पंजाब की गुत्थी सुलझाने भूपेश बघेल को दिल्ली बुलाया, हाईकमान को रिपोर्ट
पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश में बढ़ती गुटबाजी और नेताओं के बीच टकराव को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक दिल्ली में बुलाई है।
पंजाब कांग्रेस के प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी बैठक में शामिल होंगे, जहां वे पंजाब दौरे के दौरान विभिन्न नेताओं से हुई बातचीत और मौजूदा राजनीतिक हालात की विस्तृत रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान के सामने रखेंगे।
पंजाब कलह पर बैठक:
सूत्रों के मुताबिक बैठक में पंजाब कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रहेगी। माना जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी अपनी नाराजगी और संगठन से जुड़े मुद्दों को हाईकमान के सामने रख सकते हैं।
चन्नी गुट पहले भी प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की कार्यशैली और संगठनात्मक फैसलों पर सवाल उठाता रहा है।
ऐसे में दिल्ली की बैठक को पंजाब कांग्रेस की भविष्य की राजनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भूपेश सौंपेंगे रिपोर्ट :
पिछले कुछ दिनों में भूपेश बघेल ने चंडीगढ़ में कांग्रेस नेताओं, विधायकों, जिला अध्यक्षों और संगठन के अन्य पदाधिकारियों से अलग-अलग दौर की बैठकें की थीं।
इन बैठकों का उद्देश्य सभी पक्षों की राय जानना और संगठन में चल रहे मतभेदों को समझना था।
अब इन्हीं बैठकों के आधार पर तैयार रिपोर्ट हाईकमान को सौंपी जाएगी, जिसके बाद आगे की रणनीति तय होगी।
पंजाब में चन्नी पेंच:
कांग्रेस नेतृत्व की सबसे बड़ी चिंता यह है कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी किसी भी तरह की गुटबाजी से बाहर निकले।
पिछले विधानसभा चुनाव में भी अंदरूनी विवाद को कांग्रेस की हार का एक बड़ा कारण माना गया था।
इसलिए इस बार हाईकमान संगठन को मजबूत करने और सभी नेताओं को एक मंच पर लाने की कोशिश में जुटा हुआ है।
क्या दूर होगी गुटबाज़ी:
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दिल्ली में होने वाली बैठक केवल शिकायतें सुनने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि संगठनात्मक बदलाव, जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण और चुनावी तैयारियों पर भी चर्चा हो सकती है।
हालांकि अभी तक इस बात के संकेत नहीं हैं कि प्रदेश अध्यक्ष को बदला जाएगा, लेकिन सभी पक्षों को साथ लेकर चलने के लिए नए फार्मूले पर विचार संभव है।
हाईकमान के हाथ में फैसला:
उधर, भूपेश बघेल लगातार यह कहते रहे हैं कि पार्टी का अंतिम फैसला हाईकमान ही करेगा और सभी नेताओं को उसी निर्णय का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने यह भी दोहराया है कि उनका उद्देश्य किसी एक गुट का पक्ष लेना नहीं, बल्कि सभी नेताओं की बात सुनकर संगठन को मजबूत करना है।
अब सबकी नजरें दिल्ली की इस बैठक पर टिकी हैं। यदि हाईकमान नेताओं के बीच सहमति बनाने में सफल रहता है तो पंजाब कांग्रेस चुनाव से पहले एकजुट होकर मैदान में उतर सकती है। लेकिन यदि मतभेद दूर नहीं हुए तो इसका असर आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर भी पड़ सकता है।
ऐसे में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और शीर्ष नेतृत्व की यह बैठक पंजाब कांग्रेस की दिशा और दशा तय करने वाली साबित हो सकती है।
FAQ
- पंजाब कांग्रेस में क्या विवाद चल रहा है?
पंजाब कांग्रेस में मुख्य विवाद संगठनात्मक फैसलों, नेतृत्व की कार्यशैली और नेताओं के बीच बढ़ती गुटबाजी को लेकर है। कुछ वरिष्ठ नेता प्रदेश नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे हैं, जिसके चलते कांग्रेस हाईकमान ने मामले को सुलझाने के लिए दिल्ली में बैठक बुलाई है। - भूपेश बघेल पंजाब कांग्रेस की बैठक में क्या रिपोर्ट सौंपेंगे?
पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल अपने पंजाब दौरे के दौरान नेताओं, विधायकों और संगठन पदाधिकारियों से हुई बातचीत के आधार पर तैयार रिपोर्ट हाईकमान को सौंपेंगे।
ये खबरें भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ विधानसभा में भूपेश बघेल ने पूछे 89 सवाल, अमर अग्रवाल की परफॉर्मेंस जीरो
पंजाब चुनाव: राहुल स्वर्ण मंदिर पहुंचे, दलित-पिछड़े वर्ग के सहारे जीतने की जुगत
रमन सिंह के खिलाफ 5 बार आया अविश्वास प्रस्ताव, भूपेश सरकार के विरोध में 2 बार
यूथ कांग्रेस इलेक्शन बना दिग्गजों का चुनाव, भूपेश और देवेंद्र में सीधी टक्कर