सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर की 2.66 करोड़ की संपत्ति की कुर्क, कोल लेवी घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई

ED ने छत्तीसगढ़ के अवैध कोयला लेवी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 2.66 करोड़ रुपए की संपत्तियों को कुर्क किया है। ये संपत्तियां सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर से जुड़ी बताई जा रही हैं। ईडी का दावा है कि ये संपत्तियां अपराध से अर्जित धन से ली गई थीं।

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Harrison Masih
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NEWS IN SHORT

  • ईडी ने अवैध कोयला लेवी मामले में 2.66 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क की हैं।
  • कुर्क की गई संपत्तियां सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर से जुड़ी बताई जा रही हैं।
  • ये संपत्तियां रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी गई थीं।
  • कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है।
  • इससे पहले ईडी 35 लोगों की 273 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच कर चुकी है।

NEWS IN DETAIL

अवैध कोयला लेवी केस में ईडी की नई कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित अवैध कोयला लेवी और जबरन वसूली मामले में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने इस मामले में 2.66 करोड़ रुपए मूल्य की आठ अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। इन संपत्तियों में आवासीय फ्लैट और जमीन के टुकड़े शामिल हैं।

रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियां

ईडी के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियां छत्तीसगढ़ कैडर के गिरफ्तार अधिकारी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया तथा सह-आरोपी निखिल चंद्राकर से जुड़ी हैं। जांच में सामने आया है कि इन संपत्तियों को आरोपियों ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर खरीदा था, ताकि अवैध कमाई को छिपाया जा सके।

कोयला परिवहन से जुड़ी अवैध वसूली

जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपियों ने अवैध कोयला परिवहन और व्यापार से जुड़ी गतिविधियों पर लेवी वसूली और जबरन वसूली के जरिए भारी रकम जुटाई। इसी अवैध धन को बाद में रियल एस्टेट में निवेश किया गया। ईडी ने इन संपत्तियों को ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ मानते हुए कुर्क किया है।

PMLA के तहत कार्रवाई, जांच जारी

यह पूरी कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है। ईडी अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच अभी जारी है और अवैध लेन-देन से जुड़े अन्य लोगों और संपत्तियों की भी गहन पड़ताल की जा रही है।

Sootr Knowledge

  • अवैध कोयला लेवी मामला छत्तीसगढ़ का बड़ा आर्थिक अपराध माना जाता है।
  • PMLA के तहत अपराध से अर्जित संपत्तियों को कुर्क किया जा सकता है।
  • रिश्तेदारों के नाम पर संपत्ति खरीदना मनी लॉन्ड्रिंग का सामान्य तरीका माना जाता है।
  • ईडी पहले भी इस मामले में कई गिरफ्तारियां कर चुकी है।
  • कुर्की अस्थायी होती है, जिसे बाद में कोर्ट द्वारा पुष्टि या निरस्त किया जाता है।

ED attached assets 2 crore

IMP FACTS

  • कुर्क संपत्तियों की कीमत: ₹2.66 करोड़
  • कुर्क की गई संपत्तियां: 8 अचल संपत्तियां
  • अब तक कुर्क संपत्ति: ₹273 करोड़
  • अब तक प्रभावित लोग: 35
  • मामला: अवैध कोयला लेवी और मनी लॉन्ड्रिंग

आगे क्या

  • ईडी अन्य संदिग्ध संपत्तियों की पहचान करेगी।
  • मामले में और कुर्की या गिरफ्तारियां संभव हैं।
  • जांच पूरी होने पर चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
  • कोर्ट कुर्क की गई संपत्तियों पर अंतिम फैसला सुनाएगा।
  • अन्य एजेंसियां भी समानांतर जांच तेज कर सकती हैं।

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ के अवैध कोयला लेवी मामले में ईडी की यह कार्रवाई संकेत देती है कि जांच एजेंसी पूरे नेटवर्क को तोड़ने के मूड में है। 2.66 करोड़ की नई कुर्की के साथ अब तक 273 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। आने वाले दिनों में यह मामला और बड़े खुलासों की ओर बढ़ सकता है।

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