एमपी में डिजिटल नेटवर्क से जुड़ेंगे 149 टोल प्लाजा, गड़बड़ी पर लगेगी रोक
Jitendra Shrivastava | Jul 13, 2026, 22:53 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL मध्य प्रदेश के 149 टोल प्लाजा अब एक सुरक्षित डिजिटल नेटवर्क से जुड़ेंगे। एमपीआरडीसी ने भोपाल मुख्यालय से निगरानी के लिए टेंडर जारी किया है। इससे गड़बड़ियों पर तुरंत रोक लगेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
समझें क्या है पूरा मामला...
- एमपी के 149 टोल प्लाजा अब एक नेटवर्क से जुड़ेंगे।
- टोल प्लाजा में गड़बड़ी अब भोपाल से पकड़ी जाएगी।
- हाइटेक निगरानी से टोल संचालन होगा और पारदर्शी।
- ग्वालियर चंबल के 19 टोल प्लाजा भी होंगे शामिल।
- साढ़े तीन करोड़ की लागत से बदलेगा टोल सिस्टम।
क्या है नई व्यवस्था
सभी टोल प्लाजा को एमपीएलएस यानी मैनेज्ड मल्टी प्रोटोकाल लेबल स्विचिंग (Multi Protocol Label Switching) नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। यह नेटवर्क सीधे भोपाल मुख्यालय से जुड़ा रहेगा। इस पूरे काम पर 3.81 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
कैसे होगी निगरानी
हर टोल प्लाजा को समर्पित एमपीएलएस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। भोपाल मुख्यालय को हाई स्पीड नेटवर्क हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे प्रदेश के सभी टोल प्लाजा एक केंद्रीकृत डिजिटल नेटवर्क में आ जाएंगे।
toll plaza mpls network
पारदर्शिता और तेज समाधान
किसी भी टोल प्लाजा पर समस्या आने पर सूचना तुरंत कंट्रोल सेंटर को मिलेगी। इससे खराबी जल्दी पकड़ में आएगी और कम समय में ठीक हो सकेगी। टोल संचालन बाधित होने की आशंका भी कम हो जाएगी।
डेटा से मिलेगी मदद
अधिकारियों का मानना है कि इससे तकनीकी बाधाएं कम होंगी। टोल संचालन पहले से ज्यादा व्यवस्थित होगा। एमपीआरडीसी की सड़क परियोजनाओं की निगरानी भी अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगी।
कितने टोल प्लाजा शामिल
इंदौर के 9, जबलपुर के 10 और नर्मदापुरम के तीन टोल प्लाजा शामिल किए गए हैं। रीवा के 13, सागर के 15, शहडोल के नौ और उज्जैन के 23 टोल प्लाजा भी इस नेटवर्क का हिस्सा बनेंगे।
ग्वालियर डिवीजन के टोल प्लाजा
फूप, पलोथर, पगारा और फुटेरा टोल प्लाजा को भी इस प्रोजेक्ट में जोड़ा गया है। रतवई, चितोरा, धनेली, सौसा, मौ, मगरौनी और केरुआ टोल प्लाजा भी इस सूची में हैं।
FAQ
- एमपी के कितने टोल प्लाजा इस नेटवर्क से जुड़ेंगे
प्रदेश के कुल 149 टोल प्लाजा एक डिजिटल नेटवर्क से जुड़ेंगे। इसके लिए एमपीआरडीसी ने टेंडर जारी किया है। ग्वालियर चंबल अंचल के 19 टोल प्लाजा भी इसमें शामिल हैं। - इस प्रोजेक्ट पर कितना खर्च आएगा
इस पूरे प्रोजेक्ट पर 3.81 करोड़ रुपए की लागत आएगी। यह राशि नेटवर्क तैयार करने में खर्च होगी। भोपाल मुख्यालय को हाई स्पीड नेटवर्क हब बनाया जाएगा। - इस नई व्यवस्था से क्या फायदा होगा
टोल प्लाजा में गड़बड़ी की सूचना तुरंत भोपाल मुख्यालय पहुंचेगी। इससे टोल संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी। राजस्व निगरानी भी पहले से ज्यादा प्रभावी होगी।
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