भूपेश बघेल सरकार ने माओवादी आतंक को संरक्षण दिया, शाह बोले- 31 मार्च से पहले देश पूरी तरह नक्सल मुक्त होगा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भूपेश बघेल सरकार पर माओवादी आतंक को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि 31 मार्च तक देश पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो जाएगा।

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Arun Tiwari
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Amit Shah

RAIPUR : केंद्रीय गृह अमित शाह ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर बड़ा हमला बोला। रायपुर में ऑर्गनाइजर के कॉनक्लेव में उन्होंने कहा कि मैं भूपेश बघेल के समय भी केंद्रीय गृह मंत्री रहा था। मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ यह कह सकता हूं कि बघेल सरकार ने माओवादी आतंक को प्रश्रय दिया था। मैं समझ नहीं पाता हूं कि कैसे कोई शासन किसी हथियारबंद समूह को संरक्षण दे सकता है। 

छत्तीसगढ़ विकास के रास्ते पर 

शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल स्वयं विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, बल्कि यह नए भारत के लिए शुभंकर सिद्ध होगा। छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर विकसित भारत @2047 की दिशा में एक मजबूत स्तंभ बनकर उभर रहा है। 

गृह मंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ केवल एक नारा नहीं, बल्कि विचार, विचारधारा और सुशासन से निकली हुई 25 वर्षों की यात्रा का परिणाम है।  

शाह ने कहा कि जब छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड के लिए आंदोलन चल रहे थे, तब देश में कांग्रेस की सरकार थी। तब कहा जाता था कि इतने छोटे राज्य कैसे टिकेंगे, इनके पास संसाधन कहां से आएंगे और क्या ये विकास कर पाएंगे। 

उस समय छत्तीसगढ़ भोपाल से 500 किलोमीटर से अधिक दूर था। संयुक्त मध्यप्रदेश की भौगोलिक और प्रशासनिक संरचना ऐसी थी कि इस क्षेत्र के साथ न्याय होना कठिन था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी तत्कालीन मुख्यमंत्री की असफलता नहीं थी, बल्कि संरचना ही ऐसी थी कि एक ही प्रशासनिक इकाई से इसे संभालना संभव नहीं था।

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शाह ने गिनाए विकास के आंकड़े 

शाह ने कहा कि राज्य के वार्षिक बजट में 25 वर्षों में 30 गुना वृद्धि हुई है। प्रति व्यक्ति आय 17 गुना बढ़ी है और सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 25 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। 

शाह ने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति को मापने वाले 16 के 16 संकेतकों में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय सुधार किया है। छत्तीसगढ़ में सिंचाई क्षमता दोगुनी हुई है। खरीफ फसलों के उत्पादन में तीन गुना और रबी फसलों के उत्पादन में लगभग छह गुना वृद्धि दर्ज की गई है। 

स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र जिला अस्पतालों की संख्या 7 से बढ़कर 30 हो गई है। मेडिकल कॉलेज 1 से बढ़कर 16 हो गए हैं और आंगनबाड़ी भवनों में 18 गुना वृद्धि हुई है। कुपोषण से होने वाली मृत्यु दर 61 से घटकर 15, मातृ मृत्यु दर 365 से घटकर 146 और शिशु मृत्यु दर 79 से घटकर 37 रह गई है। 

छत्तीसगढ़ में साक्षरता दर 65 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हो गई है। एक भी एकलव्य आवासीय विद्यालय नहीं था, आज 75 संचालित हो रहे हैं और छात्रावासों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या तीन गुना बढ़ी है। उन्होंने कहा कि देश में यदि सबसे अच्छा आदिवासी कल्याण किसी राज्य ने किया है, तो वह छत्तीसगढ़ है। 

शाह ने कहा कि सरकार किसी पर गोली नहीं चलाना चाहती, हथियार डालने वालों के लिए रेड कारपेट बिछा है और आदिवासी युवाओं से अपील की कि वे आत्मसमर्पण करें और मुख्यधारा में लौटें। उन्होंने कहा कि 31 मार्च से पहले देश नक्सलवाद से मुक्त होगा। 

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वामपंथी उग्रवाद पर सुरक्षा समीक्षा बैठक 

अमित शाह ने रायपुर में वामपंथी उग्रवाद पर सुरक्षा समीक्षा बैठक की। साथ ही, गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ में विभिन्न विकास कार्यों पर भी एक समीक्षा बैठक की। इन बैठकों में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप-मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव, IB के निदेशक, गृह मंत्रालय के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा), छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), सीमा सुरक्षा बल (BSF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक तथा छत्तीसगढ़, तेलंगाना, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र के गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक उपस्थित थे।

बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केन्द्र और छत्तीसगढ़ सरकार की सुरक्षा केन्द्रित रणनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर, नक्सल फाइनेंशियल नेटवर्क पर प्रहार व आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम आए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी 31 मार्च से पहले नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो रहा है।

शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ कभी नक्सली हिंसा का गढ़ था, लेकिन अब विकास का पर्याय बन चुका है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा खेल, फॉरेंसिक और तकनीकी शिक्षा को गति देते हुए अपनी संस्कृति व परंपराओं को भी सहेज रहे हैं।

शाह ने कहा कि डबल इंजन सरकार देश से माओवाद की समस्या को पूरी तरह समाप्त करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में नक्सलवाद अंत के कगार पर पहुंच चुका है।

31 मार्च 2026 से पहले देश पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो जाएगा। गृह मंत्री ने कहा कि कई पीढ़ियों को गरीबी और अशिक्षा के अंधकार में धकेलने वाले नक्सलवाद से देश जल्द ही निजात पाने वाला है। 

शाह ने कहा कि माओवादियों के खिलाफ चल रही लड़ाई बिखरी हुई नहीं होनी चाहिए। विभिन्न राज्यों और केन्द्रीय एजेंसियों के बीच सुचारू समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि शेष बचे माओवादियों को अन्य राज्यों में भागने नहीं दिया जाना चाहिए।

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