1 अगस्त से पावर कंपनी पूरी तरह डिजिटल, काम की रफ्तार बढ़ेगी, तय होगी जवाबदेही
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज ने 1 अगस्त से प्रदेश के सभी क्षेत्रीय और संभागीय कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली अनिवार्य कर दी है। इसके साथ ही विभागीय फाइलों का संचालन, अनुमोदन और पत्राचार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होगा। दावा है कि इससे काम की रफ्तार बढ़ेगी, जवाबदेही तय होगी और फाइलों के अटकने की गुंजाइश भी कम होगी।
800 दफ्तर ऑनलाइन
प्रदेशभर में पावर कंपनी के करीब 800 कार्यालय इस नई व्यवस्था से जुड़ चुके हैं। सभी कार्यालयों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाकर प्रशासनिक कामकाज को एकीकृत किया गया है। अब किसी फाइल की स्थिति ऑनलाइन देखी जा सकेगी और उसके निस्तारण पर भी लगातार नजर रखी जाएगी। इससे विभागीय निगरानी पहले से ज्यादा आसान होगी।
5 हजार आईडी तैयार
ई-ऑफिस के संचालन के लिए कंपनी ने अब तक करीब 5 हजार यूजर आईडी तैयार कर ली हैं। यानी लगभग हर अधिकारी और कर्मचारी को डिजिटल सिस्टम से जोड़ दिया गया है। नई व्यवस्था में नोटशीट तैयार करने से लेकर दस्तावेज अपलोड करने, अनुमोदन देने और पत्राचार तक हर प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इससे रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और दस्तावेज खोजने में भी समय नहीं लगेगा।
1200 कर्मचारियों की ट्रेनिंग
नई व्यवस्था लागू करने से पहले कंपनी ने पूरे जुलाई माह में बड़ा प्रशिक्षण अभियान चलाया। हर गुरुवार को दो पालियों में प्रशिक्षण आयोजित किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और प्रशिक्षण कक्षों के जरिए 1,200 से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजिटल फाइल संचालन, नोटशीट, दस्तावेज प्रबंधन और ऑनलाइन अनुमोदन की पूरी प्रक्रिया सिखाई गई। उद्देश्य यही रहा कि 1 अगस्त से व्यवस्था बिना किसी बाधा के शुरू हो सके।
पहले ही मिल चुके नतीजे
पावर कंपनी मुख्यालय में नवंबर 2025 से ई-ऑफिस लागू है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने का दावा किया गया है। ट्रांसमिशन कंपनी में अब तक 4,244 फाइलें और 21,728 आवक प्रकरण, डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी में 10,774 फाइलें तथा 22,764 आवक प्रकरण, जबकि जनरेशन कंपनी में 7,724 फाइलें और 32,791 आवक प्रकरण पूरी तरह डिजिटल माध्यम से दर्ज किए जा चुके हैं। यही अनुभव अब पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है।
पेपरलेस पर जोर
कंपनी का कहना है कि ई-ऑफिस लागू होने से कागज की खपत कम होगी और पेपरलेस कार्य संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। फाइलों के गुम होने, रिकॉर्ड ढूंढ़ने और अनावश्यक देरी जैसी समस्याओं पर भी अंकुश लगेगा। साथ ही हर कार्रवाई का डिजिटल रिकॉर्ड होने से पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों मजबूत होंगी।
अब बहाने नहीं चलेंगे
ई-ऑफिस लागू होने के बाद फाइल रुकी है या किस अधिकारी के पास लंबित है, यह जानकारी कुछ ही सेकंड में सामने होगी। ऐसे में फाइलों के लंबित रहने और "अभी तक आई नहीं" जैसे बहानों पर भी रोक लगेगी। पावर कंपनी का मानना है कि डिजिटल व्यवस्था से निर्णय प्रक्रिया तेज होगी, समय की बचत होगी और उपभोक्ताओं से जुड़े मामलों का निपटारा भी पहले की तुलना में ज्यादा तेजी से किया जा सकेगा।
FAQ
- ई-ऑफिस लागू होने से क्या बदलाव होंगे?
ई-ऑफिस के जरिए फाइल संचालन, अनुमोदन और विभागीय पत्राचार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होगा। इससे फाइल ट्रैकिंग आसान होगी, काम में तेजी आएगी और पारदर्शिता बढ़ेगी। - छत्तीसगढ़ में ई-ऑफिस प्रणाली कब से लागू हुई है?
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज ने 1 अगस्त से प्रदेश के सभी क्षेत्रीय और संभागीय कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली अनिवार्य कर दी है।
ये खबरें भी पढ़ें...
अब ई-ऑफिस प्रणाली पर ही करना होगा विभागों में सरकारी काम
CG में ई-ऑफिस सिस्टम, कागजों वाली फाइलों का झंझट खत्म, अब कम्प्यूटर पर एक क्लिक में हो रहा काम
CG DA Hike; कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले: छत्तीसगढ़ पावर कंपनी ने बढ़ाया महंगाई भत्ता
एमपी में डिजिटल नेटवर्क से जुड़ेंगे 149 टोल प्लाजा, गड़बड़ी पर लगेगी रोक