सुप्रीम कोर्ट ने कवासी लखमा को दी जमानत, शराब घोटाले में जेल में बंद हैं पूर्व मंत्री

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री और विधायक कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था।

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Harrison Masih
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NEWS IN SHORT

  • छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पूर्व मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत
  • ED ने कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को किया था गिरफ्तार
  • गिरफ्तारी के बाद रिमांड और न्यायिक हिरासत में रहे लखमा
  • ED ने लखमा पर शराब सिंडिकेट का अहम हिस्सा होने का आरोप लगाया
  • घोटाले से 2,100 करोड़ से अधिक की अवैध कमाई का दावा

NEWS IN DETAIL

सुप्रीम कोर्ट से कवासी लखमा को राहत

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री और मौजूदा विधायक कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है।

 मंगलवार को हुई सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने उन्हें जमानत देने का आदेश दिया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था।

गिरफ्तारी के बाद उनसे 7 दिनों तक रिमांड पर पूछताछ की गई। इसके बाद 21 जनवरी से 4 फरवरी तक उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।

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रायपुर सेंट्रल जेल में थे बंद

न्यायिक रिमांड समाप्त होने के बाद से कवासी लखमा रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। इस दौरान कांग्रेस ने उनके इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था।

स्वास्थ्य को लेकर उठे सवालों के बाद कवासी लखमा को रायपुर के अंबेडकर अस्पताल लाया गया, जहां उनकी आंखों की जांच की गई।

इलाज के बाद उन्हें दोबारा सेंट्रल जेल भेज दिया गया था। सुरक्षा को देखते हुए उनके साथ पुलिस बल की तैनाती भी की गई थी।

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ED के गंभीर आरोप

ED का आरोप है कि कवासी लखमा शराब सिंडिकेट के अहम सदस्य थे और उनके निर्देश पर ही पूरा नेटवर्क काम करता था।

आरोप है कि उन्होंने शराब नीति में बदलाव और FL-10 लाइसेंस की शुरुआत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ED के वकील ने कोर्ट में बताया कि लखमा को हर महीने करीब 2 करोड़ रुपए कमीशन मिलता था। तीन साल में उन्हें लगभग 72 करोड़ रुपए मिले, जिनका उपयोग बेटे के घर और सुकमा में कांग्रेस भवन के निर्माण में किया गया।

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Sootr Knowledge

  • शराब घोटाला छत्तीसगढ़ का अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक घोटाला माना जा रहा है
  • ED इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच कर रही है
  • FL-10 लाइसेंस निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का जरिया बने
  • घोटाले में नेता, अफसर और कारोबारी शामिल होने का आरोप
  • मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर संवेदनशील

IMP FACTS

  • गिरफ्तारी: 15 जनवरी 2025
  • जेल: रायपुर सेंट्रल जेल
  • आरोपित अवैध कमाई: 72 करोड़ रुपए
  • कुल घोटाला: 2100 करोड़ रुपए से अधिक
  • जांच एजेंसी: प्रवर्तन निदेशालय (ED)

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आगे क्या

  • जमानत की शर्तों के साथ लखमा जेल से बाहर आ सकते हैं
  • ED की जांच और चार्जशीट प्रक्रिया जारी रहेगी
  • राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में कवासी लखमा को जमानत मिलना उनके लिए बड़ी राहत है, लेकिन इससे मामला खत्म नहीं हुआ है। जांच एजेंसियों की कार्रवाई और अदालत की अगली सुनवाई इस केस की दिशा तय करेगी। यह मामला प्रदेश की राजनीति और प्रशासन दोनों के लिए अहम बना हुआ है।

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