झीरम कांड के सबूत लेकर कांग्रेस भवन पहुंचे विकास तिवारी, नोटिस का दिया जवाब

Harrison Masih | Jan 05, 2026, 17:40 IST
congress vikas tiwari
झीरम घाटी हमले को लेकर कांग्रेस के भीतर चल रहा विवाद और गहरा गया है। पूर्व प्रवक्ता विकास तिवारी ने कांग्रेस भवन पहुंचकर दस्तावेजी सबूत और कारण बताओ नोटिस का जवाब सौंपा है। पार्टी कार्रवाई के बाद अब नेतृत्व के अगले कदम पर सबकी नजर है।

Raipur. छत्तीसगढ़ की राजनीति में लंबे समय से सुलग रहे झीरम घाटी हमले को लेकर कांग्रेस के भीतर चल रहा विवाद अब और गहरा हो गया है। पार्टी के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता विकास तिवारी सोमवार को कांग्रेस भवन पहुंचे, जहां उन्होंने झीरम घाटी कांड से जुड़े दस्तावेजी सबूत पेश किए और पार्टी की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस का लिखित जवाब सौंपा।



शहीद नेताओं को दी श्रद्धांजलि

रायपुर कांग्रेस भवन पहुंचने पर विकास तिवारी ने सबसे पहले झीरम घाटी हमले में शहीद हुए कांग्रेस नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उनके पास ऐसे ठोस और महत्वपूर्ण सबूत हैं, जिनके आधार पर इस मामले में कई बड़े चेहरों की भूमिका सामने आ सकती है।



विकास तिवारी ने कहा कि उनका मकसद किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि झीरम घाटी हमले की सच्चाई सामने लाना है। इसी उद्देश्य से उन्होंने जांच एजेंसियों को पत्र लिखे थे।



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नार्को टेस्ट की मांग से बढ़ा विवाद

गौरतलब है कि विकास तिवारी ने झीरम घाटी कांड की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए एनआईए और झीरम जांच आयोग को पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने भाजपा नेताओं के साथ-साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कवासी लखमा के नार्को टेस्ट की मांग की थी।



पत्र सार्वजनिक होने के बाद कांग्रेस नेतृत्व में नाराजगी फैल गई और इसे पार्टी अनुशासन का उल्लंघन बताया गया।



पार्टी ने की कार्रवाई, प्रवक्ता पद से हटाया

विवाद बढ़ने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर पार्टी ने विकास तिवारी को प्रदेश प्रवक्ता पद से हटा दिया। इसके बाद कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैंदू ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा था।



कांग्रेस नेताओं में नाराजगी, अनुशासन पर सवाल

विकास तिवारी के बयान और जांच एजेंसियों को लिखे पत्र को लेकर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने नाराजगी जाहिर की। नेताओं का कहना था कि इस तरह सार्वजनिक रूप से बयान देना और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर सवाल उठाना अनुशासनहीनता है। इसके बाद पार्टी के भीतर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग तेज हो गई।



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जेपी नड्डा पर बयान से और बढ़ी तल्खी

विवाद उस समय और गहरा गया जब विकास तिवारी ने जांजगीर-चांपा दौरे के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के एक बयान पर सवाल उठाते हुए उनके भी नार्को टेस्ट की मांग कर दी। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई।



दस्तावेज सौंपने के बाद सबकी नजर कांग्रेस नेतृत्व पर

कांग्रेस भवन में दस्तावेज और लिखित जवाब पेश किए जाने के बाद अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि कांग्रेस नेतृत्व आगे क्या रुख अपनाता है। पार्टी क्या इस मामले में और सख्त कार्रवाई करेगी या जांच की मांगों पर कोई विचार होगा, यह आने वाले दिनों में साफ हो पाएगा।



पीछे हटने को तैयार नहीं विकास तिवारी

विकास तिवारी ने साफ शब्दों में कहा है कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि झीरम घाटी (Jheeram ghaati) हमले में शहीद नेताओं को न्याय दिलाने के लिए वे हर स्तर पर लड़ाई जारी रखेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें पार्टी के भीतर ही संघर्ष क्यों न करना पड़े।



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