प्री-मानसून : 10 जिलों में 400 करोड़ का धान राम भरोसे

Umeshwari Baghel | Jun 06, 2026, 17:27 IST
Share
paddy-pre-monsoon-storage-update
paddy-pre-monsoon-storage-update

छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून बारिश शुरू होने से पहले लाखों क्विंटल धान खुले में पड़ा है। धमतरी में 6.20 लाख क्विंटल, बस्तर में 42 हजार टन और दुर्ग में 17 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव बाकी है। राजनांदगांव में मार्च तक शत-प्रतिशत उठाव हो चुका है।

NEWS IN SHORT

  • छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून बारिश के बीच लाखों क्विंटल धान खुला पड़ा
  • धमतरी में 6.20 लाख क्विंटल धान का उठाव अभी बाकी
  • बस्तर संभाग में करोड़ों रुपए का धान संग्रहण केंद्रों में फंसा
  • दुर्ग जिले में 17 हजार मीट्रिक टन धान खुले में सुरक्षित
  • किसानों का धान बारिश से बचाने प्रशासन ने किए सुरक्षा इंतजाम

NEWS IN DETAIL

Raipur। छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून की बारिश शुरू होने वाली है, लेकिन लाखों क्विंटल धान अभी भी सुरक्षित उठाव के इंतजार में खुले में पड़ा है। धमतरी जिले में अकेले 6.20 लाख क्विंटल धान संग्रहण केंद्रों में रखा है, जबकि बस्तर संभाग के सात जिले और दुर्ग-राजनांदगांव को मिलाकर लगभग 10 जिलों में 400 करोड़ रुपए से ज्यादा का धान अभी तक उठाया नहीं गया है।

रायपुर मौसम का खतरा और धान की सुरक्षा

संबंधित अधिकारियों का दावा है कि धान को छल्लियों और कैप कव्हर से ढंका गया है। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में धान खुले में रखा हुआ है। प्री-मानसून गतिविधियों के मद्देनज़र जिले के संग्रहण केंद्रों का जायजा लिया गया। ट्रकों के जरिए धान का उठाव जारी है और सुरक्षित रखने के उपाय किए गए हैं।

धमतरी में संग्रहण की स्थिति

धमतरी, धमतरी में धान के 4 बड़े कलेक्शन सेंटर हैं। जिला अधिकारी सुनील सिंह राजपूत के मुताबिक, जिले में अभी 6 लाख 20 हजार 127 क्विंटल धान का उठाव होना बाकी है, जबकि 15 लाख 66 हजार क्विंटल धान पहले ही मिलों में भेजा जा चुका है। राहत की बात यह है कि पिछले 10 सालों में यहाँ बारिश की वजह से धान खराब होने का कोई रिकॉर्ड नहीं रहा है।

बस्तर संभाग का हाल

जगदलपुर में अभी भी 42 हजार टन धान का उठाव बाकी है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर खरीदी के छह महीने बाद भी उठाव पूरा नहीं हुआ है। बस्तर संभाग में खरीदे गए धान का लगभग 79 प्रतिशत ही मिलर्स ने उठाया। अगर शेष धान लंबे समय तक खुले में रहेगा, तो नमी और फफूंद से गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

दुर्ग जिले में धान का स्थिति

भिलाई क्षेत्र के संग्रहण केंद्रों में 17 हजार मीट्रिक टन धान खुला पड़ा है। सेलूद, अरसनारा, कोड़िया और जेवरा-सिरसा में यह धान रखा गया है। प्रशासन ने 15 जून तक शेष धान का उठाव पूरा करने की योजना बनाई है। रोजाना 2 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव हो रहा है।

राजनांदगांव का मॉडल

राजनांदगांव जिले में खरीफ वर्ष 2025-26 के तहत 62 लाख क्विंटल धान खरीदा गया था। सवा लाख से अधिक किसानों से खरीदी का उठाव युद्ध स्तर पर मार्च महीने के अंतिम सप्ताह तक शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया। इसके लिए जिले के 81 से अधिक राइस मिलर्स से अनुबंध किया गया था।

331
331


टाइमलाइन

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26: धान खरीदी अभियान पूरा हुआ, बस्तर संभाग और अन्य जिलों में धान संग्रहित।

मार्च 2026: राजनांदगांव में शत-प्रतिशत धान का उठाव पूरा, 81 से अधिक राइस मिलर्स से अनुबंध।

अप्रैल-मई 2026: धमतरी, बस्तर, दुर्ग और अन्य जिलों में शेष धान संग्रहण केंद्रों में पड़ा रहा।

जून 2026 (15 जून तक): दुर्ग जिले में प्रशासन ने शेष धान का उठाव पूरा करने की तिथि तय की।

प्री-मानसून 2026: मौसम विभाग ने बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की, धान की सुरक्षा के उपाय किए गए।

विशेषज्ञों की चेतावनी

विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक खुले में पड़े धान में नमी, फफूंद, रंग परिवर्तन और वजन में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए प्रशासन और मिलर्स को शीघ्र उठाव सुनिश्चित करना जरूरी है।

FAQ

  1. धमतरी में अभी कितने क्विंटल धान शेष हैं?
    जिले में 6.20 लाख क्विंटल धान अभी भी संग्रहण केंद्रों में पड़ा है।
  2. बस्तर संभाग में धान का उठाव कितना हुआ?
    बस्तर संभाग में खरीदे गए धान का लगभग 79 प्रतिशत ही उठाया गया।
  3. दुर्ग जिले में धान सुरक्षा के उपाय क्या हैं?
    सभी संग्रहण केंद्रों में धान को कैप कव्हर से ढंका गया है और रोज 2 हजार मीट्रिक टन का उठाव जारी है।
  4. धान लंबे समय तक खुले में रहने पर क्या नुकसान हो सकता है?
    नमी, फफूंद, रंग परिवर्तन, वजन में कमी और गुणवत्ता गिरने का खतरा रहता है।
  5. शेष धान की अनुमानित कीमत कितनी है?
    धमतरी, बस्तर और दुर्ग में पड़े शेष धान का कुल मूल्य लगभग 400 करोड़ रुपए के आसपास आंका गया है।

यह खबरें भी पढ़े...

Pre-Monsoon Update : प्री-मानसून बारिश में ही नदी-नाले उफान पर... अलर्ट जारी

प्री-मानसून की एंट्री... द्रोणिका के एक्टिव होते ही होगी धमाकेदार बारिश

आज होगी साय कैबिनेट की बैठक, धान खरीदी की तारीख बढ़ाने पर लगेगी मुहर, सीएम साय ने दिए हैं संकेत

MP में आंधी-बारिश का अलर्ट, जयपुर में प्री-मानसून की एंट्री, जानें छत्तीसगढ़ में कब आएगा मानसून?

Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • धान खरीदी
  • धमतरी
  • बारिश
  • प्री-मानसून
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि