छत्तीसगढ़ शराब घोटाला; सौम्या चौरसिया समेत 3 के खिलाफ 1033 पन्नों का चालान पेश, आ सकते हैं जेल से बाहर
NEWS IN SHORT
- शराब घोटाले में सौम्या चौरसिया, केके श्रीवास्तव और देवेंद्र डड़सेना पर नया चालान पेश ।
- 3200 करोड़ के घोटाले में एसीबी ने 1033 पन्नो का चालान पेश किया हैं।
- सौम्या और श्रीवास्तव पूर्व सीएम भूपेश बघेल के करीबी रहे हैं।
- डड़सेना को कई सालों बाद गिरफ्तार किया गया था।
- सौम्या को उच्च न्यायालय से शर्तों के साथ जमानत मिली थी।
NEWS IN DETAIL
शराब घोटाले में नया चालान पेश
Raipur : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 3200 करोड़ के शराब घोटाले में एसीबी ने सौम्या चौरसिया, केके श्रीवास्तव और देवेंद्र डड़सेना के खिलाफ नया चालान पेश किया है।
यह चालान एसीबी की तरफ से एसीबी कोर्ट में 1033 पन्नो का पेश किया गया है, जिसमें पैसों के लेन-देन और शराब घोटाले में इनकी भूमिका के बारे में जानकारी दी गई है।
सौम्या चौरसिया और केके श्रीवास्तव दोनों पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी रहे हैं, जबकि देवेंद्र डड़सेना, पीसीसी के फरार कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के करीबी रहे हैं। डड़सेना को लंबे समय से फरार रहने के बाद गिरफ्तार किया गया था।
सौम्या चौरसिया की रिहाई की शर्त
सौम्या चौरसिया को पहले कोयला घोटाले में गिरफ्तार किया गया था, जहां वह दो साल तक जेल में रहीं। इसके बाद, सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्हें रिहाई मिली थी।
अब, शराब घोटाले में उनकी गिरफ्तारी हुई है, जिसे लेकर उन्होंने उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दायर की थी। हालांकि, पहले याचिका खारिज हो गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद हाई कोर्ट ने त्वरित सुनवाई की और उन्हें शर्तों के साथ जमानत दे दी।
चालान और जमानत की शर्तें
चालान पेश होने के बाद, सौम्या और श्रीवास्तव को शर्तों के तहत जमानत मिल सकती है। यह साफ हो गया है कि शराब घोटाले में इनकी भूमिका को उजागर किया गया है और जमानत मिलने के बाद दोनों जेल से बाहर आ सकते हैं।
इस चालान में पीसीसी और सौम्या चौरसिया की भूमिका को स्पष्ट किया गया है। यह केस लगातार राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बना हुआ है और जांच एजेंसियों पर राजनीतिक षड्यंत्र के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
यह खबरें भी पढ़े...
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला : सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट ने दी जमानत, लेकिन माननी होंगी ये शर्तें