पेट्रोल-डीजल महंगा होते ही बढ़ी EV की डिमांड, 5 महीने में बिके हजारों इलेक्ट्रिक वाहन
पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब ऑटोमोबाइल बाजार में साफ दिखाई देने लगा है। ईंधन खर्च बढ़ने और कम रनिंग कॉस्ट के कारण लोग तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की ओर रुख कर रहे हैं। राजधानी रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक स्कूटर और कारों की मांग तेजी से बढ़ी है।
परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से मई 2026 तक सिर्फ रायपुर में ही 4,258 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और 780 इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर रजिस्टर्ड हुए हैं। शोरूम संचालकों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में EV की बिक्री में 30 से 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
पेट्रोल से परेशान लोग अब EV की ओर
लगातार महंगे हो रहे पेट्रोल-डीजल ने आम लोगों का मासिक बजट बिगाड़ दिया है। ऐसे में लोग अब ऐसे विकल्प तलाश रहे हैं जिनकी रनिंग कॉस्ट कम हो। यही वजह है कि इलेक्ट्रिक स्कूटर और कारों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स के अनुसार पेट्रोल वाहन की तुलना में इलेक्ट्रिक वाहन चलाने का खर्च बेहद कम आता है। यही कारण है कि नौकरीपेशा लोग, स्टूडेंट्स और डेली ट्रैवल करने वाले लोग अब EV को प्राथमिकता दे रहे हैं।
हर 10 में से 5 घरों तक पहुंची EV
शहर के ऑटो डीलर्स का कहना है कि पहले इलेक्ट्रिक वाहन को लेकर लोगों में संकोच था, लेकिन अब तेजी से मानसिकता बदल रही है। खासकर युवाओं और महिलाओं में इलेक्ट्रिक स्कूटर की डिमांड ज्यादा बढ़ी है।
शहर में अब लगभग हर 10 में से 5 घरों तक किसी न किसी रूप में EV पहुंच चुकी है। कम खर्च, आसान चार्जिंग और बढ़ती फ्यूल कीमतों ने लोगों को EV की ओर आकर्षित किया है।
5 महीने में 4 हजार से ज्यादा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिके
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से मई 2026 के बीच रायपुर में-
4,258 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर रजिस्टर्ड हुए
780 इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर खरीदे गए
सबसे ज्यादा डिमांड टीवीएस, बजाज और एथर जैसी कंपनियों के इलेक्ट्रिक स्कूटरों की रही। वहीं इलेक्ट्रिक कारों में टाटा मोटर्स के मॉडल लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं।
हर महीने बढ़ रही बिक्री
रजिस्ट्रेशन डेटा के मुताबिक जनवरी से मई के बीच EV की बिक्री लगातार बढ़ती रही-
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिक्री
जनवरी - 2821
फरवरी - 2600
मार्च - 4141
अप्रैल - 2516
मई - 2311
इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर बिक्री
जनवरी - 283
फरवरी - 280
मार्च - 383
अप्रैल - 327
मई - 223
हालांकि मई में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई, लेकिन कुल मिलाकर बाजार में EV की मांग मजबूत बनी हुई है।
पेट्रोल बनाम इलेक्ट्रिक
ऑटो एक्सपर्ट्स के मुताबिक रोजाना 40 किलोमीटर तक चलने वाले व्यक्ति का पेट्रोल खर्च हर महीने 3500 से 5000 रुपए तक पहुंच जाता है। वहीं इलेक्ट्रिक वाहन में यही खर्च लगभग 800 से 1200 रुपए के बीच रहता है।
यानी सालभर में पेट्रोल वाहन पर जहां करीब 45 हजार रुपए तक खर्च हो सकता है, वहीं इलेक्ट्रिक वाहन में यह खर्च 10 से 15 हजार रुपए के बीच सीमित रहता है।
शोरूम में पूछताछ बढ़ी, वेटिंग भी लंबी
ऑटो डीलर्स का कहना है कि जनवरी से पहले जहां रोजाना 10 से 12 लोग EV की जानकारी लेने पहुंचते थे, अब यह संख्या 100 के पार पहुंच चुकी है। कुछ लोकप्रिय मॉडल्स की वेटिंग भी बढ़ गई है। रायपुर में कई इलेक्ट्रिक स्कूटरों के लिए 1 से 2 महीने तक का इंतजार करना पड़ रहा है।
सरकार की नीतियों का भी असर
विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के अलावा सरकारी सब्सिडी, रोड टैक्स में राहत और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार ने भी EV (electric vehicles) बाजार को बढ़ावा दिया है। आने वाले समय में यदि ईंधन कीमतों में तेजी जारी रहती है तो इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री और तेजी से बढ़ सकती है।
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