30 करोड़ की जमीन का सौदा 3 करोड़ में... ऐसे हुआ खुलासा
रायपुर में 30 करोड़ की जमीन को 3 करोड़ में बेचने का ठगों में सौदा कर लिया। उन्होंने जमीन मालकिन का नाम असली उपयोग किया, लेकिन उसमें नकली फोटो लगाकर फर्जी डॉक्यूमेंट बनवा लिए। इसके लिए एडवांस में 10 लाख रुपए की रकम वसूल की। जब खरीदार व्यक्ति ने पेपर में इश्तहार छपवाया तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। आमानाका पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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4 एकड़ जमीन पर मास्टरमाइ्ंड की बुरी नजर
जानकारी के मुताबिक मंजू देवी अग्रवाल नाम की महिला की चंदनीडीह में 4 एकड़ जमीन है। इसकी कीमत करीब 30 करोड़ रुपए है। जमीन पर ठगों की नजर पड़ गई। हरिशंकर सिंह और अमन वर्मा ने जमीन कि नकली दस्तावेज तैयार करवाए। फिर गरियाबंद की एक महिला चेतना ठाकुर को जमीन मालकिन मंजू देवी बनाकर खरीददार के सामने लेकर गए। उन्होंने आधार और पैन कार्ड में भी चेतन को मंजू अग्रवाल दिखाया।
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ऐसे हुआ खुलासा
गणेश बोले ने जमीन खरीदने से पहले पेपर में इश्तहार दिया। जिस जमीन की वास्तविक मालिक मंजू देवी को फर्जीवाड़े का पता चल गया। उसने गणेश बोले से संपर्क किया। फिर आमानाका पुलिस से इसकी शिकायत की। जांच पड़ताल में साबित हुआ कि सभी दस्तावेज फर्जी है। इस मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी हरिशंकर सिंह के अलावा चेतना ठाकुर, नरेंद्र राजपूत, अरुण कुमार सरोज, रूपेश धनकर, प्रकाश यादव, राकेश कंसारी, युगल किशोर देवांगन और अमित कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
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FAQ
- रायपुर में जमीन धोखाधड़ी का यह मामला कैसे उजागर हुआ?
खरीदार गणेश बोले ने जमीन खरीदने से पहले अखबार में इश्तहार दिया। इश्तहार देखकर असली जमीन मालिक मंजू देवी को फर्जीवाड़े का पता चला। मंजू देवी ने गणेश बोले से संपर्क कर मामले की जानकारी दी, जिसके बाद आमानाका पुलिस को शिकायत की गई। - इस धोखाधड़ी के लिए आरोपियों ने क्या तरीका अपनाया?
आरोपियों ने असली जमीन मालिक मंजू देवी का नाम इस्तेमाल किया, लेकिन नकली फोटो लगाकर फर्जी आधार और पैन कार्ड बनवाए। गरियाबंद की महिला चेतना ठाकुर को मंजू देवी के रूप में पेश किया और जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर 30 करोड़ की जमीन का सौदा 3 करोड़ में कर दिया। - इस मामले में पुलिस ने किन आरोपियों को गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी हरिशंकर सिंह और चेतना ठाकुर के साथ नरेंद्र राजपूत, अरुण कुमार सरोज, रूपेश धनकर, प्रकाश यादव, राकेश कंसारी, युगल किशोर देवांगन, और अमित कुमार को गिरफ्तार किया है। सभी पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
FAQ
- रायपुर में जमीन धोखाधड़ी का यह मामला कैसे उजागर हुआ?
खरीदार गणेश बोले ने जमीन खरीदने से पहले अखबार में इश्तहार दिया। इश्तहार देखकर असली जमीन मालिक मंजू देवी को फर्जीवाड़े का पता चला। मंजू देवी ने गणेश बोले से संपर्क कर मामले की जानकारी दी, जिसके बाद आमानाका पुलिस को शिकायत की गई। - इस धोखाधड़ी के लिए आरोपियों ने क्या तरीका अपनाया?
आरोपियों ने असली जमीन मालिक मंजू देवी का नाम इस्तेमाल किया, लेकिन नकली फोटो लगाकर फर्जी आधार और पैन कार्ड बनवाए। गरियाबंद की महिला चेतना ठाकुर को मंजू देवी के रूप में पेश किया और जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर 30 करोड़ की जमीन का सौदा 3 करोड़ में कर दिया। - इस मामले में पुलिस ने किन आरोपियों को गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी हरिशंकर सिंह और चेतना ठाकुर के साथ नरेंद्र राजपूत, अरुण कुमार सरोज, रूपेश धनकर, प्रकाश यादव, राकेश कंसारी, युगल किशोर देवांगन, और अमित कुमार को गिरफ्तार किया है। सभी पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
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