महंगाई के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी, छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस कार्यकारिणी भंग
NEWS IN SHORT
- छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की पुरानी प्रदेश कार्यकारिणी तत्काल प्रभाव से भंग।
- राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के निर्देश पर हुआ बड़ा फैसला।
- विधायक संगीता सिन्हा बनीं महिला कांग्रेस की नई कार्यकारी अध्यक्ष।
- ब्लॉक और बूथ स्तर तक संगठन का किया जाएगा पुनर्गठन।
- महंगाई और महिला मुद्दों पर उग्र जमीनी आंदोलन की तैयारी।
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के भीतर एक बड़ा और कड़ा संगठनात्मक फेरबदल देखने को मिला है। ऑल इंडिया महिला कांग्रेस (AIMC) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के निर्देश पर छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की वर्तमान प्रदेश कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। पार्टी के इस बड़े फैसले को आगामी चुनावों के मद्देनजर संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
पदभार संभालते ही एक्शन में नई अध्यक्ष
दरअसल, हाल ही में संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा को छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस का नया कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। संगीता सिन्हा ने 15 मई को ही राजधानी रायपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, 'राजीव भवन' में पूरे लाव-लश्कर और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में आधिकारिक रूप से अपना पदभार संभाला था।
उनके पदभार ग्रहण करने के ठीक दो दिन बाद पूरी कार्यकारिणी को भंग करने का यह कड़ा फैसला सामने आया है। गौरतलब है कि राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम के इस्तीफे के बाद से छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस अध्यक्ष का यह महत्वपूर्ण पद लंबे समय से खाली चल रहा था। इस खालीपन को दूर करने और संगठन में नई ऊर्जा फूंकने के लिए ही आलाकमान ने संगीता सिन्हा पर भरोसा जताया है।
बूथ स्तर तक संगठन को रीस्ट्रक्चर करने की तैयारी
राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, आगामी चुनावों की चुनौतियों को देखते हुए महिला संगठन को ब्लॉक और बूथ स्तर तक पूरी तरह से रीस्ट्रक्चर (पुनर्गठन) करने के उद्देश्य से पुरानी कार्यकारिणी को भंग किया गया है। नई अध्यक्ष संगीता सिन्हा अब पूरी तरह से अपनी नई टीम तैयार करेंगी, जिसमें सक्रिय, जमीनी और जुझारू महिला कार्यकर्ताओं को तरजीह दी जाएगी। पार्टी का मुख्य फोकस निचले स्तर पर नए चेहरों को जोड़कर संगठन को और अधिक आक्रामक बनाना है।
महंगाई और महिला मुद्दों पर उग्र आंदोलन की रूपरेखा
पुरानी कार्यकारिणी को भंग करने के पीछे सिर्फ संगठन का बदलाव ही नहीं, बल्कि आगामी दिनों की बड़ी रणनीतिक तैयारी भी है। नई कार्यकारिणी के गठन के साथ ही छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस राज्य में एक बड़े आंदोलन की शुरुआत करने जा रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, महिलाओं से जुड़े स्थानीय मुद्दों और लगातार बढ़ती महंगाई (विशेषकर पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस सिलेंडर और खाद्य सामग्रियों के बढ़ते दाम) के खिलाफ महिला कांग्रेस अब सड़क पर उतरने की तैयारी में है।
इस रणनीति के तहत ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर पर चरणबद्ध तरीके से जमीनी आंदोलन शुरू किए जाएंगे, ताकि जनता के बीच पैठ को मजबूत किया जा सके। अब देखना होगा कि नई कार्यकारिणी का चेहरा कैसा होता है और संगीता सिन्हा की नई टीम आगामी चुनावों में कांग्रेस को कितना फायदा पहुंचा पाती है।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की कार्यकारिणी को भंग करना आगामी चुनावों के लिए एक सोची-समझी रणनीतिक कवायद है। नई कार्यकारी अध्यक्ष संगीता सिन्हा के नेतृत्व में संगठन को ब्लॉक और बूथ स्तर पर पुनर्गठित कर, पार्टी बढ़ती महंगाई और महिला मुद्दों पर जमीनी स्तर पर एक आक्रामक आंदोलन खड़ा करने की तैयारी में है।
FAQ
Q1. छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की कार्यकारिणी को क्यों भंग किया गया?
Ans: आगामी चुनावों को देखते हुए संगठन को ब्लॉक और बूथ स्तर तक नए सिरे से रीस्ट्रक्चर (पुनर्गठन) करने और मजबूत बनाने के लिए पुरानी कार्यकारिणी को भंग किया गया है।
Q2. छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की नई कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष कौन हैं?
Ans: संजारी बालोद से कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की नई कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष हैं। उन्होंने 15 मई को कार्यभार संभाला है।
Q3. नई कार्यकारिणी के गठन के बाद महिला कांग्रेस की क्या योजना है?
Ans: नई टीम के गठन के साथ ही पार्टी महिलाओं से जुड़े मुद्दों और बढ़ती महंगाई (पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस) के खिलाफ जमीनी स्तर पर बड़े आंदोलन शुरू करने की तैयारी में है।
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