छत्तीसगढ़ में बैन होने वाले पहले विधायक बने कवासी लखमा, जानिए कहां होगा अगला ठिकाना

Harrison Masih | Feb 05, 2026, 20:24 IST
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिली है, लेकिन जमानत की सबसे बड़ी शर्त यह है कि वे फिलहाल छत्तीसगढ़ में नहीं रह सकेंगे।

NEWS IN SHORT

  • पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिली।
  • छत्तीसगढ़ में बैन होने वाले पहले विधायक हैं लखमा।
  • 4 फरवरी को रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा हुए, 6 फरवरी को पेशी है।
  • शुक्रवार रात तक उन्हें छत्तीसगढ़ छोड़ना अनिवार्य होगा।
  • करीब 379 दिन जेल में रहने के बाद अंतरिम राहत मिली है।

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ के पहले ऐसे विधायक

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा छत्तीसगढ़ के पहले विधायक बन गए हैं, जो अपने विधानसभा क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में भी नहीं रह सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत की यह सबसे बड़ी शर्त है।



4 फरवरी को रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा होने के बाद लखमा के सुकमा पहुंचने की सूचना है। हालांकि, यह राहत अस्थायी है। शुक्रवार रात तक उन्हें छत्तीसगढ़ छोड़ना अनिवार्य होगा।



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6 फरवरी को पेशी

शराब घोटाला मामले में 6 फरवरी को कोर्ट में पेशी निर्धारित है। इसी कारण उन्हें कुछ समय के लिए सुकमा जाने की अनुमति दी गई थी। इसके बाद उन्हें राज्य से बाहर रहना होगा।



फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि लखमा छत्तीसगढ़ छोड़कर किस राज्य में रहेंगे। उनके विधानसभा क्षेत्र कोंटा–सुकमा की सीमाएं आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा से लगती हैं। ये तीनों राज्य उनके क्षेत्र से बेहद करीब हैं, ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि वे इन्हीं में से किसी राज्य में रह सकते हैं।



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विधानसभा सत्र का औपचारिक निमंत्रण

छत्तीसगढ़ विधानसभा से बजट सत्र का औपचारिक निमंत्रण लखमा को भेजा गया है, जैसा कि सभी विधायकों को भेजा जाता है। संभावना जताई जा रही है कि पूरे सत्र के दौरान वे रायपुर या छत्तीसगढ़ में मौजूद रह सकते हैं, लेकिन यह कोर्ट की शर्तों पर निर्भर करेगा।



शराब स्कैम से जुड़े मामलों में कवासी लखमा को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और ACB/EOW ने गिरफ्तार किया था। वे करीब 379 दिनों तक जेल में रहे।



Sootr Knowledge

  • अंतरिम जमानत सीमित अवधि और शर्तों के साथ दी जाती है।
  • सुप्रीम कोर्ट राज्यों से बाहर रहने जैसी सख्त शर्तें लगा सकता है।
  • शराब स्कैम मामला छत्तीसगढ़ के बड़े आर्थिक मामलों में शामिल है।
  • विधायक होने के बावजूद कोर्ट की शर्तें बाध्यकारी होती हैं।
  • पेशी के दौरान ही आरोपी को राज्य में प्रवेश की अनुमति मिलती है।

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IMP FACTS

  • नाम: कवासी लखमा
  • पद: पूर्व आबकारी मंत्री, कांग्रेस नेता
  • जेल अवधि: लगभग 379 दिन
  • केस: छत्तीसगढ़ शराब स्कैम
  • अगली पेशी: 6 फरवरी

आगे क्या

  • 6 फरवरी को शराब स्कैम केस की कोर्ट में सुनवाई।
  • जमानत की शर्तों में बदलाव के लिए याचिका संभव।
  • आगे की राहत या पाबंदियां कोर्ट के आदेश पर निर्भर करेंगी।

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निष्कर्ष

कवासी लखमा को मिली अंतरिम जमानत राहत जरूर है, लेकिन इसके साथ लगी शर्तें राजनीतिक और कानूनी रूप से अहम हैं। छत्तीसगढ़ से बाहर रहने की बाध्यता ने उन्हें एक अनोखी स्थिति में ला खड़ा किया है। आने वाली पेशियों और कोर्ट के आदेश तय करेंगे कि उनकी राजनीतिक सक्रियता किस हद तक जारी रह पाएगी।



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