पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में बड़ा एक्शन! मुख्य आरोपी के अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर

Harrison Masih | Sept 08, 2025, 18:44 IST
Share
mukesh-chandrakar-journalist-murder-accused-bulldozer-action the sootr
mukesh-chandrakar-journalist-murder-accused-bulldozer-action the sootr

बीजापुर में पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में प्रशासन ने मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर के अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई की। मुकेश की हत्या क्यों हुई थी, जानें पूरा मामला...

Journalist Mukesh Chandrakar murder case:छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड से जुड़े मामले में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। सोमवार, 8 सितंबर को हत्याकांड के मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर के अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई राजस्व विभाग और नगर पालिका की टीम ने की।

हत्या स्थल पर चली बुलडोजर की कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक, सुरेश चंद्राकर के चट्टान पारा स्थित बाड़े में ही मुकेश चंद्राकर की बेरहमी से हत्या की गई थी। आरोपियों ने हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए बाड़े के सेप्टिक टैंक में फेंक दिया और ढक्कन पर कंक्रीट डालकर सबूत मिटाने की कोशिश की।

क्राइम सीन के तहत इस जगह को पहले सील किया गया था। सोमवार को प्रशासन ने यहां बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिया।

ये खबर भी पढ़ें... पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के आरोपी ठेकेदार को हाईकोर्ट से झटका, याचिका खारिज

मुकेश चंद्राकर की निर्भीक पत्रकारिता बनी हत्या की वजह

गौरतलब है कि मुकेश चंद्राकर ने बीजापुर जिले की गंगालूर-मिरतुर सड़क निर्माण परियोजना में हो रहे भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की पोल खोली थी। यह खुलासा ही उनकी हत्या का कारण बना।

1 जनवरी की रात से लापता रहे मुकेश का शव 3 जनवरी को सुरेश चंद्राकर के मजदूरों के लिए बनाए गए बाड़े के सेप्टिक टैंक से बरामद हुआ। इस मामले में सुरेश चंद्राकर, उसके भाइयों रितेश और दिनेश चंद्राकर तथा सुपरवाइज़र महेंद्र रामटेके को गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी सुरेश को पुलिस ने हैदराबाद से पकड़ा।

ये खबर भी पढ़ें... PWD के 5 बड़े अफसर गिरफ्तार, इसी गड़बड़ी के लिए हुई थी पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या

73 करोड़ की सड़क परियोजना सवालों के घेरे में

जांच के दौरान नेलसनार-कोड़ोली-मिरतुर-गंगालूर सड़क परियोजना से जुड़ी अनियमितताएं सामने आईं। यह परियोजना 2010 में 73.08 करोड़ रूपए की लागत से मंजूर हुई थी।

SIT की जांच में खुलासा हुआ कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से परियोजना में भारी भ्रष्टाचार हुआ। मुकेश ने अपने वीडियो पोर्टल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए इस भ्रष्टाचार की परतें खोलकर सबके सामने रखीं।

ये खबर भी पढ़ें... पत्रकार मुकेश चंद्राकर के नाम 50000 रुपए फैलोशिप..ठेकेदार ने ली थी जान

पत्रकार मुकेश चंद्राकर केस क्या है?


  1. हत्या का कारण:
    मुकेश चंद्राकर की हत्या बीजापुर में गंगालूर-मिरतुर सड़क परियोजना में हो रहे भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण को उजागर करने के कारण की गई थी।
  2. मुख्य आरोपी:
    मुख्य आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर है। उसके साथ उसके भाई रितेश और दिनेश, तथा सुपरवाइज़र महेंद्र रामटेके भी इस मामले में गिरफ्तार हैं।
  3. हत्या की वारदात:
    मुकेश का शव सुरेश के बाड़े के सेप्टिक टैंक में फेंका गया और ढक्कन पर कंक्रीट डालकर छुपाया गया। प्रशासन ने बाद में अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई की।
  4. भ्रष्टाचार का खुलासा:
    जांच में खुलासा हुआ कि सड़क निर्माण परियोजना (73 करोड़ की लागत वाली) में घटिया निर्माण और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत हुई थी।
  5. साहसिक पत्रकारिता और समाज सेवा:
    मुकेश नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में साहसिक और निर्भीक पत्रकारिता करते थे। उन्होंने माओवादियों की कैद में सुरक्षाकर्मियों की रिहाई सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभाई थी।

नक्सल क्षेत्र में निडर पत्रकारिता का प्रतीक थे मुकेश

मुकेश चंद्राकर सिर्फ एक पत्रकार नहीं, बल्कि नक्सल प्रभावित इलाकों की आवाज़ थे। उन्होंने नक्सल हमलों से लेकर भ्रष्टाचार तक कई गंभीर मुद्दों को उजागर किया। अप्रैल 2021 में टकलगुड़ा नक्सली हमले के दौरान जब कोबरा कमांडो राकेश्वर सिंह मन्हास माओवादियों की कैद में थे, तब मुकेश ने उनकी रिहाई सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभाई थी।

उनकी निडर रिपोर्टिंग ठेकेदारों और भ्रष्ट अधिकारियों के लिए चुनौती बन गई थी, जिसकी भारी कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।

ये खबर भी पढ़ें... बीजापुर पत्रकार हत्याकांड : SIT ने पेश की 1200 पेज की चार्जशीट

लोकतंत्र और पत्रकारिता के लिए गहरी क्षति

मुकेश चंद्राकर की निर्मम हत्या न सिर्फ एक पत्रकार की, बल्कि सत्य और लोकतंत्र की आवाज़ की हत्या है। यह घटना नक्सल प्रभावित इलाकों में पत्रकारिता की चुनौतियों और खतरों को उजागर करती है। प्रशासनिक कार्रवाई से यह संकेत मिला है कि पत्रकारिता को दबाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

Tags:
  • पत्रकार मुकेश चंद्राकर
  • journalist Mukesh Chandrakar murder case
  • मुकेश चंद्राकर हत्याकांड
  • बीजापुर पत्रकार हत्याकांड
  • ठेकेदार सुरेश चंद्राकर
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती