छत्तीसगढ़ में एमबीबीएस एडमिशन के नियम बदले, अब फर्जी दावों पर लगेगी रोक
Harrison Masih | Aug 05, 2026, 19:18 IST
MBBS एडमिशन के नियम
एमबीबीएस NRI कोटा 2026-27 के लिए NMC ने नई गाइडलाइन जारी की है। छत्तीसगढ़ के निजी मेडिकल कॉलेजों में NRI सीटों पर अब पात्रता साबित करने के लिए शपथपत्र देना होगा।
छत्तीसगढ़ के निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस (MBBS) की 15 प्रतिशत एनआरआई कोटा सीटों पर प्रवेश के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने नए सत्र 2026-27 के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। नए नियमों के अनुसार अब अभिभावकों को यह साबित करना होगा कि छात्र वास्तव में एनआरआई श्रेणी में प्रवेश का पात्र है। इसके लिए शपथपत्र (Affidavit) देना अनिवार्य होगा।
प्रदेश के 5 निजी मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई कोटे की कुल 163 सीटें हैं। अभी तक राज्य में स्पॉन्सर्ड एनआरआई नियम के तहत भी प्रवेश दिया जाता रहा है। इस व्यवस्था को लेकर दो वर्ष पहले विवाद हुआ था, लेकिन बाद में हाईकोर्ट ने छात्रों के पक्ष में फैसला दिया था।
एनएमसी ने अपनी नई गाइडलाइन में स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट के अंशुल तोमर बनाम मध्य प्रदेश राज्य (WP No. 13393/2007, वर्ष 2008) के फैसले के अनुसार एनआरआई कोटे की पात्रता तय की जाएगी।
इसके तहत इन स्थितियों में छात्र को एनआरआई कोटे के लिए पात्र माना जाएगा-
यदि छात्र के माता या पिता प्रवासी भारतीय (NRI) हैं और सामान्य रूप से विदेश में रहते हैं। यदि छात्र का प्रथम श्रेणी का रिश्तेदार (First Degree Relative) प्रवासी भारतीय है और विदेश में निवास करता है, तो भी छात्र पात्र हो सकता है।
एनएमसी के अनुसार प्रथम श्रेणी के रिश्तेदारों में शामिल हैं-
माता-पिता
सगा भाई
सगी बहन
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प्रदेश में वर्तमान में स्पॉन्सर्ड एनआरआई का नियम लागू है। इसके तहत यदि छात्र का कोई निकट संबंधी विदेश में रहता है और वह एनआरआई है, तो छात्र एनआरआई कोटे में आवेदन कर सकता है।
प्रवेश के लिए दो पीढ़ी तक के रक्त संबंध का प्रमाण देना होता है। इसके लिए वंशावली प्रमाणपत्र (Genealogy Certificate) आवश्यक रहता है।
स्पॉन्सर्ड एनआरआई व्यवस्था के तहत इन रिश्तेदारों के आधार पर पात्रता मिल सकती है-
नई गाइडलाइन लागू होने के बाद एनआरआई कोटे में प्रवेश प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी होने की उम्मीद है। अब केवल दस्तावेजों के साथ यह भी साबित करना होगा कि छात्र वास्तव में एनआरआई श्रेणी की पात्रता पूरी करता है। इससे फर्जी दावों पर रोक लगाने और पात्र विद्यार्थियों को ही एनआरआई कोटे का लाभ दिलाने में मदद मिलेगी।
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प्रदेश के 5 निजी मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई कोटे की कुल 163 सीटें हैं। अभी तक राज्य में स्पॉन्सर्ड एनआरआई नियम के तहत भी प्रवेश दिया जाता रहा है। इस व्यवस्था को लेकर दो वर्ष पहले विवाद हुआ था, लेकिन बाद में हाईकोर्ट ने छात्रों के पक्ष में फैसला दिया था।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर जारी हुई गाइडलाइन
इसके तहत इन स्थितियों में छात्र को एनआरआई कोटे के लिए पात्र माना जाएगा-
यदि छात्र के माता या पिता प्रवासी भारतीय (NRI) हैं और सामान्य रूप से विदेश में रहते हैं। यदि छात्र का प्रथम श्रेणी का रिश्तेदार (First Degree Relative) प्रवासी भारतीय है और विदेश में निवास करता है, तो भी छात्र पात्र हो सकता है।
प्रथम श्रेणी के रिश्तेदार में कौन-कौन शामिल
माता-पिता
सगा भाई
सगी बहन
प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई सीटें-
mbbs nri quota rules
स्पॉन्सर्ड एनआरआई व्यवस्था में क्या है नियम
प्रवेश के लिए दो पीढ़ी तक के रक्त संबंध का प्रमाण देना होता है। इसके लिए वंशावली प्रमाणपत्र (Genealogy Certificate) आवश्यक रहता है।
किन रिश्तेदारों के आधार पर मिल सकती है पात्रता
- दादा-दादी
- नाना-नानी
- चाचा-चाची
- ताऊ-ताई
- मामा-मामी
- मौसी
- बुआ
- भाई-बहन
- भाई-बहन की संतान
- चाचा, मामा, मौसी और बुआ की संतान
- एनआरआई कोटे के लिए जरूरी शर्तें
एनएमसी के अनुसार पात्रता के लिए कुछ प्रमुख शर्तें भी तय की गई हैं-
- संबंधित व्यक्ति छात्र का निकट संबंधी होना चाहिए।
- वह प्रवासी भारतीय (NRI) होना चाहिए।
- उसका सामान्य निवास विदेश में होना चाहिए।
- प्रवेश के समय आवश्यक दस्तावेज और शपथपत्र प्रस्तुत करना होगा।
क्या होगा असर
FAQ
- MBBS NRI कोटे के लिए NMC ने कौन-सा नया नियम जारी किया है?
NMC की नई गाइडलाइन के अनुसार अब NRI कोटे में प्रवेश लेने वाले छात्रों के अभिभावकों को शपथपत्र देकर यह साबित करना होगा कि छात्र NRI कोटे की पात्रता पूरी करता है। - छत्तीसगढ़ के निजी मेडिकल कॉलेजों में कितनी NRI सीटें हैं?
छत्तीसगढ़ के 5 निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS की कुल 163 NRI सीटें हैं। ये सीटें बालाजी मेडिकल कॉलेज रायपुर, RIMS रायपुर, शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज भिलाई, अभिषेक मिश्रा मेडिकल कॉलेज भिलाई और रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज रायपुर में हैं। - MBBS NRI सीट के लिए कौन-कौन पात्र होंगे?
छात्र के माता-पिता NRI होने पर वह पात्र माना जाएगा। इसके अलावा कुछ मामलों में प्रथम श्रेणी के रिश्तेदार जैसे सगे भाई-बहन, जो NRI हैं और विदेश में रहते हैं, उनके आधार पर भी पात्रता मिल सकती है।
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