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News in Short
- मध्य प्रदेश अब पूरी तरह नक्सल मुक्त राज्य बन गया।
- बालाघाट जिले में मुख्यमंत्री मोहन यादव की उपस्थिति में भव्य समारोह आयोजित हुआ।
- 60 पुलिस जवानों को नक्सल विरोधी अभियानों में साहस दिखाने पर सम्मानित किया गया।
- मुख्यमंत्री ने 100 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण किया।
- बालाघाट और मंडला जिले में नक्सलवाद के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई से स्थिति बदली।
News in Detail
मध्यप्रदेश अब पूरी तरह नक्सल मुक्त राज्य बन गया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में बालाघाट जिले में भव्य समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव को सम्मानित किया गया। नक्सल विरोधी अभियानों में साहस दिखाने वाले 60 पुलिस जवानों को पदोन्नति देकर सम्मानित किया गया।
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विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को बालाघाट जिले में पुलिस पदोन्नति अलंकरण समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने 100 करोड़ रुपए से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इन कार्यों का उद्देश्य क्षेत्र के समग्र विकास को गति देना है।
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मध्य प्रदेश में कोई नक्सली नहीं
सीएम मोहन यादव ने कहा कि वीर जवानों ने प्राणों की आहुति देकर असंभव को संभव किया। उन्होंने गर्व से कहा कि अब मध्य प्रदेश में कोई नक्सली नहीं है। यह उपलब्धि पुलिस बल के साहस, त्याग और संकल्प का परिणाम है।
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सीएम ने पुलिस को दी बधाई
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नक्सल विरोधी अभियानों पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया। बालाघाट जिले के पुलिस थानों और प्रतिष्ठानों को आईएसओ प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने पुलिस बल को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।
इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव का अभिनंदन किया। नक्सल मुक्त अभियान में साहस दिखाने वाले 60 पुलिस जवानों को पूर्व पदोन्नति देकर सम्मानित किया गया।
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कई नक्सली मुठभेड़ों में मारे गए
बालाघाट और मंडला जिले लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे हैं। ये जिले छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा से सटे हैं, जिससे नक्सलियों को सुरक्षित पनाहगाह मिली। तीन राज्यों की सीमा का फायदा उठाकर नक्सली गतिविधियां चलाते थे। हालांकि, मध्य प्रदेश पुलिस की सख्त कार्रवाई से हालात बदले। कई नक्सली मुठभेड़ों में मारे गए और कई ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का रास्ता चुना।
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