छत्तीसगढ़ निकाय-पंचायत चुनाव: 1228 पदों के लिए भाजपा-कांग्रेस ने झोंकी ताकत
Raipur. छत्तीसगढ़ में त्रिस्तरीय पंचायत और नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने अपने प्रचार अभियान को और तेज कर दिया है। इन चुनावों को सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा राजनीति का सेमीफाइनल माना जा रहा है।
राज्य में 1 जून को मतदान होना है, जबकि 4 जून को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे। नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसके बाद अब प्रत्याशी और दल मैदान में पूरी ताकत से जुट गए हैं।
1228 पदों पर होगा मतदान
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार इस चुनाव में कुल 1228 पदों पर मतदान कराया जाएगा। इनमें जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच और पंच पद शामिल हैं।
नगर निकायों में अध्यक्ष और पार्षद पदों के लिए भी मतदान होगा। बड़ी संख्या में पद होने के कारण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में चुनावी माहौल बेहद सक्रिय हो गया है।
चार नए नगर पंचायतों में पहली बार चुनाव
इस बार प्रदेश के चार नए नगर पंचायतों में पहली बार आम चुनाव हो रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। ये नगर पंचायतें हैं-
बम्हनीडीह (जांजगीर-चांपा)
शिवनंदनपुर (सरगुजा)
पलारी (बलौदाबाजार)
घुमका (राजनांदगांव)
इन क्षेत्रों में पहली बार स्थानीय निकायों का गठन होने से राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और नए नेतृत्व को लेकर मुकाबला दिलचस्प बन गया है।
सहसपुर लोहारा उपचुनाव बना हॉट सीट
कवर्धा जिले की सहसपुर लोहारा नगर पंचायत में अध्यक्ष पद का उपचुनाव इस बार सबसे ज्यादा चर्चा में है। पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के बाद पद खाली हुआ था, जिसके चलते यहां मुकाबला और भी रोचक हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने इस सीट को प्रतिष्ठा की लड़ाई बना दिया है और बड़े नेताओं को प्रचार में उतारा है।
भाजपा का 'डबल इंजन' पर फोकस
भाजपा इस चुनाव में केंद्र और राज्य सरकार की “डबल इंजन सरकार” की नीति को मुख्य मुद्दा बना रही है। पार्टी का दावा है कि इससे विकास कार्यों में तेजी आएगी। भाजपा ने अलग-अलग क्षेत्रों में वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है-
- बम्हनीडीह: हाउसिंग बोर्ड चेयरमैन अनुराग सिंह देव
- शिवनंदनपुर: जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष रजनीश सिंह
- पलारी: पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा
- सहसपुर लोहारा: एपेक्स बैंक अध्यक्ष केदार गुप्ता
पार्टी संगठन ने चुनावी रणनीति को मजबूत करने के लिए मंत्रियों और विधायकों को भी मैदान में उतारा है।
कांग्रेस ने स्थानीय नेतृत्व पर जताया भरोसा
कांग्रेस ने इस बार अलग से बड़े चुनाव प्रभारियों की बजाय स्थानीय विधायकों और जिला संगठन पदाधिकारियों पर भरोसा जताया है। जांजगीर-चांपा, सरगुजा, बलौदाबाजार और राजनांदगांव जिलों में कांग्रेस विधायक और संगठन के नेता प्रचार की कमान संभाल रहे हैं।
घुमका क्षेत्र में विधायक डोंगरगढ़ दलेश्वर साहू और पलारी में विधायक संगीता सिन्हा सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
विधानसभा चुनाव की तैयारी का सेमीफाइनल
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार ये चुनाव (Municipal elections) केवल स्थानीय निकायों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आने वाले विधानसभा चुनाव की दिशा भी तय कर सकते हैं। इन परिणामों से यह संकेत मिलेगा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद जनता का रुझान किस ओर है और कांग्रेस की जमीनी पकड़ कितनी मजबूत है।
चुनावी कार्यक्रम
नाम वापसी की अंतिम तिथि: 21 मई
मतदान: 1 जून
मतगणना व परिणाम: 4 जून
इन चुनावों के नतीजे छत्तीसगढ़ की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और दोनों प्रमुख दलों के लिए यह प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई है।
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