ईवी की हरी प्लेट बनी मुसीबत, रात के अंधेरे में नहीं दिखते नंबर, उपाय सुझाने केंद्र से मांगी मदद
VINAY VERMA | Feb 16, 2026, 20:13 IST
Chhattisgarh traffic police ev green plate issue
छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक गाड़ियां (EV) अब कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए चिंता का नया विषय बन गई हैं। दिक्कत यह है कि हाईटेक कैमरों में रात के समय ईवी की हरे रंग की नंबर प्लेट स्पष्ट दिखाई नहीं देती।
NEWS IN SHORT
- ईवी गाड़ियां कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए सिरदर्द बन रही है।
- रात के समय अंधेरे में ईवी की हरे रंग की नंबर प्लेट स्पष्ट नहीं दिखाई देती है।
- गलत चालान के बाद तकनीकी पेच सुलझाने के लिए केंद्र से गुहार लगाई है।
- छत्तीसगढ़ में ईवी गाड़ियों की संख्या 1.50 लाख है।
- 2027 तक 15 प्रतिशत गाड़ियों की संख्या बढ़ाने पर काम।
NEWS IN DETAIL
रायपुर में गलत चालान के दर्जनों मामले सामने आ रहे हैं। जिसके चलते राज्य सरकार ने इस तकनीकी पेच को सुलझाने के लिए केंद्र सरकार से गुहार लगाई है। 2027 तक 15% ईवी (EV) का लक्ष्य रखने वाले राज्य के सामने अब एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। सवाल यह है कि भविष्य में 'ग्रीन मोबिलिटी' के साथ 'सुरक्षा' का तालमेल कैसे बैठाया जाए।
“मिक्स” हो जाती है हरी नेम प्लेट
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हरे रंग की प्लेट अंधेरे में आसपास के वातावरण में घुल-मिल जाती है। इस कारण कैमरों द्वारा वाहन का नंबर स्पष्ट रूप से कैप्चर नहीं हो पाता है। इसका असर ई-चालान प्रणाली पर भी पड़ रहा है। कई मामलों में नंबर गलत पढ़ा जा रहा है और निर्दोष वाहन मालिकों को चालान जारी हो रहा है।
रायपुर में सामने आए 38 मामले
भविष्य में बड़ी बन सकती है चुनौती
केंद्र तय करता है नंबर प्लेट का रंग
इस संबंध में राज्य सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराया है। साथ ही इस समस्या के समाधान के लिए दिशा-निर्देश मांगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि या तो नंबर प्लेट के रंग में संशोधन किया जाए या फिर ऐसी रिफ्लेक्टिव तकनीक अपनाई जाए जिससे रात में भी नंबर स्पष्ट दिखाई दे।
तेजी से बढ़ रही ईवी की संख्या
राज्य सरकार की ई-वाहन नीति के तहत एक बड़ा लक्ष्य तय किया गया है। इसके अनुसार 2027 तक नई पंजीकृत गाड़ियों में 15 प्रतिशत हिस्सेदारी ईवी (EV) की होगी। पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत को ध्यान में रखते हुए सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रही है।
ई-वाहन नीति के तहत प्रोत्साहन
तकनीकी सुधार की जरूरत
इससे ये सिस्टम कम रोशनी में भी वाहनों की सटीक पहचान कर सकें। फिलहाल राज्य सरकार केंद्र के जवाब का इंतजार कर रही हैं। यदि समय रहते आवश्यक संशोधन नहीं किए गए, तो ईवी की बढ़ती संख्या के साथ यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
क्यों आती है समस्या, जानिए कारण
नंबर प्लेट की 'रेट्रो-रिफ्लेक्टिव' कोटिंग रोशनी को बहुत फैलाती है। कैमरे के फ्लैश से प्लेट एक चमकता धब्बा बन जाती है। इससे कैमरे के सेंसर नंबर और बैकग्राउंड नहीं पहचान पाते। अंत में पूरी नंबर प्लेट धुंधली नजर आने लगती है। यही वजह है कि रात में नंबर पढ़ना मुश्किल होता है।
इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2025, छत्तीसगढ़ न्यूज
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