बेवकूफ... शराब दुकान नहीं खुलने देंगे, आबकारी अफसर पर भड़के पूर्व मंत्री जयसिंह
समझें क्या है पूरा मामला
- बरबसपुर में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों का विरोध जारी।
- पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने आबकारी अधिकारी से फोन पर जताई नाराजगी।
- बोले- बरबसपुर में किसी भी कीमत पर शराब दुकान नहीं खुलेगी।
- बातचीत का वीडियो सामने आने के बाद मामला गरमाया।
- आबकारी मंत्री ने कहा- अभी दुकान खोलने का कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
इसी धरने के दौरान पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने ग्रामीणों के सामने ही आबकारी अधिकारी को फोन पर कड़ी नाराजगी जताई। इस दौरान की बातचीत का वीडियो भी सामने आया है। वहीं आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा है कि अभी तक दुकान खोलने का कोई फैसला नहीं हुआ था, टीम सिर्फ संभावित जगह देखने गई थी।
यह विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब आबकारी विभाग की टीम कोरबा के बरबसपुर में शराब दुकान के लिए संभावित जगह देखने पहुंची थी। इसकी जानकारी मिलते ही गांव में विरोध शुरू हो गया।
मामला अब स्थानीय राजनीति में भी तूल पकड़ चुका है, क्योंकि कई वरिष्ठ नेता इसमें शामिल हो चुके हैं।
टीम के पहुंचते ही शुरू हुआ विरोध
यह विवाद तब शुरू हुआ जब शुक्रवार 31 जुलाई को बरबसपुर में शराब दुकान खोलने आबकारी विभाग के अधिकारी निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। जानकारी मिलते ही गांव की महिलाओं सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रस्तावित दुकान के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
विरोध को देखते हुए आबकारी विभाग की टीम वापस लौट गई। गांव में शराब भट्टी हटाओ के पोस्टर भी लगाए गए।
दो दिन बाद पहुंचे पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल
दो दिन बाद रविवार 2 अगस्त को ग्रामीणों के बुलावे पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों का समर्थन किया।
धरना स्थल पर जयसिंह अग्रवाल ने चेतावनी दी कि बरबसपुर में किसी भी कीमत पर शराब दुकान नहीं खुलने दी जाएगी और जरूरत पड़ने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
आबकारी अधिकारी से फोन पर हुई तीखी बातचीत
पूर्व मंत्री ने धरने के दौरान ग्रामीणों के सामने ही आबकारी अधिकारी राकेश राठौर से फोन पर बात की और नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की भावनाओं के खिलाफ कोई फैसला बर्दाश्त नहीं होगा।
सामने आए वीडियो के मुताबिक उन्होंने अधिकारी से कहा कि बरबसपुर में कोई शराब दुकान नहीं खुलेगी और गांव वालों पर कोई दबाव न बनाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस बातचीत की रिकॉर्डिंग की जा सकती है, वे अपनी बात पर कायम रहेंगे।
बातचीत के दौरान उन्होंने अधिकारी से यह भी कहा कि बेवकूफ, गांव की महिलाएं रात-दिन धरने पर बैठी हैं और उनके सामने आकर यह घोषणा की जाए कि यहां शराब दुकान नहीं खुलेगी। उन्होंने लिखित नोटिफिकेशन देने की मांग भी की।
विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
इसी बातचीत में पूर्व मंत्री ने आबकारी विभाग पर ओवररेट और अवैध शराब बिक्री जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। यह आरोप अभी सिर्फ पूर्व मंत्री का बयान है और इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आबकारी मंत्री पर भी साधा निशाना
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने इस दौरान राज्य के वाणिज्य एवं आबकारी मंत्री पर भी हमला बोला। उनका आरोप है कि मंत्री अपने ढाई साल के कार्यकाल की कोई ठोस उपलब्धि नहीं गिना सकते।
उनके मुताबिक प्रदेश में अवैध शराब और ओवररेट पर बिक्री लगातार जारी है, जिस पर विभाग ध्यान नहीं दे रहा। यह भी पूर्व मंत्री का आरोप है, जिसकी पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
मकान मालिक ने भी किया इनकार
धरने में शामिल मकान मालिक ने साफ कर दिया कि वह अपना भवन शराब दुकान के लिए नहीं देगा। पूर्व मंत्री ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वे इस लड़ाई में अंत तक उनके साथ रहेंगे।
पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने भी दिया समर्थन
विरोध प्रदर्शन में पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर भी शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीणों का समर्थन करते हुए कहा कि शराब दुकान खुलने से क्षेत्र का माहौल खराब होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि रामपुर स्थित शराब दुकान को हटाने की मांग भी लंबे समय से की जा रही है।
आबकारी मंत्री ने दी सफाई
इस मामले में आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि अभी तक दुकान खोलने का कोई निर्णय नहीं हुआ था। उनके मुताबिक आबकारी विभाग की टीम केवल संभावित जगह देखने गई थी।
यह बयान दिखाता है कि विभाग और ग्रामीणों के बीच अभी संवाद की गुंजाइश बनी हुई है।
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