नारायणपुर में भारी बारिश से जनजीवन बेहाल, दो बच्चियां बही, एक का मिला शव
समझें क्या है पूरा मामला
28 और 29 जुलाई को नारायणपुर में मूसलाधार बारिश हुई। इससे पूरे जिले में जलभराव की स्थिति बन गई। अबूझमाड़ के कई दुर्गम इलाके पानी में डूब गए। ब्रेहबेड़ा गांव में जलप्रलय से 18 मकान बह गए। हादसे में दो बच्चियां बही, एक का शव मिला।
बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में भारी बारिश हुई है। दो दिनों की बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जिले में चारों तरफ जलभराव की गंभीर स्थिति है। सबसे ज्यादा नुकसान अबूझमाड़ के इलाकों में हुआ है। पहाड़ों से आए पानी ने भीषण तबाही मचाई है।
ब्रेहबेड़ा गांव में आधी रात आया सैलाब
अबूझमाड़ के ब्रेहबेड़ा गांव में 29 जुलाई की रात सैलाब आ गया। रात 10 बजे से पानी का स्तर बढ़ने लगा था। तड़के 3 बजे पानी का बहाव बेहद तेज हो गया। तेज बहाव ने पूरे गांव को अपनी चपेट में ले लिया। गांव के करीब 18 घर पूरी तरह तबाह हो गए।
कई कच्चे-पक्के मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गए। प्रशासन ने नक्सल मुक्त अभियान के बाद ये आवास बनाए थे। लेकिन कुदरत के कहर के आगे ये टिक नहीं सके।ग्रामीणों का सारा सामान पानी में बहकर नष्ट हो गया। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
पिता के हाथ से छूटी मासूमों की उंगलियां
जान बचाने के लिए एक परिवार ऊंचे स्थान की ओर भागा। इसी दौरान पिता के हाथों से दो बच्चियों का हाथ छूट गया। दोनों मासूम पानी के प्रचंड बहाव में बह गईं। रेस्क्यू टीम को एक बच्ची का शव मिल गया है। दूसरी बच्ची की तलाश अभी भी लगातार जारी है।
इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो चुका है। ग्रामीण उस खौफनाक रात को याद कर सिहर उठते हैं। हर घर में सिर्फ दुख और सन्नाटा दिखाई दे रहा है। लोग अब भी सदमे से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।
गांव में राहत और बचाव कार्य शुरू
सड़कों से पानी उतरने के बाद राहत दल वहां पहुंचा। आपदा प्रबंधन की टीम रेस्क्यू में जुटी हुई है। ग्रामीणों को जरूरी राशन और कंबल बांटे जा रहे हैं। दैनिक उपयोग की सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन की टीम मौके पर लगातार पैनी नजर रख रही है।
बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मुस्तैद कर दी गई है। गांवों में बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। अधिकारी स्थिति का जायजा लगातार ले रहे हैं। पीड़ितों को हर संभव मदद देने का वादा किया गया है।
नारायणपुर का यह इलाका बेहद दुर्गम माना जाता है। यहां तक पहुंचने में रेस्क्यू टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पानी कम होने के बाद ही मदद पहुंचाई जा सकी। प्रशासन अब नुकसान का आकलन करने में लगा हुआ है। प्रभावितों के लिए मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
FAQ
- नारायणपुर में बाढ़ की घटना कब और कहां हुई?
उत्तर: नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ स्थित ग्राम ब्रेहबेड़ा में 28 और 29 जुलाई की मूसलाधार बारिश के बाद जलप्रलय की स्थिति बनी। - नारायणपुर में बाढ़ हादसे में कितना नुकसान हुआ है?
उत्तर: गांव के लगभग 17 से 18 मकान पानी में बह गए। साथ ही दो बच्चियां बह गईं, जिनमें से एक का शव मिला है। - बाढ़ हादसे में राहत और बचाव कार्य के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
उत्तर: जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन (SDRF – State Disaster Response Force) की टीमें राशन, कंबल और जरूरी सामान बांट रही हैं।
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