छत्तीसगढ़ में धान बीज की नई दरें ; बुवाई के समय किसानों की बढ़ी मुश्किलें

Aishwarya Dwivedi | Apr 28, 2026, 12:11 IST
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छत्तीसगढ़ में खरीफ फसलों की बुवाई के लिए बीज की उपलब्धता में देरी हो रही है, जिससे किसानों को मुश्किलें आ रही हैं। नई दरों के बाद वितरण प्रक्रिया शुरू हुई है।

NEWS IN SHORT

  • बीज वितरण में देरी से किसान परेशान हैं।
  • नई दरें घोषित, बीज महंगे हुए हैं।
  • किसानों को समितियों से बीज नहीं मिल पा रहे।
  • खरीफ सीजन की बुवाई में बाधा आ सकती है।
  • बीज निगम का दावा, वितरण जल्द सुचारु होगा।

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ में मानसून की आहट के साथ ही खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियां तेज हो गई हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर बीज की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। सीजन शुरू होने के तीन सप्ताह बाद भी कई जिलों में किसानों को समितियों से प्रमाणित बीज नहीं मिल पा रहा है। हालांकि, बीज निगम ने अब धान, सोयाबीन और अन्य प्रमुख फसलों की नई दरें घोषित कर दी हैं, लेकिन वितरण व्यवस्था को पटरी पर आने में अभी समय लग रहा है।



दरों के इंतजार में थमा था वितरण

पिछले कई दिनों से प्रदेश की विभिन्न सहकारी समितियों में बीज का स्टॉक तो पहुंच चुका था, लेकिन आधिकारिक रेट तय न होने के कारण प्रबंधक किसानों को बीज जारी नहीं कर पा रहे थे। इसके चलते दूर-दराज से आने वाले किसानों को हर दिन खाली हाथ लौटना पड़ रहा था। दरें जारी होने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ दिनों में वितरण सुचारु हो जाएगा।



धान और अन्य फसलों के दामों में उछाल

बीज निगम द्वारा जारी नई दरों ने किसानों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। इस वर्ष धान की सभी श्रेणियों—मोटा, पतला और सुगंधित—के दामों में 150 रुपए प्रति क्विंटल की सीधी वृद्धि की गई है। इसके अलावा, आधार बीज (Foundation Seed) की कीमत प्रमाणित बीज से 100 रुपए प्रति क्विंटल अधिक रखी गई है।



प्रमुख फसलों की नई दरें (प्रति क्विंटल):

New Rates for Major Crops


बुवाई प्रभावित होने की आशंका

छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन की शुरुआत में ही किसान आधार और प्रमाणित बीजों का भंडारण कर लेते हैं ताकि पहली बारिश के साथ ही बुवाई की जा सके। वितरण में हुई इस देरी के कारण उन्नत किस्म के बीजों की कमी हो सकती है, जिससे उत्पादन पर विपरीत असर पड़ने का डर है। बीज निगम के प्रबंधक संदीप सोनकर का कहना है कि अब दरें तय हो चुकी हैं और अगले कुछ दिनों के भीतर सभी समितियों में पर्याप्त स्टॉक पहुंचा दिया जाएगा।



निष्कर्ष

सरकार और बीज निगम का दावा है कि वितरण प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है, लेकिन किसानों के लिए समय सबसे महत्वपूर्ण है। यदि अगले 2-3 दिनों में बीज खेतों तक नहीं पहुंचा, तो खरीफ सीजन की पूरी चक्र प्रभावित हो सकती है। फिलहाल, किसान टकटकी लगाए सहकारी समितियां की ओर देख रहे हैं कि कब उन्हें उनकी मेहनत का आधार बीज प्राप्त होगा।



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