पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कोहकाटोला के जंगलों में नक्सलियों का कैंप ध्वस्त
NEWS IN SHORT
- कोहकाटोला के जंगलों में सर्चिंग ऑपरेशन शरू
- सर्चिंग की टीम ने नक्सलियों कैंप किया ध्वस्त
- मौके से हथियार समेत दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद
- पुलिस की घेराबंदी से घबराकर नक्सली फरार
- सक्रीय नक्सलीयों पर कई धाराओं के तहत अपराध दर्ज
NEWS IN DETAIL
Rajnandgaon : छत्तीसगढ़ के नवगठित जिले मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त सुरक्षा बलों ने कोहकाटोला के घने जंगलों में चलाए गए सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों के एक अस्थायी कैंप को ध्वस्त कर दिया। पुलिस की दबिश के बाद हथियारबंद नक्सली अपने हथियार और अन्य सामान छोड़कर जंगल में फरार हो गए। मौके से एक इंसास राइफल, मैगजीन, जिंदा कारतूस सहित दैनिक उपयोग की कई सामग्री बरामद की गई है।
यह कार्रवाई राजनांदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक बालाजी राव के मार्गदर्शन और जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वायपी सिंह के नेतृत्व में की गई। इस अभियान में जिला पुलिस बल, छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स (CAF) और जिला रिजर्व गार्ड (DRG) की संयुक्त टीम शामिल थी। अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में नक्सलियों की सक्रियता की सूचना मिलने के बाद संयुक्त बल को ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया था।
घेराबंदी कर किया सर्चिंग अभियान
पुलिस को 15 मार्च को मुखबिर से सूचना मिली थी कि थाना औंधी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोहकाटोला के जंगल में 4 से 5 हथियारबंद नक्सली डेरा जमाए हुए हैं और किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल रणनीति तैयार की और संयुक्त टीम को इलाके की ओर रवाना किया। टीम ने जंगल में पहुंचकर चारों तरफ से घेराबंदी करते हुए सर्चिंग अभियान शुरू किया।
घेराबंदी के दौरान नक्सलियों को पुलिस की मौजूदगी का आभास हो गया। इसके बाद उन्होंने पहाड़ी और घने जंगल का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की। सुरक्षा बलों ने उनका पीछा भी किया, लेकिन जंगल का लाभ उठाकर नक्सली वहां से फरार हो गए। हालांकि भागते समय वे अपने कई सामान मौके पर ही छोड़ गए।
नक्सली ठिकाने से सामग्री जब्त
सर्चिंग के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से एक इंसास राइफल (बॉडी नंबर 16799802), एक मैगजीन और 15 जिंदा कारतूस बरामद किए। इसके अलावा पावर बैंक, दवाइयां, बैग, खाद्य सामग्री तथा अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री भी जब्त की गई। पुलिस का मानना है कि यह स्थान नक्सलियों का अस्थायी ठिकाना था, जहां वे रुककर गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।
आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों ने दी कई जानकारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद इंसास राइफल का उपयोग महिला नक्सली कमांडर हिड़मे मरकाम द्वारा किया जाता था। यह जानकारी आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से पूछताछ के दौरान सामने आई है। जांच में यह भी पता चला है कि यह राइफल वर्ष 2010 में कांकेर जिले के दुर्गकोंडल थाना क्षेत्र के ग्राम भुस्की से नक्सलियों द्वारा लूटी गई थी।
सक्रिय नक्सलियों के खिलाफ अपराध दर्ज
इस मामले में पुलिस ने सक्रिय नक्सली राजे, मंगेश, हिड़मे और अन्य अज्ञात नक्सलियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया है। इनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि अधिनियम यानी यूएपीए (UAPA) की धारा 10, 13, 18, 20 और 38(1)(2) के साथ ही आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
जिला होगा अब नक्सल मुक्त
पुलिस ने बताया कि फरार नक्सलियों की तलाश के लिए पूरे इलाके में सर्चिंग ऑपरेशन जारी कर दिया गया है। सुरक्षा बल लगातार जंगलों में गश्त कर रहे हैं और संभावित ठिकानों की तलाशी ली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिले को नक्सल मुक्त बनाने के उद्देश्य से ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे।
आगे क्या
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी और किसी भी स्थिति में क्षेत्र की शांति व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। पुलिस का दावा है कि लगातार चल रहे अभियानों के कारण क्षेत्र में नक्सलियों की गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा रहा है।
निष्कर्ष
कोहकाटोला के जंगल में लगातार नक्सल विरोधी अभियान चलाये जा रहे है। इसी के तहत नक्सलियों का कैंप ध्वस्त होना और इंसास राइफल सहित अन्य सामग्री का बरामद होना सुरक्षा बलों के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक क्षेत्र पूरी तरह नक्सल मुक्त नहीं हो जाता, तब तक ऐसे अभियान निरंतर जारी रहेंगे।
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