मुकेश चंद्राकर हत्याकांड: हाईकोर्ट ने खारिज की आरोपियों की याचिका, दंतेवाड़ा में ही चलेगा मुकदमा
NEWS IN SHORT
- हाईकोर्ट ने पत्रकार हत्याकांड के आरोपियों की ट्रायल ट्रांसफर याचिका खारिज की।
- पत्रकार मुकेश चंद्राकर की 1 जनवरी 2025 को निर्मम हत्या की गई थी।
- आरोपितों ने रास्ते में जान को खतरे का हवाला दिया, अदालत ने इसे निराधार बताया।
- ट्रायल दंतेवाड़ा जिला और सत्र अदालत में ही होगा।
- सुरेश चंद्राकर ने भ्रष्टाचार का खुलासा करने पर मुकेश की हत्या की थी।
NEWS IN DEATIL
Raipur. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में मुख्य आरोपित सुरेश चंद्राकर और अन्य आरोपियों की आपराधिक स्थानांतरण याचिका को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने यह स्पष्ट किया कि मामले का ट्रायल दंतेवाड़ा की जिला एवं सत्र अदालत में ही जारी रहेगा।
क्या था मामला?
मुकेश चंद्राकर, जो एक स्वतंत्र पत्रकार और 'बस्तर जंक्शन' यूट्यूब चैनल के संचालक थे, की एक जनवरी 2025 को निर्ममता से हत्या कर दी गई थी। उनका शव उनके चचेरे भाई ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के घर के सेप्टिक टैंक से बरामद हुआ था। आरोप है कि मुकेश ने सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का खुलासा किया था, जिसके चलते ठेकेदार सुरेश चंद्राकर ने रंजिश रखते हुए अपने भाइयों और सहयोगियों के साथ मिलकर इस हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया।
याचिका में क्या कहा गया था?
आरोपितों के वकील ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर यह मांग की थी कि मामले का ट्रायल दंतेवाड़ा से जगदलपुर स्थानांतरित किया जाए, क्योंकि दंतेवाड़ा जेल से जगदलपुर कोर्ट तक लगभग 80 किलोमीटर का रास्ता होने के कारण आरोपितों की जान को खतरा हो सकता है। आरोपितों ने यह दलील दी कि यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा खतरे में हो सकती है, और इस आधार पर उन्होंने ट्रायल स्थान बदलने की मांग की थी।
अदालत का फैसला:
सुनवाई के दौरान जेल प्रशासन ने आरोपितों के सुरक्षा तर्कों को खारिज करते हुए अदालत को बताया कि पेशी के दौरान किसी प्रकार की सुरक्षा या लॉजिस्टिक समस्या नहीं है। साथ ही, यह भी बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी पेशी की व्यवस्था उपलब्ध है, और आवश्यकता होने पर आरोपितों को दंतेवाड़ा जेल में शिफ्ट भी किया जा सकता है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने इस याचिका को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया और कहा कि सुरक्षा के आधार पर ट्रायल की प्रक्रिया और स्थान को प्रभावित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले का ट्रायल अब दंतेवाड़ा जिला एवं सत्र न्यायालय में ही जारी रहेगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले में सभी आरोपितों को आगामी 4 मई 2026 को दंतेवाड़ा जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया जाएगा।
हत्या का मास्टरमाइंड:
हत्या के मामले में मुख्य आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर था, जिसने अपने अन्य भाइयों और सहयोगियों के साथ मिलकर मुकेश चंद्राकर की हत्या की योजना बनाई। इसके बाद शव को छिपाने के लिए उसे चट्टानपारा स्थित बाड़े के सेप्टिक टैंक में डाल दिया गया। हालांकि, मुकेश के पत्रकार साथियों ने उसकी लाश ढूंढ निकाली और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियारों को भी बरामद किया, और इस कांड में सुरेश चंद्राकर सहित अन्य आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है।
निष्कर्ष:
इस फैसले ने यह स्पष्ट कर दिया कि न्याय की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की रुकावट नहीं आएगी और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए ट्रायल को प्रभावी तरीके से चलाया जाएगा। इस मामले में अब यह देखना होगा कि न्यायालय किस प्रकार के फैसले तक पहुंचता है और आरोपी किस तरह से अपनी दोषी स्थिति से निपटते हैं।
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