ICU के चेंजिंग रूम में बन रहा था MMS, इस नामी हॉस्पिटल में गंदा खेल
छत्तीसगढ़ के भिलाई में स्थित एक नामी अस्पताल के आईसीयू के चेंजिंग रूम में एमएमएस वीडियो बनाने का मामला सामने आया है। इस खुलासे से अस्पताल में हड़कंप मच गया है। दरअसल, दुर्ग जिले के भिलाई स्टील प्लांट के सेक्टर-9 अस्पताल के चेंजिंग रूम में नर्स का अश्लील वीडियो बनाने का मामला सामने आया है। बीएसपी प्रबंधन ने समय रहते आरोपी को पकड़ लिया और उसका मोबाइल जब्त कर लिया। प्रबंधन ने आरोपी को नौकरी से निकाल दिया है। खबर लिखे जाने तक पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
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मोबाइल से वीडियो बना रहा था कर्मचारी
जानकारी के मुताबिक, बीएसपी के एक कॉन्ट्रैक्ट लेबर ने पं. जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र सेक्टर-9 में ड्यूटी के दौरान आईसीयू में बने चेंजिंग रूम के रोशनदान से कपड़े बदलते हुए एक नर्स का मोबाइल से वीडियो बना रहा था।
जब युवक वीडियो बना रहा था उसी दौरान एक नर्सिंग स्टाफ ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। उनसे उसका मोबाइल छीनकर हॉस्पिटल प्रबंधन को दे दिया। प्रबंधन ने आनन-फानन में नर्स और उसके परिवार से बात की। इसके बाद नर्स को पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही गई, लेकिन उसने बदनामी के डर से एफआईआर नहीं की है।
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कर्मचारी नेताओं ने जताई नाराजगी
वहीं, घटना के बाद बीएसपी के कर्मचारी नेताओं ने ईडी मेडिकल डॉ. रविंद्र नाथ से फोन पर बात की और जमकर नाराजगी जताई। डॉ. रविंद्र नाथ ने तुरंत वहां की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनीता द्विवेदी की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित की है। कमेटी ने मामले की जांच कर नर्सिंग स्टॉफ के परिजनों से भी बात की। साथ ही आरोपी के मोबाइल से वीडियो लेकर सुरक्षित करते हुए फोन से डिलीट किया गया।
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FAQ
- इस घटना में आरोपी कौन था और उसने क्या किया था?
इस घटना में आरोपी बीएसपी के एक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी था। उसने पं. जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय के आईसीयू के चेंजिंग रूम में कपड़े बदलती एक नर्स का वीडियो अपने मोबाइल से बनाया था। जब नर्सिंग स्टाफ ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया, तो मोबाइल छीनकर उसे अस्पताल प्रबंधन को सौंप दिया गया। - इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने क्या कदम उठाए?
अस्पताल प्रबंधन ने आरोपी को तुरंत पकड़ लिया और उसका मोबाइल जब्त कर लिया। इसके बाद आरोपी को नौकरी से निकाल दिया गया। इसके साथ ही प्रबंधन ने नर्स और उसके परिवार से बात की और पुलिस में शिकायत दर्ज करने की बात कही, हालांकि नर्स ने बदनामी के डर से एफआईआर नहीं दर्ज कराई। - इस घटना पर कर्मचारी नेताओं का क्या प्रतिक्रिया था?
घटना के बाद बीएसपी के कर्मचारी नेताओं ने अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों से नाराजगी जताई। इसके बाद अस्पताल ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की, जिसमें नर्सिंग स्टाफ के परिजनों से भी बातचीत की गई और आरोपी के मोबाइल से वीडियो डिलीट कर सुरक्षित कर लिया गया।
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