खरीफ फसल बीमा का सर्वर खराब... हजारों किसान परेशान
Kanak Durga Jha | Aug 01, 2025, 21:34 IST
Kharif crop insurance server down thousands farmers troubled
छत्तीसगढ़ में खरीफ फसल बीमा योजना की अंतिम तिथि 31 जुलाई थी, लेकिन तकनीकी खामी ने किसानों की उम्मीदों को झटका दिया। पिछले पांच दिनों से फसल बीमा पोर्टल बंद होने से हजारों किसान ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सके।
खरीफ फसल बीमा की अंतिम तिथि 31 जुलाई थी, लेकिन सर्वर की खराबी ने किसानों और अधिकारियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। पांच दिन से बीमा पोर्टल ठप रहने से हजारों किसान ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सके।
अधिकारियों की मानें तो ऑफलाइन आवेदन लिए गए हैं। जिले में इस बार शत प्रतिशत बीमा का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन तकनीकी बाधा के कारण यह लक्ष्य अधूरा रह गया। अब तारीख बढ़ने का इंतजार है। खरीफ फसल बीमा योजना के तहत 31 जुलाई अंतिम तिथि थी, लेकिन अंतिम दिनों में ही सबसे बड़ी तकनीकी बाधा सामने आई।
बता दें कि पिछले पांच दिनों से फसल बीमा पोर्टल ठप है, जिसकी वजह से सैकड़ों किसान आवेदन नहीं कर पाए। जिले में कुल एक लाख 25 हजार से अधिक किसान हैं। इस वर्ष अब तक 10,047 ऋणी किसान और 1,495 अऋणी किसानों ने ही बीमा कराया है।
इससे कुल 12,160 हेक्टेयर क्षेत्र अब तक बीमित हुआ है। वहीं पिछले वर्ष की तुलना करें तो 12 तहसीलों से 45,535 किसानों ने 54,506.25 हेक्टेयर में फसल बीमा कराया था, जिसमें 8,556 अऋणी किसान भी शामिल थे।
बीते पांच दिनों से लगातार सर्वर की समस्या के चलते बीमा योजना का काम आनलाइन पूरा ठप पड़ा था। किसानों के फार्म आफलाइन भी भराए गए हैं। आवेदनों को अपडेट किया जा रहा है। पूरे आवेदन अपडेट करने शासन से बीमा योजना की तारीख आगे बढ़ाने आवेदन किया गया है। शासन से बीमा की तारीख बढने के बाद मिले लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
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अधिकारियों की मानें तो ऑफलाइन आवेदन लिए गए हैं। जिले में इस बार शत प्रतिशत बीमा का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन तकनीकी बाधा के कारण यह लक्ष्य अधूरा रह गया। अब तारीख बढ़ने का इंतजार है। खरीफ फसल बीमा योजना के तहत 31 जुलाई अंतिम तिथि थी, लेकिन अंतिम दिनों में ही सबसे बड़ी तकनीकी बाधा सामने आई।
फसल बीमा पोर्टल ठप
इससे कुल 12,160 हेक्टेयर क्षेत्र अब तक बीमित हुआ है। वहीं पिछले वर्ष की तुलना करें तो 12 तहसीलों से 45,535 किसानों ने 54,506.25 हेक्टेयर में फसल बीमा कराया था, जिसमें 8,556 अऋणी किसान भी शामिल थे।
सर्वर की दिक्कत से लक्ष्य में परेशानी शासन ने इस बार शत-प्रतिशत बीमा कराने का लक्ष्य तय किया था, लेकिन सर्वर की दिक्कत ने लक्ष्य को पीछे छोड़ दिया। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम तिथि भले ही समाप्त हो गई हो, लेकिन शासन बीमा तिथि बढ़ाने पर विचार कर रहा है, ताकि छूटे हुए किसानों को एक और मौका मिल सके। कृषि विभाग ने बीमा एजेंसियों से रिपोर्ट मांगी है। किसानों को उम्मीद है कि उन्हें फिर से मौका मिलेगा।
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जिला प्रशासन ने भेजा तारीख बढ़ाने का प्रस्ताव
FAQ
- खरीफ फसल बीमा की अंतिम तिथि क्या थी?
31 जुलाई। - बीमा पोर्टल कितने दिनों से ठप था?
पाँच दिनों से। - अब तक कितने ऋणी और अऋणी किसानों ने बीमा कराया?
10,047 ऋणी और 1,495 अऋणी किसान। - पिछली बार कितने किसानों ने बीमा कराया था?
45,535 किसान।
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