने सभी को झकझोर दिया। परिवार की तीन मासूम बेटियों की संदिग्ध फूड पॉइजनिंग से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रात का खाना खाने के बाद तीनों बच्चियों की तबीयत अचानक बिगड़ी और उन्हें उल्टी-दस्त शुरू हो गए। इलाज के दौरान तीनों ने दम तोड़ दिया।
यह दर्दनाक घटना मध्यप्रदेश के इंदौर और इटारसी से जुड़ी है। मृत बच्चियों का परिवार मूल रूप से जांजगीर-चांपा का रहने वाला है और पिता इंदौर के पास पीथमपुर में नौकरी करते हैं।
रात का खाना खाने के बाद बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, परिवार ने सामान्य तरीके से खाना खाया था। खाने में दाल, चावल, रोटी और सब्जी शामिल थी। इसके बाद रात में तीनों बेटियों की तबीयत अचानक खराब होने लगी। उन्हें लगातार उल्टी और दस्त की शिकायत हुई।
मृत बच्चियों की उम्र 10 साल, 8 साल और 5 साल बताई जा रही है। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें इलाज के लिए इंदौर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल में दो बच्चियों ने तोड़ा दम
परिजनों के अनुसार, अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने जांच की। इलाज के दौरान दो बच्चियों की मौत हो गई। इसके बाद परिवार गहरे सदमे में आ गया।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने दोनों बच्चियों के शव बिना पोस्टमार्टम के ही सौंप दिए। इसके बाद परिवार बीमार तीसरी बेटी और दोनों शवों को लेकर अपने गांव लौटने लगा।
रास्ते में तीसरी बेटी की भी मौत
जांजगीर-चांपा लौटते समय रास्ते में तीसरी बच्ची की हालत भी अचानक ज्यादा बिगड़ गई। एंबुलेंस को इटारसी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बच्ची को बचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी भी मौत हो गई।
एक ही परिवार की तीन बेटियों की मौत से पूरे परिवार में मातम छा गया। रक्षाबंधन से एक दिन पहले हुई इस घटना ने हर किसी को दुखी कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगा मौत का कारण
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तीनों बच्चियों के शव अपने कब्जे में ले लिए हैं। इटारसी के सरकारी अस्पताल में तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बच्चियों की मौत फूड पॉइजनिंग से हुई या इसके पीछे कोई दूसरा कारण था।
पिता पीथमपुर में करते हैं नौकरी
मृत बच्चियों के पिता नरेंद्र सिंह पीथमपुर की एलएनटी कंपनी में मशीन ऑपरेटर के पद पर काम करते हैं। परिवार छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले का रहने वाला है। घटना के बाद परिवार और आसपास के लोगों में शोक का माहौल है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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