बस्तर में आदिवासी समाज का फरमान: चंदा दो, परंपरा निभाओ... नहीं तो बाहर जाओ

VINAY VERMA | Jun 30, 2026, 13:52 IST
बस्तर में धर्मांतरण विवाद 2026
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के खड़का गांव में धर्मांतरण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आदिवासी समाज और धर्मांतरित परिवारों के बीच तनाव इतना बढ़ गया कि दो परिवारों को गांव छोड़ने का फरमान सुनाया गया और उनके घरों से सामान बाहर निकाल दिया गया।

Narayanpur. बस्तर में धर्मांतरण का विवाद एक बार फिर भड़क गया है। नारायणपुर के भरण्डा गांव के बाद अब खड़का गांव विवाद का शुरु हो गया है। आदिवासी समाज और धर्मांतरित परिवार आमने-सामने हैं। मामला इतना बढ़ गया कि दो परिवारों को गांव छोड़ने का फरमान सुना दिया गया। उनके घरों से सामान भी बाहर निकाल दिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है।



गांव से बाहर करने की कोशिश

खड़का गांव में ईसाई धर्म अपनाने वाले दो परिवारों पर दबाव बनाया गया। ग्रामीणों ने उनके घरों का सामान बाहर निकाल दिया। गांव में बड़ी संख्या में लोग जुट गए। विवाद बढ़ता देख प्रशासन भी हरकत में आया। हालात बिगड़ने की आशंका के बीच गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।



चंदे से शुरू हुआ, परंपरा तक पहुंचा विवाद

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में रहने वाले हर परिवार के लिए एक जैसे नियम हैं। सभी लोग सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में चंदा देते हैं। आदिवासी देवी-देवताओं की पूजा में भी शामिल होते हैं। उनका कहना है कि धर्मांतरित परिवार भी गांव के नियमों का पालन करें। केवल गांव में रहने के अधिकार की बात नहीं हो सकती। सामाजिक जिम्मेदारियां भी निभानी होंगी।



धर्मांतरण विवाद


धर्मांतरित परिवारों ने रखी अपनी शर्त

दूसरी ओर, प्रभावित परिवारों का अलग पक्ष है। उनका कहना है कि वे गांव के सामाजिक कार्यों के लिए साल में एक बार चंदा देने को तैयार हैं। लेकिन वे आदिवासी देवी-देवताओं की पूजा या पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन नहीं करेंगे। इसी बात पर विवाद गहराता चला गया। दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर अड़े हुए हैं।



भरण्डा के बाद दूसरा बड़ा विवाद

नारायणपुर जिले में यह कुछ ही दिनों के भीतर धर्मांतरण से जुड़ा दूसरा बड़ा मामला है। इससे पहले भरण्डा गांव में भी इसी तरह का विवाद सामने आया था। अब खड़का गांव में भी हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पूरे मामले पर स्थानीय प्रशासन की नजर बनी हुई है।



पुलिस ने संभाला मोर्चा

तनाव को देखते हुए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस किसी भी अप्रिय घटना को रोकने की कोशिश कर रही है। प्रशासन दोनों पक्षों से बातचीत भी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी। पूरे मामले की जांच की जा रही है। हालात सामान्य बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।



बस्तर में फिर बहस के केंद्र में धर्मांतरण

खड़का गांव की घटना ने बस्तर में धर्मांतरण और आदिवासी परंपराओं की बहस को फिर तेज कर दिया है। एक पक्ष इसे गांव की परंपरा और सामाजिक व्यवस्था का सवाल बता रहा है। दूसरा पक्ष धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार बता रहा है। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती शांति बनाए रखने और कानून के दायरे में समाधान निकालने की है।



ये खबरें भी पढ़ें...

नारायणपुर धर्मांतरण विवाद: 26 परिवारों को गांव से निकाला, इस शर्त पर हुई वापसी



छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण विवाद: बजरंग दल पर अश्लील हरकत का आरोप,महिला आयोग ने एसपी को लिखा पत्र



रायगढ़: पति ने हिंदू पत्नी पर बनाया धर्मांतरण का दबाव, बेटे से लगवाए पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे



छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण पर अब सरकार सख्त : शीतकालीन सत्र में आएगा धर्मांतरण संशोधन विधेयक, देना होगा 60 दिन का नोटिस





Tags:
  • बस्तर
  • छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण
  • छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण विवाद
  • narayanpur
  • धर्मांतरण विवाद