छात्रा की जान लेने वाली मंत्री के ओएसडी की पत्नी पर नहीं बना हिट एंड रन का केस, सीसीटीवी फुटेज और पीएम रिपोर्ट लेने दर दर भटक रहे बच्ची के माता पिता
Arun Tiwari | Sept 10, 2024, 17:11 IST
No hit and run case filed against minister's OSD's wife who killed the student
श्रेष्ठा की मौत को एक महीने से ज्यादा का वक्त हो चुका है लेकिन न तो उनको सीसीटीवी फुटेज मिले हैं और न ही पोस्ट मार्टम की रिपोर्ट। यहां तक की कार की टक्कर मारने वाली शिखा अग्रवाल पर हिट एंड रन का केस दर्ज किया गया है।
एक्सीडेंट में जान गंवाने वाली 21 साल की श्रेष्ठा के माता पिता इंसाफ के लिए दर दर भटक रहे हैं। श्रेष्ठा की मौत को एक महीने से ज्यादा का वक्त हो चुका है लेकिन न तो उनको सीसीटीवी फुटेज मिले हैं और न ही पोस्ट मार्टम की रिपोर्ट। यहां तक की कार की टक्कर मारने वाली शिखा अग्रवाल पर हिट एंड रन का केस दर्ज किया गया है।
इसका कारण हैं शिखा अग्रवाल राज्य प्रशासनिक सेवा के उस अफसर की पत्नी हैं जो वन मंत्री केदार कश्यप के ओएसडी हैं। मेडम अफसर की पत्नी थीं तो छात्रा को टक्कर मारकर घर चलीं आईं। कुछ देर बार पुलिस ने खानापूर्ति कर आधे घंटे में ही थाने से जमानत दे दी। 10 सितंबर को श्रेष्ठा का जन्मदिन है और अपनी बेटी के जन्मदिन पर चॉकलेट बांटते हुए इंसाफ के लिए भटक रहे हैं।
21 साल के श्रेष्ठा के पिता आभास सतपथी की आंखे डबडबाई हुई हैं, वे रुंधे गले से कह रहे हैं कि श्रेष्ठा उनकी 21 साल की उम्मीद थी एक पल में उम्मीद ही खत्म हो गई। अपनी बेटी की तस्वीर लिए माता,पिता और दो भाई सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। आज 10 सितंबर को उनकी बेटी का जन्मदिन है।
जन्मदिन आने से पहले ही श्रेष्ठा इस दुनिया से चली गई। वे इंसाफ के लिए दर दर भटक रहे हैं। वे कहते हैँ तेलीबांधा पुलिस के जांच अधिकारी से बार बार गुहार लगाई गई फिर भी उनको पोस्ट मार्टम रिपोर्ट नहीं दी गई। जिस तरह से एक्सीडेंट करने वाले को जमानत दी गई और गाड़ी को छोड़ा गया इससे बहुत बड़ा संदेह पैदा हो रहा है। जांच को प्रभावित किया जा रहा है।
श्रेष्ठा की मौत रोड एक्सीडेंट में हुई। श्रेष्ठा 1 अगस्त को अपने पिता के लिए दवा लेने स्कूटी से निकली थी। तभी एरिना होटल के पास रांग साइड से आती हुई कार ने उसको टक्कर मार दी। कार का नंबर CG-14-MP -0686 था। ये कार चला रहीं थी शिखा अग्रवाल। शिखा अग्रवाल, वन मंत्री केदार कश्यप के ओएसडी संयुक्त कलेक्टर तीर्थराज अग्रवाल की पत्नी हैं।
शिखा टक्कर मारकर वहां से भाग गईं। शिखा अफसर की पत्नी थीं इसलिए पुलिस ने घर से गाड़ी ले ली और मेडम को आधे घंटे में थाने से जमानत देकर घर भेज दिया गया। पुलिस ने उन पर बीएनएस 106/1 धारा लगा दी। लेकिन मेडम के खिलाफ हिट एंड रन का केस नहीं बनाया। एक लापरवाही में नीट की परीक्षा पास कर एमबीबीएस में एडमिशन लेने की तैयारी कर रही श्रेष्ठा की जान चली गई। यदि उनकी बेटी को तत्काल अस्पताल में भर्ती करा दिया जाता तो उसकी जान बच सकती थी।
श्रेष्ठा की मां मधु कहतीं हैं कि नीट में अच्छी रैंक से पास हुई श्रेष्ठा के माता पिता इस बार उसका जन्मदिन भव्य मनाने की तैयारी कर रहे थे। इस जन्मदिन को उसकी डॉक्टरी के सेलीब्रेशन के रुप में भी मनाया जाना था। लेकिन इससे पहले ही श्रेष्ठा इस दुनिया से चली गई। अफसोस की बात ये भी है कि श्रेष्ठा के माता पिता को न तो एक्सीडेंट वाली जगह के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज दिखाए गए और न ही उनको पोस्ट मार्टम की रिपोर्ट मिली है। पीड़ित माता पिता की मांग है कि उनको ये सारे तथ्य उपलब्ध कराए जाएं और शिखा अग्रवाल पर हिट एंड रन का केस दर्ज हो।
पीड़ित माता पिता कहते हैँ कि टक्कर मारने वाली महिला बड़े अफसर और राजनीतिक ताल्लुकात वाली है इसलिए उन पर कार्रवाई नहीं हो रही है। वे सभी बड़े अफसरों से गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है। पुलिस कहती है कि शिखा अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। हैरानी की बात ये भी है शिखा अग्रवाल पर जुलाई में ही डेंजरस ड्राइविंग के लिए 2 हजार की पेनाल्टी लगाई गई थी। फिर भी पुलिस इस मामले को जिसमें एक लड़की की मौत होती है इतने हल्के में ले रही है। पिता की मांग है कि इस मामले की सीआईडी जांच कराई जाए और निष्पक्ष तरीके से कार्यवाही हो तभी उनको इंसाफ मिल पाएगा।
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इसका कारण हैं शिखा अग्रवाल राज्य प्रशासनिक सेवा के उस अफसर की पत्नी हैं जो वन मंत्री केदार कश्यप के ओएसडी हैं। मेडम अफसर की पत्नी थीं तो छात्रा को टक्कर मारकर घर चलीं आईं। कुछ देर बार पुलिस ने खानापूर्ति कर आधे घंटे में ही थाने से जमानत दे दी। 10 सितंबर को श्रेष्ठा का जन्मदिन है और अपनी बेटी के जन्मदिन पर चॉकलेट बांटते हुए इंसाफ के लिए भटक रहे हैं।
इंसाफ के लिए भटक रहे माता पिता
21 साल के श्रेष्ठा के पिता आभास सतपथी की आंखे डबडबाई हुई हैं, वे रुंधे गले से कह रहे हैं कि श्रेष्ठा उनकी 21 साल की उम्मीद थी एक पल में उम्मीद ही खत्म हो गई। अपनी बेटी की तस्वीर लिए माता,पिता और दो भाई सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। आज 10 सितंबर को उनकी बेटी का जन्मदिन है।
जन्मदिन आने से पहले ही श्रेष्ठा इस दुनिया से चली गई। वे इंसाफ के लिए दर दर भटक रहे हैं। वे कहते हैँ तेलीबांधा पुलिस के जांच अधिकारी से बार बार गुहार लगाई गई फिर भी उनको पोस्ट मार्टम रिपोर्ट नहीं दी गई। जिस तरह से एक्सीडेंट करने वाले को जमानत दी गई और गाड़ी को छोड़ा गया इससे बहुत बड़ा संदेह पैदा हो रहा है। जांच को प्रभावित किया जा रहा है।
अफसर की पत्नी ने ले ली जान
श्रेष्ठा की मौत रोड एक्सीडेंट में हुई। श्रेष्ठा 1 अगस्त को अपने पिता के लिए दवा लेने स्कूटी से निकली थी। तभी एरिना होटल के पास रांग साइड से आती हुई कार ने उसको टक्कर मार दी। कार का नंबर CG-14-MP -0686 था। ये कार चला रहीं थी शिखा अग्रवाल। शिखा अग्रवाल, वन मंत्री केदार कश्यप के ओएसडी संयुक्त कलेक्टर तीर्थराज अग्रवाल की पत्नी हैं।
शिखा टक्कर मारकर वहां से भाग गईं। शिखा अफसर की पत्नी थीं इसलिए पुलिस ने घर से गाड़ी ले ली और मेडम को आधे घंटे में थाने से जमानत देकर घर भेज दिया गया। पुलिस ने उन पर बीएनएस 106/1 धारा लगा दी। लेकिन मेडम के खिलाफ हिट एंड रन का केस नहीं बनाया। एक लापरवाही में नीट की परीक्षा पास कर एमबीबीएस में एडमिशन लेने की तैयारी कर रही श्रेष्ठा की जान चली गई। यदि उनकी बेटी को तत्काल अस्पताल में भर्ती करा दिया जाता तो उसकी जान बच सकती थी।
अफसर की पत्नी पर हिट एंड रन क्यों नहीं
श्रेष्ठा की मां मधु कहतीं हैं कि नीट में अच्छी रैंक से पास हुई श्रेष्ठा के माता पिता इस बार उसका जन्मदिन भव्य मनाने की तैयारी कर रहे थे। इस जन्मदिन को उसकी डॉक्टरी के सेलीब्रेशन के रुप में भी मनाया जाना था। लेकिन इससे पहले ही श्रेष्ठा इस दुनिया से चली गई। अफसोस की बात ये भी है कि श्रेष्ठा के माता पिता को न तो एक्सीडेंट वाली जगह के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज दिखाए गए और न ही उनको पोस्ट मार्टम की रिपोर्ट मिली है। पीड़ित माता पिता की मांग है कि उनको ये सारे तथ्य उपलब्ध कराए जाएं और शिखा अग्रवाल पर हिट एंड रन का केस दर्ज हो।
महिला अफसर की पत्नी इसलिए हो रही कोताही
पीड़ित माता पिता कहते हैँ कि टक्कर मारने वाली महिला बड़े अफसर और राजनीतिक ताल्लुकात वाली है इसलिए उन पर कार्रवाई नहीं हो रही है। वे सभी बड़े अफसरों से गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है। पुलिस कहती है कि शिखा अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। हैरानी की बात ये भी है शिखा अग्रवाल पर जुलाई में ही डेंजरस ड्राइविंग के लिए 2 हजार की पेनाल्टी लगाई गई थी। फिर भी पुलिस इस मामले को जिसमें एक लड़की की मौत होती है इतने हल्के में ले रही है। पिता की मांग है कि इस मामले की सीआईडी जांच कराई जाए और निष्पक्ष तरीके से कार्यवाही हो तभी उनको इंसाफ मिल पाएगा।
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