महतारी वंदन में अपात्र महिलाओं को बांट दिए 18 करोड़, अब वसूल रही सरकार
RAIPUR : छत्तीसगढ़ में चुनाव जीती बीजेपी सरकार ने आनन फानन में मोदी की गारंटी पूरी करने के लिए महतारी वंदन योजना शुरु कर दी। जितने आवेदन आए उनमें से अधिकांश महिलाओं को महतारी बनाकर सरकार ने वंदन कर लिया।
इसमें ऐसी भी महिलाएं शामिल हो गईं जो योजना की शर्तों को पूरा नहीं करती हैं। जब इसकी पड़ताल की तो सामने आया कि 54 हजार से ज्यादा महिलाएं ऐसी निकलीं जो नियमों को पूरा नहीं करती और महतारी वंदन का फायदा उठाती रहीं।
कोई सरकारी नौकरी में थी तो किसी की शादी नहीं हुई थी। सरकार ने ऐसी अपात्र महिलाओं को 18 करोड़ रुपए बांट दिए। जब अपात्र महिलओं का पता चला तो अब सरकार ने वसूली अभियान शुरु कर दिया है।
अपात्रों को बांटा पैसा:
छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने एक घोषणा की थी। इसके तहत सरकार बनने के बाद प्रदेश की हर महिला को 1 हजार रुपए महीने दिए जाएंगे। यह पैसे हर महीने उनके खाते में पहुंचेंगे। इस महतारी वंदन योजना को मोदी की गारंटी कहा गया। बीजेपी चुनाव जीती और विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार बनी।
सरकार ने मार्च 2024 से इस योजना की शुरुवात कर दी। योजना में शामिल होने के लिए 70 लाख 27 हजार 154 आवेदन फॉर्म आए। इनमें से 70 लाख 9 हजार 158 महिलाएं इस योजना में शामिल की गईं जिनको पहली किस्त मिली।
योजना शुरु होने के करीब सवा साल और सरकार के ढाई साल बाद जून 2026 में 68 लाख 54 हजार 3 महिलाओं को महतारी वंदन का पैसा मिला। यानी 155655 महिलाएं योजना से बाहर हो गईं। इनमें वे महिलाएं भी शामिल थीं जिन्होंने महीनों तक महतारी वंदन का पैसा लिया है।
18 करोड़ अपात्रों के खाते में :
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2024 से जून 2026 तक 19964 अपात्र महिलाएं पाई गईं जिनको महीनों तक महतारी वंदन का पैसा मिला है। इन महिलाओं को सरकार ने 18 करोड़ 15 लाख से ज्यादा राशि बांट दी। जब सरकार को पता चला तो उसने वसूली अभियान शुरु कर दिया। अब तक सरकार 6 करोड़ 13 लाख रुपए वसूल चुकी है। अभी भी 10 करोड़ 12 लाख रुपए वसूले जाने बाकी हैं।
54 हजार से ज्यादा अपात्र :
महतारी वंदन योजना के लिए नियम एवं शर्तें तय की गईं। इनमें प्रमुख रुप से सरकारी नौकरी या इन्कमटैक्स पेयी महिलाएं नहीं होनी चाहिए। पति यदि सरकारी नौकरी में हैं तो पत्नी को यह लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा महिला का बालिग होना और शादीशुदा होना अनिवार्य है। लेकिन महीनों तक ऐसी कई आयोग्य महिलाएं इस योजना का फायदा उठाती रहीं।
समय समय पर जो महिलाएं अपात्र मिलती गईं उनको योजना से बाहर किया जाता रहा। अब तक 54127 अपात्र महिलाएं मिल चुकी हैं। सरकार अब यह पड़ताल कर रही है कि इन अपात्रों ने इस योजना के तहत कितना पैसा लिया है। उसकी वसूली की तैयारी भी सरकार कर रही है।
इतनी अपात्र महिलाएं :
- पहले भुगतान के बाद अपात्र - 27050
- दो या अधिक आवेदन - 15036
- सरकारी नौकरी - 6946
- 21 साल से कम उम्र - 370
- अविवाहित - 765
- छत्तीसगढ़ की स्थानीय निवासी नहीं - 183
- आयकरदाता - 119
- अन्य कारणों से अपात्र - 2931
- कुल अपात्र महिलाएं - 54127
निष्कर्ष :
छत्तीसगढ़ सरकार अब तक महतारी वंदन योजना के तहत 18 हजार 807 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। यह योजना सरकार के खजाने पर भारी पड़ रही है। केवायसी के जरिए अपात्र महिलाओं की पहचान की जा रही है। हालांकि सरकार कहती है कि जिन्होने केवायसी नहीं कराई है उनकी राशि भी जारी की जा रही है।
लेकिन 30 हज़ार महिलाएं ऐसी हैं जिनको केवायसी या अन्य कागज़ न मिलने से राशि रोकी गई है। वहीं अपात्र के अलावा योजना से बाहर होने का कारण महिलाओं की मौत होना भी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस योजना में शामिल 1 लाख 21 हज़ार महिलाओं की मौत हो चुकी है।
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