पीएम आवास योजना 2.0 के नियमों में बड़ा बदलाव

Umeshwari Baghel | Jun 12, 2026, 15:49 IST
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घर बनाने के लिए मिलेंगे एक्स्ट्रा पैसे
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छत्तीसगढ़ सरकार ने पीएम आवास योजना-शहरी 2.0 के बीएलसी घटक में नए निर्देश जारी किए हैं। अब लाभार्थियों को कुल 2.50 लाख रुपए का अनुदान चार चरणों में मिलेगा। निर्माण प्रगति के अनुसार फाउंडेशन, लिंटल, छत और पूरा कार्य पूरा होने पर किश्त दी जाएगी।

NEWS IN SHORT

  • छत्तीसगढ़ में पीएम आवास योजना-शहरी 2.0 के बीएलसी दिशा-निर्देश में संशोधन
  • चार चरणों में लाभार्थियों को मिलेगा कुल 2.50 लाख रुपए का अनुदान
  • तकनीकी निगरानी के लिए अधिकतम 6,150 रुपए प्रति आवास शुल्क तय
  • लाभार्थी परिवर्तन और राशि समायोजन पर पूरी तरह रोक
  • निर्देशों का उद्देश्य: पारदर्शी भुगतान और निर्माण गुणवत्ता सुनिश्चित करना

NEWS IN DETAIL

Raipur। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC) घटक के लिए दिशा-निर्देशों में बदलाव किया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी नगर निगम आयुक्तों और नगर पालिका व नगर पंचायतों के मुख्य अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं, ताकि अनुदान राशि वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी और चरणबद्ध रूप से सुनिश्चित हो सके। यह बदलाव योजना के क्रियान्वयन में जवाबदेही और निगरानी बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।

कुल अनुदान और चार चरणों में भुगतान

नई व्यवस्था के अनुसार, हितग्राही को कुल 2.50 लाख रुपए का केंद्रीय-राज्य अनुदान चार चरणों में दिया जाएगा। फाउंडेशन पूरा होने पर लाभार्थी को 1 लाख रुपए, लिंटल स्तर पर 50 हजार रुपए, छत निर्माण पर 50 हजार रुपए और निर्माण पूरा होने पर अंतिम किस्त 50 हजार रुपए के रूप में जारी की जाएगी। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के तहत अलग से 32,850 रुपए प्रदान किए जाएंगे। इस प्रकार कुल सहायता राशि 2,82,850 रुपए होगी।

तकनीकी निगरानी और शुल्क व्यवस्था

निर्देशों में कहा गया है कि वास्तुविद या इंजीनियर द्वारा भवन अनुज्ञा, मानचित्र अनुमोदन, चरणबद्ध निगरानी, जियो-टैगिंग और कार्य संपादन से जुड़े प्रत्येक प्रकरण के लिए अधिकतम 6,150 रुपए प्रति आवास का शुल्क मान्य होगा। यह राशि राज्य शहरी विकास अभिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी और योजना के क्रियान्वयन में निगरानी मजबूत होगी।

लाभार्थी परिवर्तन और राशि समायोजन पर रोक

विभाग ने स्पष्ट किया है कि भारत सरकार द्वारा स्वीकृत बेनिफिशियरी मैपिंग में किसी भी तरह का बदलाव स्वीकार नहीं होगा। जिस हितग्राही के लिए केंद्र या राज्य सरकार द्वारा किस्त स्वीकृत और जारी की गई है, राशि केवल उसी के खाते में हस्तांतरित की जाएगी। किसी अन्य लाभार्थी के खाते में राशि समायोजित या स्थानांतरित करना मान्य नहीं होगा।

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सीधे बैंक खाते में अनुदान

सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिया गया है कि वे एसएनए-स्पेश प्रणाली के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अनुदान राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर करें। संबंधित निर्माण चरण के लिए स्वीकृत राशि का उपयोग केवल उसी हितग्राही और उसी निर्माण स्तर के लिए किया जाएगा। यदि कोई हितग्राही जल्दी निर्माण पूरा करता है, तो अतिरिक्त राशि तभी जारी की जाएगी, जब संबंधित किस्त की राशि भारत सरकार से प्राप्त हो।

IMP FACT

कुल अनुदान: 2.50 लाख रुपए (केंद्र- राज्य)
भुगतान चरण: फाउंडेशन, लिंटल, छत, निर्माण पूरा होने पर किश्तें
अतिरिक्त राशि: मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना से 32,850 रुपए
तकनीकी शुल्क: 6,150 रुपए प्रति आवास (वास्तुविद/इंजीनियर)
लाभार्थी परिवर्तन: कोई समायोजन या बदलाव नहीं होगा
राशि हस्तांतरण: सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में
उद्देश्य: पारदर्शिता, जवाबदेही और निर्माण गुणवत्ता सुनिश्चित करना

योजना का महत्व और उद्देश्य

नए दिशा-निर्देशों का मुख्य उद्देश्य है कि पीएम आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत आवास निर्माण की प्रगति के अनुसार पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। इससे लाभार्थियों की पहचान में गड़बड़ी रोकने में मदद मिलेगी और अनुदान राशि सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंचेगी। योजना के क्रियान्वयन में जवाबदेही बढ़ेगी और निर्माण कार्य की निगरानी सशक्त होगी।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह पहल पारदर्शी और जवाबदेह शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हितग्राही अब चरणबद्ध भुगतान प्रणाली के तहत निर्माण कार्य के साथ-साथ अनुदान राशि प्राप्त करेंगे, जिससे गरीब और पात्र परिवारों को योजना के उद्देश्य के अनुरूप लाभ मिलेगा।

FAQ

  1. पीएम आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत कुल अनुदान कितना है?
    हितग्राही को केंद्र और राज्य सरकार से कुल 2.50 लाख रुपए चार चरणों में मिलेगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के तहत 32,850 रुपए अतिरिक्त मिलेंगे।
  2. भुगतान चरण और वितरण की प्रक्रिया क्या है?
    अनुदान राशि निर्माण की प्रगति के अनुसार चरणबद्ध रूप में दी जाएगी। फाउंडेशन, लिंटल, छत और निर्माण पूरा होने पर प्रत्येक चरण के लिए अलग-अलग किश्त जारी की जाएगी।
  3. क्या लाभार्थी बदलाव या राशि समायोजन संभव है?
    नहीं। भारत सरकार द्वारा स्वीकृत बेनिफिशियरी मैपिंग में किसी प्रकार का बदलाव या समायोजन नहीं किया जा सकता। राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जाएगी।

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