विकास की वेदी पर बलि चढ़ता छत्तीसगढ़ का शिमला, बॉक्साइट की चमक में धुंधलाता मैनपाट

Aishwarya Dwivedi | Apr 24, 2026, 10:07 IST
Share
mainpat-bauxite-mining-chhattisgarh-shimla-sacrificed
mainpat-bauxite-mining-chhattisgarh-shimla-sacrificed

मैनपाट में प्रस्तावित खनन परियोजना से हाथियों का पारंपरिक रास्ता और स्थानीय पर्यावरण प्रभावित होंगे। ग्रामसभा की अनदेखी और पर्यटन पर खनन का नकारात्मक असर पड़ सकता है।

NEWS IN SHORT

  • मैनपाट में खनन प्रस्ताव से पर्यावरण संकट।
  • हाथियों का पारंपरिक रास्ता प्रभावित होगा।
  • ग्रामसभा की अनदेखी और स्थानीय विरोध।
  • पर्यटन पर खनन का नकारात्मक प्रभाव।
  • मांझी समुदाय की आजीविका पर संकट।

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ के शिमला के नाम से मशहूर मैनपाट की वादियों में इन दिनों एक अनजाना खौफ छाया हुआ है। यह खौफ नए खनन प्रस्ताव से जुड़ा है, जो इलाके की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण के लिए खतरे का संकेत है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मैनपाट के कंडराजा और सपनादर इलाकों में बॉक्साइट खनन के नाम पर घने जंगलों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है। इतना ही नहीं हाथियों के पारंपरिक रास्ते को भी नष्ट किया जा रहा है।

खदान परियोजना में 121 हेक्टेयर का घना जंगल

मैनपाट के कंडराजा क्षेत्र में प्रस्तावित 135 हेक्टेयर की खदान परियोजना में से 121 हेक्टेयर घना जंगल है, जो हाथियों का सुरक्षित गलियारा (कॉरिडोर) है। वन विभाग के दस्तावेजों और स्थानीय जानकारों के मुताबिक, यह कॉरिडोर करीब 40 किलोमीटर लंबा है और इसमें से 10 किलोमीटर का हिस्सा खदान से प्रभावित होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस रास्ते का नष्ट होना न केवल पर्यावरणीय संकट पैदा करेगा, बल्कि हाथियों के गुस्से को भी भड़काएगा। इससे ग्रामीणों की जान-माल को खतरा हो सकता है।

ग्रामसभा की अनदेखी: स्थानीय विरोध

कंडराजा के सरपंच फूलसाय राम ने स्पष्ट कहा है कि खदान के लिए ग्रामसभा से कोई अनुमति नहीं ली गई है। उन्होंने बताया कि हाथी इसी रास्ते से आते-जाते हैं और खदान खुलने के बाद वे गांव में घुस सकते हैं। वहीं, स्थानीय ग्रामीण परमेश्वर मांझी ने आरोप लगाया है कि जनसुनवाई के नाम पर औपचारिकता निभाई गई और बिना ग्रामीणों की सहमति के यह खदान का निर्णय उन पर थोपा जा रहा है।

मैनपाट की अर्थव्यवस्था को नुकसान

मैनपाट की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का बड़ा योगदान है, लेकिन खदान के प्रस्ताव से यह क्षेत्र पर्यटन के लिए आकर्षक नहीं रहेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि खदान से उड़ने वाली धूल, ट्रकों की आवाजाही और पहाड़ों की कटाई मैनपाट की प्राकृतिक सुंदरता को नष्ट कर देंगे। जो सैलानी शांति और सुकून की तलाश में मैनपाट आते हैं, वे धूल और धमाकों के बीच क्यों आएंगे?

हाथियों का व्यवहार बदल सकता है: जानकारों की चेतावनी

वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि हाथी अपने पारंपरिक रास्तों के प्रति बेहद संवेदनशील होते हैं। खदान के कारण शोर और ब्लास्टिंग से उनका व्यवहार हिंसक हो सकता है। यदि कॉरिडोर प्रभावित होता है, तो हाथियों के झुंड बिखर सकते हैं और वे नए रास्तों की तलाश में सीधे रिहायशी बस्तियों, फसलों और कच्चे घरों को निशाना बना सकते हैं।

मांझी समुदाय पर असर

इस खदान परियोजना से महज 300 मीटर की दूरी पर मांझी जनजाति की बस्ती है। स्थानीय निवासी मंगलसाय और जुगेश्वर का कहना है कि उनका जीवन पूरी तरह जंगल पर निर्भर है। यदि 121 हेक्टेयर जंगल काट दिया गया, तो मांझी समुदाय के पास अपने जीवनयापन का कोई साधन नहीं रहेगा।

निष्कर्ष

मैनपाट में खनन परियोजना के प्रस्ताव ने इलाके की शांति और पर्यावरणीय संतुलन को खतरे में डाल दिया है। यदि इस परियोजना को मंजूरी मिलती है, तो यह न केवल पर्यावरणीय संकट उत्पन्न करेगा, बल्कि हाथियों के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर प्राकृतिक संसाधनों का विनाश नहीं किया जा सकता, और उन्हें इस खदान परियोजना के खिलाफ आवाज उठानी होगी।

यह खबरें भी पढ़ें...

चंबल में अवैध खनन रोकने के लिए पैरामिलिट्री फोर्स तैनात करनी पड़ेगी: सुप्रीम कोर्ट

वेदांता के उड़ीसा में बाक्साइट खनन प्रोजेक्ट पर बवाल, छत्तीसगढ़ पहुंची विरोध की आग, पेड़ों का कटना नेशनल ईश्यू

अवैध खनन करने वालों से वसूली में दो आरपीएस एपीओ, आईपीएस पहले ही हटाए

TATA की कंपनी पर खनन विभाग का शिकंजा, इस मामले में थमाया 1755 करोड़ का नोटिस

Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • वन विभाग
  • पर्यटन
  • अर्थव्यवस्था
  • कॉरिडोर
  • मैनपाट
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि